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Jalaun News: यमुना लाल निशान के पार, 12 गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूटा

Tue, 26 Aug 2025 02:17 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 26 Aug 2025 02:17 AM IST
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Yamuna crosses the red mark, 12 villages lose contact with the headquarters
फोटो 33- जान जोखिम में डालकर जौधर,रपटे, को पार करते हुए ग्रामीण। संवाद
कालपी। धौलपुर बांध से छोड़ गए पानी से यमुना व सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने का सिलसिला अभी खत्म नहीं हुआ है। सोमवार की शाम यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 108मीटर को पार कर 108.39 मीटर पर पहुंच गया है। जलस्तर प्रति घंटे पांच से छह सेंटीमीटर बढ़ रहा है। इससे तहसील मुख्यालय आने वाले लगभग 12 गांवों का संपर्क टूट गया है।
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लोगों कहना है कि अभी वह पुरानी हालातों से उबर नहीं पाए थे कि दोबारा से बाढ़ के हालात से नींद गायब है। अगर यही बना रहा तो फिर से घरों से बाहर निकलना पड़ेगा। रविवार की शाम से यमुना का जलस्तर बढ़ाना शुरू हो गया था, सोमवार की शाम चार बजे तक खतरे के निशान 108 मीटर से 39 सेंटीमीटर अधिक हो गया है। जल स्तर बढ़ने से यमुना के तटीय इलाकों में ग्रामीणों को भय व्याप्त हो गया है।
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पिछले महीने 28 जुलाई को यमुना का जलस्तर में निरंतर बढ़ना चालू हुआ तो जो खतरे के निशान से पांच मीटर ऊपर अधिक हो गया था। कई ग्रामों में यमुना का पानी घरों में पहुंच गया था और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था। किसानों की फसलें भी यमुना में डूब कर पूरी तरीके से बर्बाद हो गई थी। यमुना का जलस्तर फिर बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में खलबली मच गई है।
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वर्तमान में यमुना का जलस्तर 108.39 पर पहुंच गया है। इससे रायड,दिवारा, के ऊपर पानी आ जाने से वहां के लोगों का मुख्यालय सीधे संपर्क टूट गया है। साथ ही कीरतपुर, देवकली, मैनूपुर, गुढ़ा खास, नया पुरवा, शेखपुर गुढ़ा,धर्मपुर आदि का संपर्क टूट गया है। इन सभी ग्रामों को तहसील मुख्यालय आने के लिए 15 से 20 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि अगर इसी तरह यमुना का जलस्तर बढ़ता रहा तो रात तक यमुना के बाढ़ का पानी ग्रामों में प्रवेश कर सकता है।
क्षेत्रीय विधायक विनोद चतुर्वेदी ने मौके पर पहुंचकर यमुना के बढ़ते हुए जलस्तर की हकीकत को जाना। उन्होंने तहसील प्रशासन को निर्देश दिए कि यमुना के बढ़ते हुए जल स्तर से ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो।




जान जोखिम में डालकर कर रहे हैं रपटा पार
यमुना का जलस्तर बढ़ने से कई ग्रामों के रपटों के ऊपर पानी चलने लगा है। स्थानीय प्रशासन के द्वारा अभी तक वहां पर किसी तरह की पिकेट ड्यूटी नहीं लगाई गई है और न ही इन रपटों पर बेरिकेडिंग की गई है। इससे ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर बाइक व पैदल पानी में घुसकर रपटा, पार कर रहे हैं। इससे कभी भी कोई जनहानि हो सकती है। लेकिन प्रशासन का इस तरफ ध्यान नहीं है। प्रमुख रूप से रायड दिवारा,रपटा, जौंधर नाला रपटा पिपरौंधा रपटा, के ऊपर पानी आ गया है।




वर्जन
वर्तमान समय में यमुना का जलस्तर 108.39 सेंटीमीटर पर है। जो खतरे के निशान से 39 सेंटीमीटर अधिक चल रही है। रात तक यमुना का जलस्तर पांच से छह सेंटीमीटर प्रति घंटे तक बढ़ेगा। इसके बाद सुबह यमुना का जलस्तर स्थिर होने की संभावना है और 10 बजे के बाद यमुना के जल स्तर घटना शुरू हो सकता है।
मनोज कुमार, उप जिलाधिकारी, कालपी
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पहूज के बढ़ने कूसेपुरा गांव के लोग ऊंचे ढीलों पर पहुंचे

रामपुरा। दो दिनों से रामपुरा के अंतर्गत बहने वाली सिंध, पहूज व यमुना नदी के जलस्तर में एकाएक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्तमान में सभी नदिया तीव्र वेग से बढ़ती जा रही हैं।
पहूज नदी के बढ़ते जलस्तर से कूसेपुरा गांव पूरा खाली होने की कगार पर हैं। ग्रामीण अपनी जरूरत का सामान व पालतू जानवरों को साथ लेकर जंगल में ऊंचे टीलों पर पन्नी का तिरपाल लगाकर बस चुके हैं। पहूज नदी में आई बाढ़ से किशनपुरा, निनावली जागीर, कूसेपुरा, नरौल, कदमपुरा, मोहब्बतपुरा, कर्रा, जायघा, बढ़ेरा आदि गांवों का संपर्क रामपुरा से टूट चुका हैं। सिंध नदी की बाढ़ से डिकौली जागीर, बिल्हौड़, जखेता, हुकुमपुरा, सुल्तानपुरा जागीर, सिद्धपुरा, रिठौरा, मिर्जापुरा आदि गांवों का संपर्क टूट चुका है। यमुना की बाढ़ से भिटौरा, कंजौसा, हिम्मतपुर, हुसैपुरा, शिवगंज, गुढ़ा, बेरा आदि गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। रामपुरा क्षेत्र में बाढ़ को देखते रखते हुए एसडीआरएफ की टीमें लगा दी गई हैं। जो वोट के सहारे बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही है। एसडीएम राकेश सोनी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है निरंतर बाढ़ प्रभावित इलाकों पर निगरानी की जा रही है। (संवाद)
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