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आयुर्वेदिक अस्पताल के चारों तरफ जलभराव, रास्ता भी नहीं
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कुसमिलिया का आयुर्वेदिक चिकित्सालय में जलभराव की स्थिति।
- फोटो : ORAI
मुहम्मदाबाद। डकोर ब्लॉक के ग्राम कुसमिलिया स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय मरीजों के लिए बेमकसद साबित हो रहा है।
अस्पताल परिसर में भरा बारिश का पानी अब तक नहीं निकाला जा सका है। इससे मरीजों को यहां आने में खासी परेशानी होती है।
लोग यह कहकर अस्पताल जाने से मना कर देते हैं कि यह अस्पताल खुद बीमार है, यहां इलाज कैसे होगा।
अस्पताल के चारों ओर पानी भरा होने के कारण अस्पताल में साफ सफाई भी नहीं हो पा रही है।
हालत यह है कि दूसरों को सफाई की नसीहत देने वाले चिकित्सक खुद गंदगी मेें काम करने को मजबूर हैं। अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ रामसिंह का कहना है कि अस्पताल में गंदगी और जलभराव की समस्या को लेकर कई बार अपने विभागीय अधिकारियों के साथ डकोर ब्लॉक के बीडीओ को भी लिखित और मौखिक रुप से अवगत करा चुके हैं।
वह बाउंड्रीवाल बनवाने की मांग कर चुके है लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं हो रहा हैं। डॉ रामसिंह बताते हैं कि वह दिव्यांग है, ऐसे में पानी भरे रास्ते में बमुश्किल अस्पताल तक आ पाते हैं।
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अस्पताल परिसर में भरा बारिश का पानी अब तक नहीं निकाला जा सका है। इससे मरीजों को यहां आने में खासी परेशानी होती है।
लोग यह कहकर अस्पताल जाने से मना कर देते हैं कि यह अस्पताल खुद बीमार है, यहां इलाज कैसे होगा।
अस्पताल के चारों ओर पानी भरा होने के कारण अस्पताल में साफ सफाई भी नहीं हो पा रही है।
हालत यह है कि दूसरों को सफाई की नसीहत देने वाले चिकित्सक खुद गंदगी मेें काम करने को मजबूर हैं। अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ रामसिंह का कहना है कि अस्पताल में गंदगी और जलभराव की समस्या को लेकर कई बार अपने विभागीय अधिकारियों के साथ डकोर ब्लॉक के बीडीओ को भी लिखित और मौखिक रुप से अवगत करा चुके हैं।
वह बाउंड्रीवाल बनवाने की मांग कर चुके है लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं हो रहा हैं। डॉ रामसिंह बताते हैं कि वह दिव्यांग है, ऐसे में पानी भरे रास्ते में बमुश्किल अस्पताल तक आ पाते हैं।
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