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जीवों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची भक्ति
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खुटहन। सदगुरु माता रीता यादव ने कहा कि धर्म मनुष्य को आपस में जोड़ता है, तोड़ता नहीं। धर्म के बगैर मानव को जीवन में कल्याण नहीं मिल सकता है। ईश्वर में लीन होने वाला व्यक्ति इस संसार रूपी भवसागर से पार हो जाता है। चौरासी लाख योनियों में जन्म लेने के बाद मनुष्य का तन मिलता है। हम सब मेरा तेरा करने में पूरा जीवन बीता देते हैं। जबकि यह शरीर नश्वर है। क्षेत्र के इमामपुर गांव में चल रहे 17 वें निरंकारी संत समागम में सदगुरु ने भक्तों को मानव जीवन के रहस्य को बताया।
उन्होंने कहा कि सिर्फ मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे में ही ईश्वर का वास नहीं होता। वह प्रत्येक जीवों में निवास करता है। सभी जीवों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची भक्ति है। इस मौके पर अमित सोनी, सदगुरु सोनी, संतलाल, मुलायम, संदीप, राम बचन, डा. आरपी सिंह, आदि मौजूद रहे। संचालन शंकर दयाल मुखी ने किया। आयोजक शिव शंकर सेठ ने आभार प्रकट किया।
उन्होंने कहा कि सिर्फ मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे में ही ईश्वर का वास नहीं होता। वह प्रत्येक जीवों में निवास करता है। सभी जीवों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची भक्ति है। इस मौके पर अमित सोनी, सदगुरु सोनी, संतलाल, मुलायम, संदीप, राम बचन, डा. आरपी सिंह, आदि मौजूद रहे। संचालन शंकर दयाल मुखी ने किया। आयोजक शिव शंकर सेठ ने आभार प्रकट किया।
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