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बारिश और उमस से बढ़ी बीमारियां
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 08 Jul 2016 11:16 PM IST
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वार्ड में भर्ती मरीज।
- फोटो : अमर उजाला
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बारिश और उमस की वजह से अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है। मरीजों की संख्या दो-तीन सौ से बढ़ कर पांच-छह सौ केे करीब पहुंच गई हैं। सबसे ज्यादा मरीज डायरिया, बुखार, जुकाम और वायरल फीवर केे आ रहे हैं। स्थिति यह है कि जिला अस्पताल और जिले के सीएचसी व पीएचसी केंद्रों पर रोजाना 700 से लेकर 800 मरीज पहुंच रहे हैं। सबसे
ज्यादा मरीज डायरिया के हैं। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसा मौसम बदलने की वजह से हुआ है। इस मौसम में लोगों को खान-पान में सावधानी बरतने की जरुरत है। लगातार तेज धूप व बदरी के साथ बढ़ रही उमस भरी गर्मी से लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। संवाददाता को जिला अस्पताल में कुछ इस तरह की तस्वीर देखने को मिली....।
मरीजों से भरे थे चिकित्सकों के कक्ष
शुक्रवार को जिला अस्पताल में मौजूद सभी डाक्टरों के कक्ष मरीजों से भरे थे। सुबह से शुरू हुआ यह क्रम दोपहर तक जारी रहा। बच्चे और बुजुर्गों की संख्या सबसे ज्यादा रही।
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मरीज बोले, बहुत अव्यवस्थाएं है
मौसम बदलने से अचानक बढ़ी मरीजों की संख्या से अस्पतालों में अव्यवस्थाओं का माहौल भी देखा जा रहा है। डाक्टर तो समय से आ जाते हैं, लेकिन व्यवस्थित तरीके से मरीजों को देखने के लिए कोई इंतजाम न होने से अक्सर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। मरीजों का आरोप है कि इस व्यवस्था को ठीक कराने के लिए अस्पताल प्रशासन को आगे आना चाहिए।
मौसम बदलने से डायरिया व वायरल फीवर के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। यह समस्या मौसमी है। मरीजों को खासी सावधानी बरतने की जरुरत हैं, ताकि बीमारी को रोका जा सके।
महेंद्र कुमार, चिकित्सक
मौसम का असर बच्चों में काफी दिख रहा है। अस्पतालों में खांसी, जुकाम व वायरल फीवर से पीड़ित बच्चे आ रहें हैं। बच्चों के खान, पान पर विशेष सावधानी बरतने की जरुरत हैं।
डा. सतीश पाल, बाल रोग विशेषज्ञ
बोले जिम्मेदार
मौसम के तेवर बदलने से बढ़ी मरीजों की संख्या के लिए उचित बंदोबस्त किए गए हैं। डाक्टरों को भी निर्देशित किया गया है कि वह मरीजों का बेहतर इलाज करें।
डा. वीवी आर्या, सीएमएस जिला अस्पताल
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ज्यादा मरीज डायरिया के हैं। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसा मौसम बदलने की वजह से हुआ है। इस मौसम में लोगों को खान-पान में सावधानी बरतने की जरुरत है। लगातार तेज धूप व बदरी के साथ बढ़ रही उमस भरी गर्मी से लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। संवाददाता को जिला अस्पताल में कुछ इस तरह की तस्वीर देखने को मिली....।
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मरीजों से भरे थे चिकित्सकों के कक्ष
शुक्रवार को जिला अस्पताल में मौजूद सभी डाक्टरों के कक्ष मरीजों से भरे थे। सुबह से शुरू हुआ यह क्रम दोपहर तक जारी रहा। बच्चे और बुजुर्गों की संख्या सबसे ज्यादा रही।
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मरीज बोले, बहुत अव्यवस्थाएं है
मौसम बदलने से अचानक बढ़ी मरीजों की संख्या से अस्पतालों में अव्यवस्थाओं का माहौल भी देखा जा रहा है। डाक्टर तो समय से आ जाते हैं, लेकिन व्यवस्थित तरीके से मरीजों को देखने के लिए कोई इंतजाम न होने से अक्सर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। मरीजों का आरोप है कि इस व्यवस्था को ठीक कराने के लिए अस्पताल प्रशासन को आगे आना चाहिए।
मौसम बदलने से डायरिया व वायरल फीवर के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। यह समस्या मौसमी है। मरीजों को खासी सावधानी बरतने की जरुरत हैं, ताकि बीमारी को रोका जा सके।
महेंद्र कुमार, चिकित्सक
मौसम का असर बच्चों में काफी दिख रहा है। अस्पतालों में खांसी, जुकाम व वायरल फीवर से पीड़ित बच्चे आ रहें हैं। बच्चों के खान, पान पर विशेष सावधानी बरतने की जरुरत हैं।
डा. सतीश पाल, बाल रोग विशेषज्ञ
बोले जिम्मेदार
मौसम के तेवर बदलने से बढ़ी मरीजों की संख्या के लिए उचित बंदोबस्त किए गए हैं। डाक्टरों को भी निर्देशित किया गया है कि वह मरीजों का बेहतर इलाज करें।
डा. वीवी आर्या, सीएमएस जिला अस्पताल