{"_id":"5c8fe975bdec22764d26e69e","slug":"101552935285-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच गावों में हो रहा सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच गावों में हो रहा सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बरईपार। जिले के पांच गांवों में सामाजिक , आर्थिक सर्वेक्षण किया जा रहा है। राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण विभाग शाहगंज तहसील के बरा गांव सदर तहसील के ताहिरपुर व खासनपुर कस्बा, मछलीशहर तहसील के सकरा रामपुर व मछलीशहर में कृषि ऋण का किसानों के जीवन पर प्रभाव का आकलन किया जा रहा है।
भारत सरकार द्वारा कराए जा रहे इस सर्वेक्षण से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि कृषि लोन से किसानों के जीवन पर कितना फर्क पड़ा है। उनकी सामाजिक और आथिर्क परिवेश कितना बदलाव आया । इसका आंकड़ा इकट्ठा करके यह मंत्रालय सुधार के कार्यक्रमों को आयोजित करता है। यह भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियांवयन मंत्रालय द्वारा सर्वेक्षण करवाया जा रहा है। कनिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी आशुतोष मिश्रा एवं जय मोहन राणा ने बताया कि आजादी के बाद से ही सर्वेक्षण हो रहे है ।हर साल अलग अलग विषयों पर गावों की जानकारी सरकार तक पहुचाई जाती है ।यह 77 वां सर्वेक्षण चल रहा है। एक जनवरी से लेकर 31 दिसंबर 2019 तक हर महीने जिले के कुछ गांव सम्मिलित किए जाते हैं। जिसमें यह सर्वेक्षण किया जाता है और भारत सरकार को रिपोर्ट प्रेषित की जाती है ।इस सैंपल सर्वे के द्वारा सरकार और मंत्रालय यह जानने की कोशिश करता है कि सरकार की जो नीतियां गांव में लागू की जा रही हैं और उससे कुछ सुधार हो रहा है कि नहीं तथा उसमें सुधार की कितनी गुंजाइश है। उसी आधार पर योजनाएं बनाई जाती हैं। वर्तमान समय में कृषि और लोन के संबंध में सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण किया जा रहा है। जिसमें किसानों से बिंदुवार जानकारी इकट्ठा की जाती है । यह कार्य पूरे साल भर चलेगा।
भारत सरकार द्वारा कराए जा रहे इस सर्वेक्षण से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि कृषि लोन से किसानों के जीवन पर कितना फर्क पड़ा है। उनकी सामाजिक और आथिर्क परिवेश कितना बदलाव आया । इसका आंकड़ा इकट्ठा करके यह मंत्रालय सुधार के कार्यक्रमों को आयोजित करता है। यह भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियांवयन मंत्रालय द्वारा सर्वेक्षण करवाया जा रहा है। कनिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी आशुतोष मिश्रा एवं जय मोहन राणा ने बताया कि आजादी के बाद से ही सर्वेक्षण हो रहे है ।हर साल अलग अलग विषयों पर गावों की जानकारी सरकार तक पहुचाई जाती है ।यह 77 वां सर्वेक्षण चल रहा है। एक जनवरी से लेकर 31 दिसंबर 2019 तक हर महीने जिले के कुछ गांव सम्मिलित किए जाते हैं। जिसमें यह सर्वेक्षण किया जाता है और भारत सरकार को रिपोर्ट प्रेषित की जाती है ।इस सैंपल सर्वे के द्वारा सरकार और मंत्रालय यह जानने की कोशिश करता है कि सरकार की जो नीतियां गांव में लागू की जा रही हैं और उससे कुछ सुधार हो रहा है कि नहीं तथा उसमें सुधार की कितनी गुंजाइश है। उसी आधार पर योजनाएं बनाई जाती हैं। वर्तमान समय में कृषि और लोन के संबंध में सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण किया जा रहा है। जिसमें किसानों से बिंदुवार जानकारी इकट्ठा की जाती है । यह कार्य पूरे साल भर चलेगा।
विज्ञापन