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Jalaun News: अवैध संबंध में दोस्त ने ही की थी युवक की हत्या
Sat, 21 Dec 2024 12:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sat, 21 Dec 2024 12:23 AM IST
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कोंच (जालौन)। नदीगांव थाना क्षेत्र के गिदवासा के जंगल में तीन दिन पहले युवक का शव पड़ा मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर उसकी शिनाख्त कराई थी। परिजनों की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज हत्यारोपियों की तलाश शुरू की थी। पुलिस ने दो सगे भाइयों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया। मृतक की पत्नी से अवैध संबंधों के चलते युवक की हत्या की गई थी।
कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले के रहने वाले 37 वर्षीय युवक का शव बुधवार को नदीगांव थाना क्षेत्र के गिदवासा के जंगल में स्थित एक खड्ड में क्षत-विक्षत हालत में पड़ा मिला था। शव का चेहरा और कमर के नीचे का हिस्सा जंगली जानवरों ने बुरी तरह नोंच डाला था। मृतक के शरीर पर जो कपड़े मिले और कद काठी से उसकी पहचान उसके भाई ने की थी।
युवक की गुमशुदगी उसकी मां ने कोंच कोतवाली में दर्ज कराई थी। जिसमें परिजनों का कहना था कि 8 दिसंबर को पड़ोस में रहने वाले दो सगे भाई ताहिर और अख्तर उसके बेटे को काम पर ले जाने की कह कर घर से ले गए थे। युवक शव मिलने के बाद से ही मोहल्ले के ही ताहिर और अख्तर गिरफ्तारी के प्रयास कोतवाली पुलिस ने तेज कर दिए थे और कई जगह दबिशें भी दी गई थी। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया।
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पूछताछ में ताहिर ने बताया कि वह उसका दोस्त था और अक्सर साथ ही काम पर भी जाते थे। दोनों मरे जानवरों की हड्डियां भी इकट्ठा कर उन्हें बेचने का काम भी करते थे। 8 दिसंबर को दोनों हड्डियां ढूंढने के लिए गिदवासा की ओर गए थे, जहां दोनों ने शराब पी। ताहिर ने नशे में चूर अपने दोस्त के पैर उसी की पेंट से बांध कर चाकू से उसकी गर्दन रेती थी। जिससे उसकी मौत हो गई। ताहिर ने स्वीकार किया है कि उसकी हत्या कर खड्ड में फेंक दिया था। बताया कि दोनों का एक दूसरे के घरों पर भी उनका आना जाना रहता था। इसी दौरान उसके अवैध संबंध उसकी पत्नी से हो गए थे।
ताहिर ने बताया कि उसकी शादी नहीं हो रही थी तो उसने दोस्त की पत्नी के साथ शादी करने की इच्छा जताई। तब उसने कहा था, जब तक उसका पति जिंदा है तब तक वह उसके साथ शादी नहीं कर सकती। इस बात पर ताहिर ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बना ली थी। हत्या के बाद उसने अपने भाई अख्तर को संबंध के बारे में बताया था, इसलिए माना गया कि वह भी साजिश में शामिल है। सीओ देवेंद्र कुमार पचौरी का कहना है, पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, दोनों को जेल भेज दिया गया है। कहा कि विवेचना में देखा जाएगा कि किसी अन्य की भूमिका तो नहीं है, अगर है तो उसका नाम हत्या में शामिल किया जाएगा।
पिता पहले से है जेल में अब दोनों भाई भी पहुंचे सलाखों के पीछे
कोंच। आरोपी ताहिर का पिता अफसर उर्फ मुन्ना पहले से ही गोकशी के मामले में जेल में सजा काट रहा है। अब हत्या के मामले में दोनों भाई ताहिर और अख्तर भी जेल के सलाखों के पीछे पहुंच गए है। ताहिर के खिलाफ पहले से और भी मुकदमें दर्ज हैं। ताहिर व उसका पिता दोनों अपराधी किस्म के व्यक्ति हैं। अपने दोस्त की हत्या करने के बाद भी ताहिर के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। (संवाद)
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कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले के रहने वाले 37 वर्षीय युवक का शव बुधवार को नदीगांव थाना क्षेत्र के गिदवासा के जंगल में स्थित एक खड्ड में क्षत-विक्षत हालत में पड़ा मिला था। शव का चेहरा और कमर के नीचे का हिस्सा जंगली जानवरों ने बुरी तरह नोंच डाला था। मृतक के शरीर पर जो कपड़े मिले और कद काठी से उसकी पहचान उसके भाई ने की थी।
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युवक की गुमशुदगी उसकी मां ने कोंच कोतवाली में दर्ज कराई थी। जिसमें परिजनों का कहना था कि 8 दिसंबर को पड़ोस में रहने वाले दो सगे भाई ताहिर और अख्तर उसके बेटे को काम पर ले जाने की कह कर घर से ले गए थे। युवक शव मिलने के बाद से ही मोहल्ले के ही ताहिर और अख्तर गिरफ्तारी के प्रयास कोतवाली पुलिस ने तेज कर दिए थे और कई जगह दबिशें भी दी गई थी। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया।
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पूछताछ में ताहिर ने बताया कि वह उसका दोस्त था और अक्सर साथ ही काम पर भी जाते थे। दोनों मरे जानवरों की हड्डियां भी इकट्ठा कर उन्हें बेचने का काम भी करते थे। 8 दिसंबर को दोनों हड्डियां ढूंढने के लिए गिदवासा की ओर गए थे, जहां दोनों ने शराब पी। ताहिर ने नशे में चूर अपने दोस्त के पैर उसी की पेंट से बांध कर चाकू से उसकी गर्दन रेती थी। जिससे उसकी मौत हो गई। ताहिर ने स्वीकार किया है कि उसकी हत्या कर खड्ड में फेंक दिया था। बताया कि दोनों का एक दूसरे के घरों पर भी उनका आना जाना रहता था। इसी दौरान उसके अवैध संबंध उसकी पत्नी से हो गए थे।
ताहिर ने बताया कि उसकी शादी नहीं हो रही थी तो उसने दोस्त की पत्नी के साथ शादी करने की इच्छा जताई। तब उसने कहा था, जब तक उसका पति जिंदा है तब तक वह उसके साथ शादी नहीं कर सकती। इस बात पर ताहिर ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बना ली थी। हत्या के बाद उसने अपने भाई अख्तर को संबंध के बारे में बताया था, इसलिए माना गया कि वह भी साजिश में शामिल है। सीओ देवेंद्र कुमार पचौरी का कहना है, पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, दोनों को जेल भेज दिया गया है। कहा कि विवेचना में देखा जाएगा कि किसी अन्य की भूमिका तो नहीं है, अगर है तो उसका नाम हत्या में शामिल किया जाएगा।
पिता पहले से है जेल में अब दोनों भाई भी पहुंचे सलाखों के पीछे
कोंच। आरोपी ताहिर का पिता अफसर उर्फ मुन्ना पहले से ही गोकशी के मामले में जेल में सजा काट रहा है। अब हत्या के मामले में दोनों भाई ताहिर और अख्तर भी जेल के सलाखों के पीछे पहुंच गए है। ताहिर के खिलाफ पहले से और भी मुकदमें दर्ज हैं। ताहिर व उसका पिता दोनों अपराधी किस्म के व्यक्ति हैं। अपने दोस्त की हत्या करने के बाद भी ताहिर के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। (संवाद)