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Jaunpur News: पहले चरण में 110 विद्यालय मर्ज, 65 पर हो रहा विचार
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जौनपुर। जिले के करीब 175 परिषदीय स्कूलों में 50 से कम बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इन स्कूलों को बंद करने की तैयारी है। दो चरणों में यह कार्रवाई की जानी है। पहले चरण में 110 विद्यालयों का चयन कर इन्हें मर्ज कर दिया गया है। इन स्कूलों के बच्चों को पास के ही दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। इसके साथ ही इन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी इन स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। हालांकि शासन के निर्देश के क्रम में पहले चरण में कार्रवाई 30 जून तक हो जानी थी लेकिन अभी तक विभाग सूची ही तैयार कर रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग ने नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले उन परिषदीय स्कूलों को छांटने के आदेश दिए हैं, जहां पर बच्चों की संख्या 50 से कम है। ऐसे स्कूलों को उसी ग्राम पंचायत के एक स्कूल में शिफ्ट करने का आदेश जारी किया गया है। पहले जिले के करीब 500 विद्यालयों को मर्ज किया जाना था। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग ने जिला स्तर पर 2807 विद्यालयों में से ऐसे स्कूलों की छंटनी शुरू की तो, कई मानकों और बच्चों की सुविधा को देखते हुए सिर्फ 175 विद्यालयों को मर्ज करने का निर्णय लिया गया। पहले चरण में उन स्कूलों का चिह्नीकरण किया गया है, जहां बच्चों की संख्या 50 या फिर उससे कम है। विभाग ने जिले में 110 स्कूलों का चिह्नीकरण कर लिया है। ऐसे स्कूलों के बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। दूसरा चरण भी शुरू हो गया है। 65 विद्यालयों को मर्ज करने को लेकर अभी भी बेसिक शिक्षा विभाग विचार कर रहा है। बच्चों की समस्याओं को देखते हुए शिक्षकों और अभिभावकों से बातचीत की जा रही है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय जिलाधिकारी को लेना है।
विलय व्यवस्था का विरोध कर रहे शिक्षक संघ-50 से कम बच्चों वाले स्कूलों को बंद कर उनके बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट किए जाने का विरोध शुरू हो गया है। इसको लेकर विभिन्न शिक्षक संघ लगातार विरोध कर रहे हैं तथा जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंप रहे हैं।
मर्ज विद्यालयों में खोले जाएंगे प्री प्राइमरी स्कूल-प्री-प्राइमरी स्कूल को हिंदी में पूर्व-प्राथमिक विद्यालय कहते हैं। यह शिक्षा का एक स्तर है जो औपचारिक प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश करने से पहले बच्चों को दिया जाता है। आमतौर पर 3 से 6 साल की उम्र के बच्चों के लिए यह विद्यालय होते हैं। इसे प्री-स्कूल, नर्सरी स्कूल, या किंडरगार्टन भी कहा जाता है।
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जिले में कुल 175 विद्यालयों को विलय होना है। इनमें से 110 की सूची तैयार है, इन्हें जल्द ही विलय कर दिया जाएगा। शेष 65 को लेकर विचार हो रहा है। जिलाधिकारी के अंतिम निर्णय के बाद ही सूची अंतिम मानी जाएगी। - डाॅ. गोरखनाथ पटेल, बीएसए
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विलय व्यवस्था का विरोध कर रहे शिक्षक संघ-50 से कम बच्चों वाले स्कूलों को बंद कर उनके बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट किए जाने का विरोध शुरू हो गया है। इसको लेकर विभिन्न शिक्षक संघ लगातार विरोध कर रहे हैं तथा जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंप रहे हैं।
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मर्ज विद्यालयों में खोले जाएंगे प्री प्राइमरी स्कूल-प्री-प्राइमरी स्कूल को हिंदी में पूर्व-प्राथमिक विद्यालय कहते हैं। यह शिक्षा का एक स्तर है जो औपचारिक प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश करने से पहले बच्चों को दिया जाता है। आमतौर पर 3 से 6 साल की उम्र के बच्चों के लिए यह विद्यालय होते हैं। इसे प्री-स्कूल, नर्सरी स्कूल, या किंडरगार्टन भी कहा जाता है।
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जिले में कुल 175 विद्यालयों को विलय होना है। इनमें से 110 की सूची तैयार है, इन्हें जल्द ही विलय कर दिया जाएगा। शेष 65 को लेकर विचार हो रहा है। जिलाधिकारी के अंतिम निर्णय के बाद ही सूची अंतिम मानी जाएगी। - डाॅ. गोरखनाथ पटेल, बीएसए