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Jalaun News: बच्चों से भरी स्कूली बस हाईवे पर पलटी, बाल-बाल बचे बच्चे
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उरई। स्कूली बच्चों को घर छोड़ने जा रही स्कूल की बस हाईवे किनारे खंदक में पलट गई। उसके आगे का शीशा टूट गया। गनीमत रही कि पास ही पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने जैसे ही बस को पलटते देखा, दौड़कर मौके पर पहुंच गए। उसके बाद अन्य लोगों की भी मदद से बस के भीतर फंसे 22 बच्चों को बाहर निकाल लिया।
झांसी रोड स्थित रामश्री पब्लिक स्कूल में छुट्टी होने के बाद करीब दोपहर एक बजे 22 बच्चों को उनके घर तक छोड़ने के लिए बस रवाना हुई। इस बस में पूंछ, पिरौना और गिरसान के रहने वाले कक्षा चार से 12वीं तक के विद्यार्थी थे। झांसी-कानपुर हाईवे पर चढ़ने के बाद बस बड़ागांव के निकट पहुंची। इसी दौरान पीछे आ रहे ट्रक के कट मारते ही चालक ने बस को हाईवे के किनारे किया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता, बस फिसलती चली गई और खंदक में जाकर पलट गई। बस के पलटते ही आगे का शीशा टूट गया। बच्चे मदद के लिए चिल्लाने लगे। नजदीक स्थित एक पेट्रोल पंप के कर्मचारी मौके पर दौड़कर पहुंचे। राहगीरों को रोककर भी मदद मांगी और फिर बस के गेट से ही बच्चों को बाहर निकाल लिया गया। गनीमत रही कि बस पलटने और दलदल नुमा कीचड़ में धंसने के बावजूद बच्चे सुरक्षित रहे। बच्चों को अन्य वाहनों से घर पहुंचाया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन से बस को बाहर निकलवाया। स्कूल के प्रधानाचार्य अनुराग मैसी ने बताया कि ट्रक के ओवरटेक करने के कारण हादसा हुआ है। उसके खिलाफ थाने में तहरीर दी है। कोई भी बच्चा चुटहिल नहीं है।
स्कूल बस दुर्घटना मामले में आरटीओ विभाग हरकत में आ गया है। एआरटीओ सौरभ कुमार ने बताया कि दुर्घटना होने की वजह को जांचा जाएगा। बस की फिटनेस चेक की जाएगी। साथ ही स्कूल की बस में मानक के अनुसार व्यवस्था थी या नहीं, यह भी जांचा जाएगा। इसको लेकर टीम मौके पर भी भेजेंगे, जो कागज जांचेगी।
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नेशनल हाईवे पर स्कूली बस के पलटने की बड़ी वजह पीछे से आ रहे ट्रक का ओवरटेक करना माना जा रहा है। बस की गति 60 से कम बताई जा रही है, ट्रक उसे ओवरटेक कर अधिक गति से आगे बढ़ गया। इससे उसकी रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्यादा की मानी जा रही है। आरटीओ विभाग की लगाम नहीं होने की वजह से इस तरह की रफ्तार हादसों का करण बन रही है। ट्रक चालक के खिलाफ तहरीर भी दी गई है।
आरटीओ के नियम के अनुसार शहर की बाईपास सड़क पर ट्रक या किसी भी कामर्शियल वाहन की गति 40 किलोमीटर से ज्यादा नहीं हो सकती। इसके बाद यदि वह हाईवे पर दौड़ता है तो 60 और एक्सप्रेसवे पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ज्यादा गति नहीं होनी चाहिए। स्कूल के प्रधानाचार्य अनुराग मैसी के अनुसार चालक देवेंद्र ने बताया कि बड़े गांव में बच्चों को उतारकर बस आगे बढ़ी थी और 50 के करीब गति तक ही पहुंची थी कि तभी ट्रक ने ओवरटेक कर कट मार दिया। ओवर टेक करने वाले ट्रक की गति 80 से अधिक लग रही थी। नंबर नोट नहीं किया, इसलिए अज्ञात में उसके खिलाफ तहरीर दी गई है। एआरटीओ सौरभ कुमार ने बताया कि हाईवे पर गति के जो मानक हैं, उनका पालन करवाया जाता है।
