{"_id":"6ade5a7795d92912050e49de","slug":"video-of-senior-female-students-using-abusive-language-towards-juniors-goes-viral-orai-news-c-224-1-ori1005-151652-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: सीनियर छात्राओं का जूनियरों से गाली-गलौज करते वीडियो वायरल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: सीनियर छात्राओं का जूनियरों से गाली-गलौज करते वीडियो वायरल
विज्ञापन
फोटो - 41रैगिंग होने पर सिर झुकाए खड़े जूनियर डॉक्टर। सोशल मीडिया
उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के आरोपों के बीच शनिवार को एक के बाद एक वीडियो वायरल हुए। देर रात सीनियर छात्राओं का भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें जूनियर छात्राएं सीनियर छात्राओं पर गाली-गलौज करने और कमरे से बाहर निकलने के लिए कहने का आरोप लगा रही हैं। छात्राओं का कहना है कि कॉलेज में आए अभी उन्हें 10 दिन ही हुए हैं, लेकिन उनके साथ अभद्रता की जा रही है। डर के कारण वे कमरे से बाहर निकलने से भी कतरा रही हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नाम न छापने की शर्त पर कुछ छात्राओं ने बताया कि सीनियर छात्राएं उनके साथ अभद्रता करती हैं और अनुचित टिप्पणियां करती हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित छात्राओं पर कार्रवाई नहीं की जाती। वीडियो सामने आने के बाद कॉलेज में रैगिंग रोकने के इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं।
जूनियर छात्रों का आरोप है कि उनके रहने के लिए अलग छात्रावास निर्धारित है, इसके बावजूद सीनियर छात्र वहां पहुंच जाते हैं और अभद्रता करते हैं। रास्ते में मिलने पर सिर झुकाकर चलने का दबाव बनाया जाता है। छात्रों का कहना है कि इस व्यवहार के कारण वे भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं। ऐसे में छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
सीनियर के सामने सिर नहीं झुकाया तो बढ़ी परेशानी
नाम न छापने की शर्त पर एक जूनियर छात्र ने बताया कि कुछ दिन पहले वह कॉलेज परिसर से गुजर रहा था। इसी दौरान एक सीनियर छात्र ने उसे रोककर पूछा कि जूनियर होने के बावजूद उसे सीनियर के सामने चलने का तरीका नहीं पता है। छात्र के मुताबिक, उसने सिर झुकाकर चलने से इन्कार कर दिया तो सीनियर नाराज हो गया। इसके बाद जूनियर छात्रों को परेशान किया जाने लगा।
छात्र का आरोप है कि उनसे कहा जाता है कि वे सीनियर छात्रों के सामने नजर उठाकर भी न देखें। उसने आशंका जताई कि यदि ऐसा ही माहौल बना रहा तो उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी। लगातार सामने आ रहे वीडियो और जूनियर छात्रों के आरोपों ने कॉलेज प्रशासन के सामने रैगिंग पर प्रभावी रोक लगाने की चुनौती खड़ी कर दी है। अब यह देखना अहम होगा कि शिकायतों की जांच कर जिम्मेदार छात्रों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
विज्ञापन
नाम न छापने की शर्त पर कुछ छात्राओं ने बताया कि सीनियर छात्राएं उनके साथ अभद्रता करती हैं और अनुचित टिप्पणियां करती हैं। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित छात्राओं पर कार्रवाई नहीं की जाती। वीडियो सामने आने के बाद कॉलेज में रैगिंग रोकने के इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं।
विज्ञापन
जूनियर छात्रों का आरोप है कि उनके रहने के लिए अलग छात्रावास निर्धारित है, इसके बावजूद सीनियर छात्र वहां पहुंच जाते हैं और अभद्रता करते हैं। रास्ते में मिलने पर सिर झुकाकर चलने का दबाव बनाया जाता है। छात्रों का कहना है कि इस व्यवहार के कारण वे भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं। ऐसे में छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
सीनियर के सामने सिर नहीं झुकाया तो बढ़ी परेशानी
नाम न छापने की शर्त पर एक जूनियर छात्र ने बताया कि कुछ दिन पहले वह कॉलेज परिसर से गुजर रहा था। इसी दौरान एक सीनियर छात्र ने उसे रोककर पूछा कि जूनियर होने के बावजूद उसे सीनियर के सामने चलने का तरीका नहीं पता है। छात्र के मुताबिक, उसने सिर झुकाकर चलने से इन्कार कर दिया तो सीनियर नाराज हो गया। इसके बाद जूनियर छात्रों को परेशान किया जाने लगा।
छात्र का आरोप है कि उनसे कहा जाता है कि वे सीनियर छात्रों के सामने नजर उठाकर भी न देखें। उसने आशंका जताई कि यदि ऐसा ही माहौल बना रहा तो उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी। लगातार सामने आ रहे वीडियो और जूनियर छात्रों के आरोपों ने कॉलेज प्रशासन के सामने रैगिंग पर प्रभावी रोक लगाने की चुनौती खड़ी कर दी है। अब यह देखना अहम होगा कि शिकायतों की जांच कर जिम्मेदार छात्रों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।