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टिकट के लिए यात्रियों की लाइन, फिर भी नहीं मिल पा रहा आरक्षण
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उरई। दिवाली के त्योहार के बाद वापस लौटने वाले और छठ पूजा के लिए घर आने वाले यात्रियों की भीड़ स्टेशन पर बढ़ गई है। रोजाना स्टेशन पर टिकट बनाने वालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। आमतौर पर स्टेशन सुबह 8 से 2 बजे तक और 2 से 8 बजे तक की शिफ्ट में 150 से 200 आरक्षण होते थे। जो इस समय बढ़कर तीन सौ से ज्यादा हो गए हैं। कई यात्रियों को तो वेटिंग टिकट भी नहीं मिल रहा है। जिसकी वजह से वह मायूस होकर लौट रहे हैं।
यात्रियों की सुविधाओं के लिए रेलवे ने कुछ स्पेशल ट्रेनों का भी संचालन शुरू किया है लेकिन यात्रियों की लगातार बढ़ रही भीड़ के कारण लोगों को ट्रेनों में जगह नहीं मिल पा रही है। मुंबई, पुणे, गुजरात जाने वाले ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी लगाए गए है। इसके बावजूद यात्रियों को राहत नहीं मिल रही है। एसी कोच या फिर स्लीपर कोच। किसी भी श्रेणी में जगह नहीं है। तत्काल आरक्षित श्रेणी भी लोगों की मदद नहीं कर पा रही है। पांच मिनट के अंदर तत्काल श्रेणी भी फुल हो रही है। ऐसे में यात्री टिकट के लिए परेशान है। मुख्य रिजर्वेशन सुपरवाइजर डीपी मालवीय का कहना है कि त्योहार के चलते आरक्षण खिड़की पर भीड़ बढ़ गई है। इस समय तीन सौ से ज्यादा रिजर्वेशन हो रहे हैं। बुधवार को भी 356 आरक्षित टिकट बनाए गए हैं।
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फोटो-20-अतुल।
मजबूरी में एसी में कराना पड़ा रिजर्वेशन
घमूरी निवासी अतुल का कहना है कि वह मुंबई में रेडीमेड कपड़े की दुकान पर काम करते है। वह दिवाली त्योहार मनाने आए थे। अब वापस लौटना है लेकिन ट्रेन में जगह नहीं मिल रही है। वह सोमवार को टिकट के लिए लाइन में लगे थे। स्लीपर में जगह नहीं मिल पा रही थी। इस पर ज्यादा किराया देकर मजबूरी में थर्ड एसी में रिजर्वेशन कराना पड़ा।
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फोटो-21-गोवर्धन।
रात में स्टेशन पर रूके
जगनपुरा निवासी गोवर्धन का कहना है कि वह नासिक में पानीपूरी का धंधा करते हैं। वह तीन दिन से परेशान थे। कल रात से ही स्टेशन पर रूक गए थे। जिसकी वजह से आज पहला नंबर लग गया और उनका टिकट बन गया। उसके साथ पत्नी और बच्चों को भी जाना है लेकिन जिस ट्रेन में जाना था, उसमें टिकट नहीं मिला।
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यात्रियों की सुविधाओं के लिए रेलवे ने कुछ स्पेशल ट्रेनों का भी संचालन शुरू किया है लेकिन यात्रियों की लगातार बढ़ रही भीड़ के कारण लोगों को ट्रेनों में जगह नहीं मिल पा रही है। मुंबई, पुणे, गुजरात जाने वाले ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी लगाए गए है। इसके बावजूद यात्रियों को राहत नहीं मिल रही है। एसी कोच या फिर स्लीपर कोच। किसी भी श्रेणी में जगह नहीं है। तत्काल आरक्षित श्रेणी भी लोगों की मदद नहीं कर पा रही है। पांच मिनट के अंदर तत्काल श्रेणी भी फुल हो रही है। ऐसे में यात्री टिकट के लिए परेशान है। मुख्य रिजर्वेशन सुपरवाइजर डीपी मालवीय का कहना है कि त्योहार के चलते आरक्षण खिड़की पर भीड़ बढ़ गई है। इस समय तीन सौ से ज्यादा रिजर्वेशन हो रहे हैं। बुधवार को भी 356 आरक्षित टिकट बनाए गए हैं।
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फोटो-20-अतुल।
मजबूरी में एसी में कराना पड़ा रिजर्वेशन
घमूरी निवासी अतुल का कहना है कि वह मुंबई में रेडीमेड कपड़े की दुकान पर काम करते है। वह दिवाली त्योहार मनाने आए थे। अब वापस लौटना है लेकिन ट्रेन में जगह नहीं मिल रही है। वह सोमवार को टिकट के लिए लाइन में लगे थे। स्लीपर में जगह नहीं मिल पा रही थी। इस पर ज्यादा किराया देकर मजबूरी में थर्ड एसी में रिजर्वेशन कराना पड़ा।
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फोटो-21-गोवर्धन।
रात में स्टेशन पर रूके
जगनपुरा निवासी गोवर्धन का कहना है कि वह नासिक में पानीपूरी का धंधा करते हैं। वह तीन दिन से परेशान थे। कल रात से ही स्टेशन पर रूक गए थे। जिसकी वजह से आज पहला नंबर लग गया और उनका टिकट बन गया। उसके साथ पत्नी और बच्चों को भी जाना है लेकिन जिस ट्रेन में जाना था, उसमें टिकट नहीं मिला।