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झांसी रोड स्थित रामश्री पब्लिक स्कूल में छुट्टी होने के बाद करीब दोपहर एक बजे 22 बच्चों को उनके घर तक छोड़ने के लिए बस रवाना हुई। इस बस में पूंछ, पिरौना और गिरसान के रहने वाले कक्षा चार से 12वीं तक के विद्यार्थी थे। झांसी-कानपुर हाईवे पर चढ़ने के बाद बस बड़ागांव के निकट पहुंची। इसी दौरान पीछे आ रहे ट्रक के कट मारते ही चालक ने बस को हाईवे के किनारे किया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता, बस फिसलती चली गई और खंदक में जाकर पलट गई। बस के पलटते ही आगे का शीशा टूट गया। बच्चे मदद के लिए चिल्लाने लगे। नजदीक स्थित एक पेट्रोल पंप के कर्मचारी मौके पर दौड़कर पहुंचे। राहगीरों को रोककर भी मदद मांगी और फिर बस के गेट से ही बच्चों को बाहर निकाल लिया गया। गनीमत रही कि बस पलटने और दलदल नुमा कीचड़ में धंसने के बावजूद बच्चे सुरक्षित रहे। बच्चों को अन्य वाहनों से घर पहुंचाया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन से बस को बाहर निकलवाया। स्कूल के प्रधानाचार्य अनुराग मैसी ने बताया कि ट्रक के ओवरटेक करने के कारण हादसा हुआ है। उसके खिलाफ थाने में तहरीर दी है। कोई भी बच्चा चुटहिल नहीं है।
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स्कूल बस दुर्घटना मामले में आरटीओ विभाग हरकत में आ गया है। एआरटीओ सौरभ कुमार ने बताया कि दुर्घटना होने की वजह को जांचा जाएगा। बस की फिटनेस चेक की जाएगी। साथ ही स्कूल की बस में मानक के अनुसार व्यवस्था थी या नहीं, यह भी जांचा जाएगा। इसको लेकर टीम मौके पर भी भेजेंगे, जो कागज जांचेगी।
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नेशनल हाईवे पर स्कूली बस के पलटने की बड़ी वजह पीछे से आ रहे ट्रक का ओवरटेक करना माना जा रहा है। बस की गति 60 से कम बताई जा रही है, ट्रक उसे ओवरटेक कर अधिक गति से आगे बढ़ गया। इससे उसकी रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्यादा की मानी जा रही है। आरटीओ विभाग की लगाम नहीं होने की वजह से इस तरह की रफ्तार हादसों का करण बन रही है। ट्रक चालक के खिलाफ तहरीर भी दी गई है।
आरटीओ के नियम के अनुसार शहर की बाईपास सड़क पर ट्रक या किसी भी कामर्शियल वाहन की गति 40 किलोमीटर से ज्यादा नहीं हो सकती। इसके बाद यदि वह हाईवे पर दौड़ता है तो 60 और एक्सप्रेसवे पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ज्यादा गति नहीं होनी चाहिए। स्कूल के प्रधानाचार्य अनुराग मैसी के अनुसार चालक देवेंद्र ने बताया कि बड़े गांव में बच्चों को उतारकर बस आगे बढ़ी थी और 50 के करीब गति तक ही पहुंची थी कि तभी ट्रक ने ओवरटेक कर कट मार दिया। ओवर टेक करने वाले ट्रक की गति 80 से अधिक लग रही थी। नंबर नोट नहीं किया, इसलिए अज्ञात में उसके खिलाफ तहरीर दी गई है। एआरटीओ सौरभ कुमार ने बताया कि हाईवे पर गति के जो मानक हैं, उनका पालन करवाया जाता है।