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Jalaun News: बेमौसम बारिश से खराब फसल को उठाने में चुकानी पड़ रही दोगुनी कीमत

Mon, 03 Nov 2025 01:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 03 Nov 2025 01:12 AM IST
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Unseasonal rains have cost the crop twice as much to recover
फोटो - 12 पानी में धान काटती चैन वाली मशीन। संवाद
मुहम्मदाबाद। बेमौसम बारिश ने अन्नदाताओं को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। खेतों में पानी में डूबी फसल को घर लाने में किसानों को दोगुनी रकम चुकानी पड़ रही है। कृषि यंत्र के संचालकों ने भी रेट बढ़ा दिए हैं। फसल निकालने के लिए पहले जिस मशीन का किराया तीन से साढ़े तीन हजार रुपये प्रति बीघा था अब उसके लिए पांच हजार रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।
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जिले में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की रीढ़ तोड़ दी है। खेतों में लगी धान की फसल को पहले किसान मजदूरों व हार्वेस्टर से कटवा लेते थे। अब खेतों में भरे पानी की वजह से मजदूर नहीं घुस पा रहे हैं। हार्वेस्टर भी कतराई नहीं कर पा रहा है। इससे किसानों को मजबूरी में चेन वाली मशीन से कटाई करवानी पड़ रही है। उस मशीन की खासियत यह है कि वह पानी में चलती है। पहली बार हुई बारिश में कुछ किसानों ने जब कतराई करवाई थी तो संचालक ने उनसे तीन हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से लिया था।
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दूसरी बारिश होने के बाद किसानों की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई। इसे घर लाने की जल्दी में किसान इस मशीन संचालक को अपने-अपने खेतों में ले जाने की कह रहे हैं। इसी का फायदा उठाकर संचालक उनसे अब पांच हजार रुपये प्रति बीघा वसूल रहा है। कुछ छोटे किसान अपने खेतों से पंप सेट की सहायता से पानी निकलवा रहे हैं, ताकि वह फसल को काट सकें।
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फोटो - 14 दिवाकर राजपूत।

मुहम्मदाबाद निवासी किसान दिवाकर राजपूत का कहना है कि अगर बारिश नहीं होती तो मजदूर से धान की कटाई करवा लेते। साथी ही हार्वेस्टर से भी कतराई हो सकती थी। खेतों में पानी भरा होने के चलते मजदूर अंदर नहीं जा पा रहे हैं। इससे पांच हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से मजबूरी में देना पड़ रहा है।





फोटो - 15 कपिल

कुठौंदा गांव निवासी किसान कपिल का कहना है कि इस बार धान की फसल बहुत अच्छी थी। एक सप्ताह में पूरे क्षेत्र की कटाई हो जाती, लेकिन बारिश ने अरमानों पर पानी फेर दिया है। लग रहा था इस बार धान की फसल बहुत अच्छी होगी। दूसरी खेती में सहयोग मिलेगा लेकिन यह कुदरत को मंजूर नहीं था। तैयार फसल को बर्बाद कर दिया है। कुछ राहत मिल जाए, तो बात बने।

फोटो - 12 पानी में धान काटती चैन वाली मशीन। संवाद

फोटो - 12 पानी में धान काटती चैन वाली मशीन। संवाद

फोटो - 12 पानी में धान काटती चैन वाली मशीन। संवाद

फोटो - 12 पानी में धान काटती चैन वाली मशीन। संवाद

फोटो - 12 पानी में धान काटती चैन वाली मशीन। संवाद

फोटो - 12 पानी में धान काटती चैन वाली मशीन। संवाद

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