{"_id":"69f90e81c2accc7af20a6fd1","slug":"village-secretary-suspended-for-negligence-orai-news-c-224-1-ori1005-143802-2026-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: लापरवाही पर ग्राम सचिव निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: लापरवाही पर ग्राम सचिव निलंबित
विज्ञापन
उरई। शासन की योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही बरतना ग्राम सचिव पवन तिवारी को भारी पड़ गया। लगातार मिल रही शिकायतों, निरीक्षण में अनुपस्थिति और विकास कार्यों में उदासीनता सामने आने के बाद सीडीओ केके सिंह ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
पवन तिवारी जालौन विकासखंड की ग्राम पंचायत पहाड़पुरा और अकोड़ी दुबे में सचिव के पद पर तैनात थे। ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से आरोप लगाए जा रहे थे कि सचिव नियमित रूप से गांवों में नहीं पहुंचते हैं। इससे पंचायत स्तर के कई जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे थे। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की थी कि समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कहने के बावजूद सचिव गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
हाल ही में नोडल अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान भी सचिव पवन तिवारी अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर लापरवाही उजागर हुई। बताया गया कि गांवों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए पानी की टंकियों का नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा था। गर्मी के मौसम में पेयजल संकट की आशंका के बावजूद सचिव द्वारा आवश्यक व्यवस्थाओं की अनदेखी की गई।
विज्ञापन
इसके अलावा पेंशन योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों के सर्वे की रिपोर्ट भी समय पर नहीं भेजी गई। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन से संबंधित सर्वे लंबित रहने के कारण पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिलने में देरी हो रही थी। विभागीय अधिकारियों ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना।
ग्रामीणों का यह भी आरोप था कि सचिव का गांवों में आना-जाना बेहद कम था, जिससे विकास कार्यों की निगरानी प्रभावित हो रही थी। पंचायत स्तर पर सफाई, पेयजल, नाली निर्माण और अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में भी शिथिलता देखने को मिल रही थी। शिकायतों की संख्या बढ़ने के बाद मामले को उच्चाधिकारियों ने गंभीरता से लिया। निरीक्षण रिपोर्ट और शिकायतों के आधार पर सीडीओ केके सिंह ने सचिव पवन तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। सीडीओ ने बताया कि ग्राम सचिव की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच में शिकायतें सही पाईं जाने पर कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
पवन तिवारी जालौन विकासखंड की ग्राम पंचायत पहाड़पुरा और अकोड़ी दुबे में सचिव के पद पर तैनात थे। ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से आरोप लगाए जा रहे थे कि सचिव नियमित रूप से गांवों में नहीं पहुंचते हैं। इससे पंचायत स्तर के कई जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे थे। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की थी कि समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कहने के बावजूद सचिव गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
विज्ञापन
हाल ही में नोडल अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान भी सचिव पवन तिवारी अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर लापरवाही उजागर हुई। बताया गया कि गांवों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए पानी की टंकियों का नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा था। गर्मी के मौसम में पेयजल संकट की आशंका के बावजूद सचिव द्वारा आवश्यक व्यवस्थाओं की अनदेखी की गई।
विज्ञापन
इसके अलावा पेंशन योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों के सर्वे की रिपोर्ट भी समय पर नहीं भेजी गई। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन से संबंधित सर्वे लंबित रहने के कारण पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिलने में देरी हो रही थी। विभागीय अधिकारियों ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना।
ग्रामीणों का यह भी आरोप था कि सचिव का गांवों में आना-जाना बेहद कम था, जिससे विकास कार्यों की निगरानी प्रभावित हो रही थी। पंचायत स्तर पर सफाई, पेयजल, नाली निर्माण और अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में भी शिथिलता देखने को मिल रही थी। शिकायतों की संख्या बढ़ने के बाद मामले को उच्चाधिकारियों ने गंभीरता से लिया। निरीक्षण रिपोर्ट और शिकायतों के आधार पर सीडीओ केके सिंह ने सचिव पवन तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। सीडीओ ने बताया कि ग्राम सचिव की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच में शिकायतें सही पाईं जाने पर कार्रवाई की गई है।