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रोजे के संग जारी है कोरोना से जंग

Sat, 16 May 2020 11:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 16 May 2020 11:18 PM IST
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The war with Corona continues with Roja
मुहम्मद रफीक - फोटो : ORAI
मुहम्मदाबाद। पंद्रह घंटे से अधिक का रोजा, तेज धूप, तापमान 40 डिग्री से भी पार, उस पर गर्म हवाओं के थपेड़े, इन हालातों में भी कुछ ऐेसे लोग हैं जो कि न सिर्फ इन दुश्वारियों का डटकर मुकाबला कर रहे हैं, बल्कि लॉकडाउन में रात दिन डयूटी कर आम जनता को महामारी से बचाने के लिए पसीना बहा रहे हैं। यह कोरोना योद्धा रोजा रखकर ड्यूटी को अपनी इबादत समझकर बखूबी अंजाम दे रहे हैं। कभी मौका मिला तो घर पर नमाज पढ़ ली और जहां जो मिला उसी से इफ्तार भी कर ली। बता दें कि लाक डाउन के बीच रमजान का महीना भी चल रहा है। पुलिस विभाग के कार्यरत कोरोना योद्धा रोजे के कड़े नियमों का पालन करते हुए भी कोविड.19 के खिलाफ जारी जंग में अपना योगदान देने से पीछे नहीं हट रहे हैं। सभी का कहना है राष्ट्र किसी भी धर्म से बड़ा होता है। इसलिए पहले देश हित के कार्य, बाकी सब उसके बाद। प्रस्तुत है, कुछ ऐसे ही योद्वाओं की कहानी, उनकी ही जुबानी-
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ड्यूटी खुलकर, इबादत दिल से
डकोर कोतवाली में तैनात दीवान अकरम हुसैन कहते हैं इंसान को अपना फर्ज याद हो तो फिर सर्दी हो या गर्मी कोई फर्क नहीं पड़ता है। रोजा रखते हैं हुए भी ड्यूटी करने में हमें कोई दिक्कत नहीं है। आज सारी दुनिया महामारी से जूझ रही है तो हमारा पहला फर्ज लोगों को उससे बचाना है। रही बात इबादत की तो वह तो दिल से की जाती है और कर भी रहे हैं।
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एक साथ निभा रहे ड्यूटी और रोजे
कांस्टेबल साजिद हुसैन का कहना है रोजा और नौकरी दोनों ही फर्ज हैं। ऐसे में दोनों उनसे जुदा नहीं हो सकते हैं। सो दोनों ही जिम्मेदारी निभानी पड़ रही हैं। जहां पर भी ड्यूटी लगा दी जाती है, वहां ईमानदारी से फर्ज निभाते हैं। बाहर से आ रहे मजदूरों को भी सही रास्ता बताते हैं। समय मिलते ही नमाज अदा करते हैं और रोजा भी खोल लेते हैं।
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रमजान में दूर कर रहे दुख तकलीफ
कांस्टेबल मोहम्मद माजिद का कहना है कि रमजान माह भी यही सिखाता है कि दूसरों को दुख तकलीफ देने के बजाए उनकी दिक्कतों को दूर करना चाहिए। इस बार ही तो सही मौका मिला है, ड्यूटी के साथ रमजान का माह बिताने यानी दूसरों को परेशानियों से बचाने का। सो रोजे के वक्त भी बीमारों को अस्पताल और बाहर घूमने वालों को घरों में भेजने का काम कर रहे हैं।

मुल्क को महामारी से दूर करने की दुआ
सीओ आफिस में तैनात मोहम्मद रफीक का कहना है कि वे तो अल्लाह से यही दुआ करते हैं कि रमजान माह में रोजे का कोई फल देना है तो इस मुल्क को इस महामारी से दूर कर दे। इसके लिए कई लोग सड़कों पर जी जान से जुटे हुए हैं। ड्यूटी के साथ ही नमाज में भी यही दुआ करता हूं कि जल्द से जल्द से बीमारी से मुल्क को निजात मिल सके।

साजिद हुसैन

साजिद हुसैन- फोटो : ORAI

मुहम्मद माजिद

मुहम्मद माजिद- फोटो : ORAI

अकरम हुसैन

अकरम हुसैन- फोटो : ORAI

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