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खुले में शौच से मुक्त होंगे गांव-दमेले
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sat, 28 May 2016 11:25 PM IST
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ग्राम ईंगुई में लगी चौपाल में ग्रामीणों से बतियाते निदेशक पंचायती राज विभाग
- फोटो : अमर उजाला
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निदेशक पंचायती राज विभाग अनिल कुमार दमेले ने शनिवार को विकास खंड कोंच के ग्राम ईंगुई में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वीकृत शौचालयों की जमीनी हकीकत परखी। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से बनाए गए शौचालयों को देखा व ग्रामीणों को इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिए बधाई दी। इस दौरान उन्होंने गांव में चौपाल लगाकर कहा कि
विभाग खुले में शौच मुक्ति का सपना लेकर चला है। इसे ग्रामीणों की मदद से ही साकार किया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए सरकारी योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन कराएं। निदेशक अनिल कुमार ने वर्ष 2015-16 के इस लोहिया ग्राम में शौचालयों की स्थिति काफी बेहतर पाई। स्वीकृत 81 शौचालयों के
सापेक्ष 89 बने पाए गए। 542 की कुल आबादी वाले इस गांव में 7 इंदिरा आवास और 3 लोहिया आवास भी पूरे बने मिले। कुल 15 हैंडपंपों में 13 चालू जबकि दो रीबोर की स्थिति में मिले। ईगुई से लौटे निदेशक ने यहां नहर निरीक्षण भवन में पत्रकारों से बातचीत की। कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत विभाग का ड्रीम प्रोजेक्ट है ओडीएफ। इसका मकसद है
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गांवों को खुले में शौच करने से मुक्त बनाया जाए। इसके लिए स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में जहां पंचायत भवन नहीं हैं, वहां नए बनवाने व जहां पहले से बने हैं और टूट फूट गए हैं, उनकी रिपेयरिंग के लिए ग्राम प्रधानों के खातों में पैसा पहुंचाया गया है। इस दौरान डीडीओ आरएस गौतम, डीपीआरओ मोहम्मद
सरफराज आलम, पीडी चित्रसेन, बीडीओ गणेशप्रसाद, ग्राम विकास अधिकारी अश्विनीकुमार, लेखपाल अशोककुमार, कानूनगो राजेन्द्रकुमार वर्मा, एडीओ पंचायत नरेश दुवे, ग्राम प्रधान दयावती आदि मौजूद रहे।
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विभाग खुले में शौच मुक्ति का सपना लेकर चला है। इसे ग्रामीणों की मदद से ही साकार किया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए सरकारी योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन कराएं। निदेशक अनिल कुमार ने वर्ष 2015-16 के इस लोहिया ग्राम में शौचालयों की स्थिति काफी बेहतर पाई। स्वीकृत 81 शौचालयों के
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सापेक्ष 89 बने पाए गए। 542 की कुल आबादी वाले इस गांव में 7 इंदिरा आवास और 3 लोहिया आवास भी पूरे बने मिले। कुल 15 हैंडपंपों में 13 चालू जबकि दो रीबोर की स्थिति में मिले। ईगुई से लौटे निदेशक ने यहां नहर निरीक्षण भवन में पत्रकारों से बातचीत की। कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत विभाग का ड्रीम प्रोजेक्ट है ओडीएफ। इसका मकसद है
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गांवों को खुले में शौच करने से मुक्त बनाया जाए। इसके लिए स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में जहां पंचायत भवन नहीं हैं, वहां नए बनवाने व जहां पहले से बने हैं और टूट फूट गए हैं, उनकी रिपेयरिंग के लिए ग्राम प्रधानों के खातों में पैसा पहुंचाया गया है। इस दौरान डीडीओ आरएस गौतम, डीपीआरओ मोहम्मद
सरफराज आलम, पीडी चित्रसेन, बीडीओ गणेशप्रसाद, ग्राम विकास अधिकारी अश्विनीकुमार, लेखपाल अशोककुमार, कानूनगो राजेन्द्रकुमार वर्मा, एडीओ पंचायत नरेश दुवे, ग्राम प्रधान दयावती आदि मौजूद रहे।