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Jalaun News: छात्रा से छेड़खानी में युवक को पांच साल की कैद
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उरई। छात्रा से छेड़खानी और उसे धमकी देने के करीब छह वर्ष पुराने मामले में कोर्ट ने युवक को पांच साल की सजा सुनाई है। दोषी को चार हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
उरई कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी महिला ने 12 नवंबर 2019 को पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया गया था कि उसकी 17 वर्षीय पुत्री कक्षा 12 की छात्रा है। ज्ञानेंद्र उर्फ टाइगर आए दिन छात्रा का पीछा करता है और उसके साथ अश्लील व आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर परेशान करता है।
परिजनों ने आरोपी के घर पहुंचकर उसके माता-पिता से शिकायत भी की थी, लेकिन इसके बावजूद उसकी हरकतें बंद नहीं हुईं। आरोप के मुताबिक 11 नवंबर 2019 की शाम करीब सात बजे आरोपी छात्रा के घर पहुंचा और उसके साथ अभद्रता करने लगा। छात्रा के शोर मचाने पर उसके माता-पिता मौके पर पहुंचे तो आरोपी वहां से भाग गया। जाते समय उसने जान से मारने की धमकी भी दी।
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पुलिस ने मामले में छेड़खानी, पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान पीड़िता का बयान न्यायालय के समक्ष दर्ज कराया गया। पीड़िता ने बयान में बताया कि आरोपी स्कूल आते-जाते समय उसे परेशान करता था। घटना वाले दिन भी घर के दरवाजे पर उसका हाथ पकड़कर आपत्तिजनक बातें करने लगा था। शोर मचाने पर वह भाग गया और धमकी दी।
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादी समेत अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मंगलवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी ज्ञानेन्द्र उर्फ टाइगर को दोषी माना।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह ने आरोपी को पांच वर्ष के कारावास और चार हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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उरई कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी महिला ने 12 नवंबर 2019 को पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया गया था कि उसकी 17 वर्षीय पुत्री कक्षा 12 की छात्रा है। ज्ञानेंद्र उर्फ टाइगर आए दिन छात्रा का पीछा करता है और उसके साथ अश्लील व आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर परेशान करता है।
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परिजनों ने आरोपी के घर पहुंचकर उसके माता-पिता से शिकायत भी की थी, लेकिन इसके बावजूद उसकी हरकतें बंद नहीं हुईं। आरोप के मुताबिक 11 नवंबर 2019 की शाम करीब सात बजे आरोपी छात्रा के घर पहुंचा और उसके साथ अभद्रता करने लगा। छात्रा के शोर मचाने पर उसके माता-पिता मौके पर पहुंचे तो आरोपी वहां से भाग गया। जाते समय उसने जान से मारने की धमकी भी दी।
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पुलिस ने मामले में छेड़खानी, पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान पीड़िता का बयान न्यायालय के समक्ष दर्ज कराया गया। पीड़िता ने बयान में बताया कि आरोपी स्कूल आते-जाते समय उसे परेशान करता था। घटना वाले दिन भी घर के दरवाजे पर उसका हाथ पकड़कर आपत्तिजनक बातें करने लगा था। शोर मचाने पर वह भाग गया और धमकी दी।
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादी समेत अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मंगलवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी ज्ञानेन्द्र उर्फ टाइगर को दोषी माना।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह ने आरोपी को पांच वर्ष के कारावास और चार हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।