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Jalaun News: शाहाबाद में खुलेगा जिले का पहला राजकीय महिला डिग्री कॉलेज
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हरदोई। पूरे जिले को सूबे के बजट से पहले बड़ी सौगात मिली है। जिले का पहला राजकीय महिला महाविद्यालय खोले जाने का प्रस्ताव शासन ने मंजूर कर दिया है। शासन ने कुल 1659.66 लाख रुपये की परियोजना स्वीकृत की है। भवन निर्माण का कार्य शुरू कराने के लिए 75 लाख रुपये भी शासन ने अवमुक्त कर दिए हैं। शाहाबाद की विधायक और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी पिछले लगभग एक वर्ष से राजकीय महाविद्यालय का प्रस्ताव मंजूर कराने की कोशिश कर रही थीं। यह कॉलेज स्टेशन रोड पर शाहबाद के गढ़ी कलां में बनेगा।
देश आजाद होने के आठ दशक बीतने को हैं लेकिन यहां कोई भी राजकीय महिला महाविद्यालय नहीं था। जिला मुख्यालय समेत कुछ स्थानों पर राजकीय डिग्री कॉलेज हैं लेकिन यह छात्र और छात्राओं दोनों के लिए हैं। जिला मुख्यालय पर आर्य कन्या डिग्री कॉलेज है, जो सिर्फ छात्राओं के लिए है लेकिन इसका संचालन प्रबंध समिति से होता है। हालांकि यह सरकार से अनुदानित है। इससे इतर ज्यादातर जगहों पर इंटरमीडिएट के आगे की पढ़ाई के लिए छात्राओं को प्राइवेट डिग्री कॉलेजों का सहारा लेना पड़ता है। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी पिछले लगभग एक वर्ष से शाहाबाद में राजकीय महिला महाविद्यालय खुलवाने के लिए प्रयासरत थीं। वह लगातार राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी अनुरोध कर रही थीं। राज्य सरकार के बजट से पहले ही महिला डिग्री कॉलेज खोले जाने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। महाविद्यालय स्थापित करने की पूरी परियोजना 16,59,66,000 रुपये की है। इसमें तीन करोड़ रुपये से मुख्य भवन का निर्माण होगा। शेष बजट आंतरिक व्यवस्थाओं के साथ ही महाविद्यालय के संचालन को जरूरी व्यवस्थाओं पर खर्च किया जाएगा। निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए शासन ने 75 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। निर्माण कार्य कराने के लिए सी एंड डीएस को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।
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देश आजाद होने के आठ दशक बीतने को हैं लेकिन यहां कोई भी राजकीय महिला महाविद्यालय नहीं था। जिला मुख्यालय समेत कुछ स्थानों पर राजकीय डिग्री कॉलेज हैं लेकिन यह छात्र और छात्राओं दोनों के लिए हैं। जिला मुख्यालय पर आर्य कन्या डिग्री कॉलेज है, जो सिर्फ छात्राओं के लिए है लेकिन इसका संचालन प्रबंध समिति से होता है। हालांकि यह सरकार से अनुदानित है। इससे इतर ज्यादातर जगहों पर इंटरमीडिएट के आगे की पढ़ाई के लिए छात्राओं को प्राइवेट डिग्री कॉलेजों का सहारा लेना पड़ता है। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी पिछले लगभग एक वर्ष से शाहाबाद में राजकीय महिला महाविद्यालय खुलवाने के लिए प्रयासरत थीं। वह लगातार राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी अनुरोध कर रही थीं। राज्य सरकार के बजट से पहले ही महिला डिग्री कॉलेज खोले जाने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। महाविद्यालय स्थापित करने की पूरी परियोजना 16,59,66,000 रुपये की है। इसमें तीन करोड़ रुपये से मुख्य भवन का निर्माण होगा। शेष बजट आंतरिक व्यवस्थाओं के साथ ही महाविद्यालय के संचालन को जरूरी व्यवस्थाओं पर खर्च किया जाएगा। निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए शासन ने 75 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। निर्माण कार्य कराने के लिए सी एंड डीएस को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।
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