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Jalaun News: बस संचालक ने फंदा लगाकर जान दी
Fri, 25 Apr 2025 12:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Fri, 25 Apr 2025 12:02 AM IST
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जालौन। नगर के मोहल्ला बालमभट्ट में प्राइवेट बस संचालक ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बालमभट्ट निवासी मोहित द्विवेदी (34) बुधवार को काम पर गए थे। शाम को जब वह घर आए तो सामान्य ही दिख रहे थे। रात में भोजन करने के बाद परिजन अपने-अपने कमरों में सोने चले गए। मोहित भी ऊपर अपने कमरे में सोने के लिए चला गया। रात में किसी समय उसने कमरे का दरवाजा बंद कर छत के कुंडे में रस्सी का फंदा डालकर आत्महत्या कर ली।
सुबह जब परिवार के अन्य सदस्य जागे। मोहित के कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो पिता अरविंद द्विवेदी ने आवाज दी। काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिलने पर खिड़की से झांककर देखा तो मोहित को फंदे से लटका देख चीख पड़े। पिता अरविंद ने बताया कि मोहित बस संचालन का काम देखते थे। किसी तरह का कोई पारिवारिक कलह या परेशानी नहीं थी। रात में सब कुछ सामान्य था, लेकिन वह यह नहीं समझ पा रहे कि मोहित ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। बता दें कि लगभग पांच वर्ष पूर्व उसकी मां का भी देहांत हो चुका था। उसकी मौत से बड़े भाई मुदित और छोटे भाई हर्षित रो-रोकर बेहाल हैं।
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कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बालमभट्ट निवासी मोहित द्विवेदी (34) बुधवार को काम पर गए थे। शाम को जब वह घर आए तो सामान्य ही दिख रहे थे। रात में भोजन करने के बाद परिजन अपने-अपने कमरों में सोने चले गए। मोहित भी ऊपर अपने कमरे में सोने के लिए चला गया। रात में किसी समय उसने कमरे का दरवाजा बंद कर छत के कुंडे में रस्सी का फंदा डालकर आत्महत्या कर ली।
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सुबह जब परिवार के अन्य सदस्य जागे। मोहित के कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो पिता अरविंद द्विवेदी ने आवाज दी। काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिलने पर खिड़की से झांककर देखा तो मोहित को फंदे से लटका देख चीख पड़े। पिता अरविंद ने बताया कि मोहित बस संचालन का काम देखते थे। किसी तरह का कोई पारिवारिक कलह या परेशानी नहीं थी। रात में सब कुछ सामान्य था, लेकिन वह यह नहीं समझ पा रहे कि मोहित ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। बता दें कि लगभग पांच वर्ष पूर्व उसकी मां का भी देहांत हो चुका था। उसकी मौत से बड़े भाई मुदित और छोटे भाई हर्षित रो-रोकर बेहाल हैं।
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