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टोल का अस्पताल दे चुका, कई घायलों को नया जीवन
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एट टोल प्लाजा केअस्पताल के बाहर खड़ी एंबुलेंस
- फोटो : ORAI
एट। क्षेत्र के हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में घायल लोगों के लिए टोल पर खोला गया अस्पताल संजीवनी साबित हो रहा है। यहां के कर्मचारियों की मुस्तैदी से अब तक सैकड़ों लोगों की जान बचाई जा चुकी है। सूचना मिलते ही अस्पताल की टीम घायलों को तत्काल इलाज मुहैया कराकर उन्हें जरूरत के हिसाब से एंबुलेंस से उरई या झांसी अस्पतालों में भर्ती कराती है। आंकड़ों के अनुसार, पांच साल से खुले इस अस्पताल के माध्यम से करीब 700 गंभीर घायलों की जान बचाई जा चुकी है।
कानपुर-झांसी हाईवे एनएच 27 पर बनाए एट टोल प्लाजा पर ठेका लेने वाली कंपनी की ओर से एक छोटा सा अस्पताल भी स्थापित किया गया है। टोल की जिम्मेदारी संभालने वाली पाथ इंडिया कंपनी के चीफ परियोजना अधिकारी सुल्तान अहमद खान एवं एनएचआई के डायरेक्टर राजीव पाठक ने बताया कि आमतौर पर सड़क हादसे में घायल लोगों को तत्काल इलाज की जरूरत होती है।
इसे देखते हुए दो डॉक्टरों के साथ छोटा सा अस्पताल स्थापित किया गया। यहां से जुड़ी एंबुलेंस तुरंत ही घटनास्थल पहुंच जाती है और घायलों को टोल स्थित अस्पताल लाया जाता है। यहां मामूली घायल होने पर मरहम पट्टी कर घंटे दो घंटे बाद उसे घर पर भिजवाने की व्यवस्था की जाती है। यदि मरीज की हालत गंभीर देखते हैं तो एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल या झाँसी भेजकर उनकी जान बचाने का प्रयास किया जाता है।
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अस्पताल के डॉ. अफजल खान ने बताया की अब तक करीब 700 लगभग घायलों को समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा चुका है। अस्पताल और एंबुलेंस टोल प्लाजा के दोनों ओर से लगभग 60 किलोमीटर के हाईवे तक काम करते हैं। डॉ.अफजल खान कहते हैं, कि टोल की टीम सिर्फ हादसे की सूचना मिलते ही कुछ ही देर में एंबुलेंस के साथ घटना स्थल पर पहुंच जाती है। इलाज का सारा खर्च पाथ इंडिया कंपनी वहन करती है।
पाथ इंडिया कंपनी के चीफ परियोजना अधिकारी सुल्तान अहमद खान एवं डिप्टी टोल मैनेजर मतीन खान ने बताया कि टोल प्लाजा पर ही एक मेडिकल एंड पोस्ट भी बनाया गया है। कानपुर-झांसी हाईवे के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों को तबीयत बिगड़ने पर इस पोस्ट के माध्यम से डॉक्टरों की सलाह और उपलब्ध दवाएं दोनों का ही लाभ ले सकते हैं।
एट थानाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि झांसी कानपुर हाईवे एनएच 27 पर सड़क हादसों में घायलों के लिए राहगीरों को तुरंत ही मदद करनी चाहिए ताकि उनकी जान बचाई जा सके। इसके लिए हाईवे की एंबुलेंस 1033 या सरकारी एंबुलेंस 108 या स्थानीय पुलिस को सूचना भी दे सकते हैं। मदद करने वालों को पुलिस किसी भी तरह से परेशान नहीं करेगी, बल्कि घायलों की मदद करने वालों को पुलिस की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा
एट टोल के मैनेजर के के शुक्ला एवं टोल डा. अफजल खान ने बताया घायलों की मदद और हादसों की सूचना देने के लिए 7237999911 मोबाइल नंबर या हेल्पलाइन नंबर 1033 जारी किया गया है। इसके अलावा हाईवे पर जगह-जगह साइन बोर्ड पर ही उन नंबरों को अंकित कराया गया है। राहगीरों को भी मदद के लिए प्रेरित किया जाता है। ताकि किसी हादसे में घायल को तत्काल मदद मिल सके।
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कानपुर-झांसी हाईवे एनएच 27 पर बनाए एट टोल प्लाजा पर ठेका लेने वाली कंपनी की ओर से एक छोटा सा अस्पताल भी स्थापित किया गया है। टोल की जिम्मेदारी संभालने वाली पाथ इंडिया कंपनी के चीफ परियोजना अधिकारी सुल्तान अहमद खान एवं एनएचआई के डायरेक्टर राजीव पाठक ने बताया कि आमतौर पर सड़क हादसे में घायल लोगों को तत्काल इलाज की जरूरत होती है।
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इसे देखते हुए दो डॉक्टरों के साथ छोटा सा अस्पताल स्थापित किया गया। यहां से जुड़ी एंबुलेंस तुरंत ही घटनास्थल पहुंच जाती है और घायलों को टोल स्थित अस्पताल लाया जाता है। यहां मामूली घायल होने पर मरहम पट्टी कर घंटे दो घंटे बाद उसे घर पर भिजवाने की व्यवस्था की जाती है। यदि मरीज की हालत गंभीर देखते हैं तो एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल या झाँसी भेजकर उनकी जान बचाने का प्रयास किया जाता है।
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अस्पताल के डॉ. अफजल खान ने बताया की अब तक करीब 700 लगभग घायलों को समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा चुका है। अस्पताल और एंबुलेंस टोल प्लाजा के दोनों ओर से लगभग 60 किलोमीटर के हाईवे तक काम करते हैं। डॉ.अफजल खान कहते हैं, कि टोल की टीम सिर्फ हादसे की सूचना मिलते ही कुछ ही देर में एंबुलेंस के साथ घटना स्थल पर पहुंच जाती है। इलाज का सारा खर्च पाथ इंडिया कंपनी वहन करती है।
पाथ इंडिया कंपनी के चीफ परियोजना अधिकारी सुल्तान अहमद खान एवं डिप्टी टोल मैनेजर मतीन खान ने बताया कि टोल प्लाजा पर ही एक मेडिकल एंड पोस्ट भी बनाया गया है। कानपुर-झांसी हाईवे के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों को तबीयत बिगड़ने पर इस पोस्ट के माध्यम से डॉक्टरों की सलाह और उपलब्ध दवाएं दोनों का ही लाभ ले सकते हैं।
एट थानाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि झांसी कानपुर हाईवे एनएच 27 पर सड़क हादसों में घायलों के लिए राहगीरों को तुरंत ही मदद करनी चाहिए ताकि उनकी जान बचाई जा सके। इसके लिए हाईवे की एंबुलेंस 1033 या सरकारी एंबुलेंस 108 या स्थानीय पुलिस को सूचना भी दे सकते हैं। मदद करने वालों को पुलिस किसी भी तरह से परेशान नहीं करेगी, बल्कि घायलों की मदद करने वालों को पुलिस की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा
एट टोल के मैनेजर के के शुक्ला एवं टोल डा. अफजल खान ने बताया घायलों की मदद और हादसों की सूचना देने के लिए 7237999911 मोबाइल नंबर या हेल्पलाइन नंबर 1033 जारी किया गया है। इसके अलावा हाईवे पर जगह-जगह साइन बोर्ड पर ही उन नंबरों को अंकित कराया गया है। राहगीरों को भी मदद के लिए प्रेरित किया जाता है। ताकि किसी हादसे में घायल को तत्काल मदद मिल सके।