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Jalaun News: किराया न देने पर मकान मालिक ने तो डाकघर का सामान बाहर फेंका
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कदौरा। उपडाकघर का किराया न देने पर मकान मालिक ने पुलिस की मौजूदगी में सामान सड़क पर फेंक दिया। 80 रुपये प्रति माह किराया तय हुआ था, लेकिन इसके बाद भी 19 वर्षों से किराया नहीं दिया रहा था। उपडाकपाल मकान मालिक से मोहलत मांगते रहे, लेकिन उन्होंने नहीं सुनी।
नगर के बावनी स्टेट के नाम से वर्ष 1964 में उपडाकघर बबीना गांव निवासी अजीत निगम के मकान में शुरू किया गया था। शुरुआती समय में किराया मात्र 30 पैसे प्रतिमाह तय किया गया था। वर्ष 2006 में इसे बढ़ाकर 80 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया। इसके बाद उपडाकघर की ओर से किराया नहीं दिया गया। इसकी शिकायत उसने कई बार की। कोई सुनवाई नहीं हुई। मकान मालिक ने कोर्ट में याचिका दायर की। मकान खाली कराने और बकाया किराया दिलाने की अपील की गई।
अदालत ने डाक विभाग को नोटिस जारी कर किराया जमा करने का निर्देश दिए, लेकिन विभाग के वकील बार-बार समय मांगते रहे। 11 मार्च को अदालत ने एसपी को मकान खाली कराने का आदेश दिया। शनिवार को पुलिस की मौजूदगी में मकान मालिक ने उपडाकघर का सारा सामान सड़क पर फेंक दिया। सभी ग्राहक बाहर निकल आए और कर्मचारियों से पूछताछ करनेे लगे।
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उपडाकघर के अधिकारी के अनुसार करीब 70 गांव जुड़े हैं। 70 हजार आरडी, 60 हजार एफडी, एक लाख आईपीपी, 30 हजार एसएसवाई योजना, 60 हजार खाता धारक हैं। यहां से प्रतिदिन 60 से 70 लाख रुपये का लेनदेन होता है। लिपिक संजीव कुमार ने बताया कि सभी वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। साथ ही नई जगह तलाशने की प्रक्रिया कर दी गई है।
ग्राहकों पड़े असमंजस में, अधिकारियों ने समझाया
उपडाकघर के अंदर शनिवार को करीब 25 ग्राहक अंदर थे और लेनदेन कर रहे थे। मकान मालिक पुलिस के साथ वहां पहुंचा। सामान उठाकर सड़क पर फेंकने लगा। इस पर ग्राहक भी बाहर आ गए और तमाशा देखने लगे। इस बीच कई ग्राहक यह सोच में पड़ गए कि उनका लाखों रुपये डाकघर में जमा है, उसका क्या होगा। अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि उपडाकघर को दूसरी जगह जल्द ही शिफ्ट कर दिया जाएगा।
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नगर के बावनी स्टेट के नाम से वर्ष 1964 में उपडाकघर बबीना गांव निवासी अजीत निगम के मकान में शुरू किया गया था। शुरुआती समय में किराया मात्र 30 पैसे प्रतिमाह तय किया गया था। वर्ष 2006 में इसे बढ़ाकर 80 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया। इसके बाद उपडाकघर की ओर से किराया नहीं दिया गया। इसकी शिकायत उसने कई बार की। कोई सुनवाई नहीं हुई। मकान मालिक ने कोर्ट में याचिका दायर की। मकान खाली कराने और बकाया किराया दिलाने की अपील की गई।
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अदालत ने डाक विभाग को नोटिस जारी कर किराया जमा करने का निर्देश दिए, लेकिन विभाग के वकील बार-बार समय मांगते रहे। 11 मार्च को अदालत ने एसपी को मकान खाली कराने का आदेश दिया। शनिवार को पुलिस की मौजूदगी में मकान मालिक ने उपडाकघर का सारा सामान सड़क पर फेंक दिया। सभी ग्राहक बाहर निकल आए और कर्मचारियों से पूछताछ करनेे लगे।
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उपडाकघर के अधिकारी के अनुसार करीब 70 गांव जुड़े हैं। 70 हजार आरडी, 60 हजार एफडी, एक लाख आईपीपी, 30 हजार एसएसवाई योजना, 60 हजार खाता धारक हैं। यहां से प्रतिदिन 60 से 70 लाख रुपये का लेनदेन होता है। लिपिक संजीव कुमार ने बताया कि सभी वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। साथ ही नई जगह तलाशने की प्रक्रिया कर दी गई है।
ग्राहकों पड़े असमंजस में, अधिकारियों ने समझाया
उपडाकघर के अंदर शनिवार को करीब 25 ग्राहक अंदर थे और लेनदेन कर रहे थे। मकान मालिक पुलिस के साथ वहां पहुंचा। सामान उठाकर सड़क पर फेंकने लगा। इस पर ग्राहक भी बाहर आ गए और तमाशा देखने लगे। इस बीच कई ग्राहक यह सोच में पड़ गए कि उनका लाखों रुपये डाकघर में जमा है, उसका क्या होगा। अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि उपडाकघर को दूसरी जगह जल्द ही शिफ्ट कर दिया जाएगा।