{"_id":"584d91504f1c1bc8402c3937","slug":"rogues-gang-escaped-from-prison-to-discusion","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल से फरार बदमाशों के गिरोह बनाने की चरचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेल से फरार बदमाशों के गिरोह बनाने की चरचा
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sun, 11 Dec 2016 11:18 PM IST
विज्ञापन
क्राइम
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले 12 साल से शांत पचनदा व चंबल के बीहडाें में एक बार फिर दस्यु गिरोह की आहट से ग्रामीण खौफजदा हैं। सूत्र बताते हैं कि कभी पहलवान गूजर गिरोह के मददगार रहे गंगा प्रसाद व मुनेश ने बीहड़ का रास्ता अख्तियार कर लिया है। वह फायर पावर से लेकर जनबल जुटाने में लगे हैं। रामपुरा के बीहड़ाें में उनकी आमद से लोग दहशत में हैं।
बताते चलें कि रामपुरा थाना के गांव सुल्तानपुरा निवासी मुनेश सिंह व निनावली निवासी गंगा प्रसाद अपहरण के मामले में झांसी जेल में निरुद्ध थे। वहां से वह करीब तीन माह पहले कोर्ट में पेशी के दौरान फरार हो गए। पुलिस ने उनकी तलाश की लेकिन उनको पकड़ने में नाकाम रही। सूत्राें की मानें तो दोनाें ने बिलौड़ के आसपास बीहड़ में अपना डेरा जमा
लिया है। उनके पास एक अपहृत भी बताया जा रहा है। मुनेश व गंगा प्रसाद बीहड़ के कोने कोने से वाकिफ हैं। वे पहले भी पहलवान गिरोह के कैजुअल मेंबर रहे हैं। इससे उनके पास डकैताें के पुराने असलहे हो सकते हैं। अगर पुलिस ने समय रहते इस गिरोह पर अंकुश नहीं लगाया तो यह ग्रामीणाें के लिए नासूर बन सकते है। वहीं ग्रामीणाें ने एसपी डा.
विज्ञापन
राकेश सिंह से मांग की है कि बीहड़ में कांबिग कराए ताकि गिरोह पर दबाव बनाया जा सके और इस क्षेत्र में पांव पसारने से इसे रोका जा सके। थानाध्यक्ष प्रभूनाथ सिंह का कहना है कि अभी उन्हें ऐसी जानकारी नहीं है। वह बीहड़ के गांवाें में जाकर दोनाें की बाबत पता कर रहे है। जानकारी होने पर फरार बदमाशाें को सलाखाें के पीछे भेजेंगे।
मौरंग माफिया कर रहे गिरोह की मदद
पहले की तर्ज पर एक बार गिरोह के शरणदाता मौरंग माफिया बन रहे हैं। वह फरार अपराधियाें को संरक्षण देकर अपना कारोबार बंदूक के बल पर चलाना चाह रहे हैं। इससे पहले भी यही माफिया डकैतों को खाना पानी से लेकर हर संसाधन मुहैया कराते थे।
विज्ञापन
बताते चलें कि रामपुरा थाना के गांव सुल्तानपुरा निवासी मुनेश सिंह व निनावली निवासी गंगा प्रसाद अपहरण के मामले में झांसी जेल में निरुद्ध थे। वहां से वह करीब तीन माह पहले कोर्ट में पेशी के दौरान फरार हो गए। पुलिस ने उनकी तलाश की लेकिन उनको पकड़ने में नाकाम रही। सूत्राें की मानें तो दोनाें ने बिलौड़ के आसपास बीहड़ में अपना डेरा जमा
विज्ञापन
लिया है। उनके पास एक अपहृत भी बताया जा रहा है। मुनेश व गंगा प्रसाद बीहड़ के कोने कोने से वाकिफ हैं। वे पहले भी पहलवान गिरोह के कैजुअल मेंबर रहे हैं। इससे उनके पास डकैताें के पुराने असलहे हो सकते हैं। अगर पुलिस ने समय रहते इस गिरोह पर अंकुश नहीं लगाया तो यह ग्रामीणाें के लिए नासूर बन सकते है। वहीं ग्रामीणाें ने एसपी डा.
विज्ञापन
राकेश सिंह से मांग की है कि बीहड़ में कांबिग कराए ताकि गिरोह पर दबाव बनाया जा सके और इस क्षेत्र में पांव पसारने से इसे रोका जा सके। थानाध्यक्ष प्रभूनाथ सिंह का कहना है कि अभी उन्हें ऐसी जानकारी नहीं है। वह बीहड़ के गांवाें में जाकर दोनाें की बाबत पता कर रहे है। जानकारी होने पर फरार बदमाशाें को सलाखाें के पीछे भेजेंगे।
मौरंग माफिया कर रहे गिरोह की मदद
पहले की तर्ज पर एक बार गिरोह के शरणदाता मौरंग माफिया बन रहे हैं। वह फरार अपराधियाें को संरक्षण देकर अपना कारोबार बंदूक के बल पर चलाना चाह रहे हैं। इससे पहले भी यही माफिया डकैतों को खाना पानी से लेकर हर संसाधन मुहैया कराते थे।