शिक्षकों ने भरी हुंकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उरई (जालौन)। पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों के लिए शिक्षक संगठनों का आक्रोश गुरुवार को फू ट पड़ा। शिक्षक संगठनों ने उत्तर प्रदेश कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के बैनर तले कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। धरने में अध्यक्ष महेंद्र सिंह भाटिया ने कहा कि प्रदेश के राज्य कर्मचारियों व शिक्षक अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन करते आ रहे हैं। साढ़े चार वर्षों में समस्याओं का समाधान तो दूर, राज्य सरकार के उच्च स्तर पर समस्याओं का मिल बैठकर समाधान निकालने का गंभीर प्रयास तक नहीं किया गया। फलस्वरूप प्रदेश के कर्मचारी व शिक्षक अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं।
नौ अगस्त को फिर से लखनऊ में रैली होगी। जिला मंत्री नुजहत जहां ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों व कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीरता दिखाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो सरकार को इसका जवाब वर्ष 2017 में मिल जाएगा। शिक्षकों व कर्मचारियों का शोषण कतई बर्दाश्त नहीं होगा। हमारी मांग है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाए। 2005 के बाद से नियुक्त कर्मचारियों व शिक्षकों को राष्ट्रीय पेंशन स्कीम से मुक्त किया जाए। केंद्र सरकार की दर पर मकान, किराया भत्ता, परिवहन भत्ता, संतान शिक्षा भत्ता व अन्य सुविधाएं दी जाएं। वेतन विसंगतियों के प्रकरणों पर विभागों द्वारा पूर्ण औचित्य देने के बावजूद विसंगतियों का निराकरण नहीं किया जा रहा है बल्कि उन्हें निरस्त किया जाता रहा है। विसंगतियों पर कर्मचारी शिक्षक संगठनों से उच्च स्तर पर वार्ता करने के बाद उन्हें दूर किया जाए। अंत में शिक्षक कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट शीतला प्रसाद को सौंपा। इस दौरान महेंद्र सिंह भाटिया, रामजी सिंह गुर्जर, राकेश निरंजन, योगेश द्विवेदी, अजीत सक्सेना, सुरेंद्र कुलश्रेष्ठ, मिथलेश त्रिवेदी, दिनेश मिश्रा, राजेश मिश्रा, प्रताप सिंह, विनोद मिश्रा, महेंद्र सिंह भाटिया, संजय दुबे, दिनेश नामदेव, योेगेंद्र सिंह, ब्रजेंद्र राजपूत, विद्यासागर मिश्रा, रविशंकर अग्रवाल आदि मौजूद रहे।