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मोदी के गले की शान बना बुंदेली गमछा

Sun, 17 Jul 2022 12:33 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jul 2022 12:33 AM IST
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pradhaanamantree modee ke gale kee shaan bana bundelee gamachha
बुंदेली गमछा पहनकर अभिवादन करते पीएम मोदी। - फोटो : ORAI
उरई। बुंदेलखंड के प्रसिद्ध चित्रकार रोहित विनायक ने बुंदेली गमछा से पीएम मोदी का स्वागत किया। जिस वक्त मोदी को सीएम योगी और दोनों डिप्टी सीएम ने गमछा (अंगवस्त्रम) पहनाकर स्वागत किया तो पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। इस गमछे की खासियत यह है कि यह बुंदेली गमछा कटिया सिल्क कपड़े के ऊपर बुंदेलखंड के लोक प्रतीक चिह्नों को चितैरी लोक कला शैली में बनाया गया है।
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गमछे में जिले की परासन की मछली, पांच नदियों के संगम पचनद, मंगल कलश, कमल पुष्प लिए महिलाएं, लोकमंगल मंडप, बुंदेली लोक वाद्ययंत्र आदि बनाए गए है। साथ ही बुंदेली कलाकृति से जुड़ाव बढ़ाने के लिए उन्हें स्मृति चिह्न भी दिया गया है। जो एक जनपद एक उत्पाद योजना के अंतर्गत कालपी के हस्तनिर्मित कागज पर बनाया गया है। इस स्मृति चिह्न में कालपी के प्रसिद्ध सूर्य मंदिर का चित्र बुंदेली चितेरी शैली में बनाया गया है। पूरे देश में कालपी में तीसरा सूर्य मंदिर है। जिसका शास्त्रों में वर्णन है। इन दोनों कलाकृतियों को तैयार करने में रोहित को 11 दिन लगे है।
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रोहित का कहना है कि वह अपने आप को गौरवांवित महसूस कर रहे है कि उनके द्वारा बनाए गए गमछा और स्मृति चिह्न पीएम और सीएम तक पहुंचे हैं। पीएम और सीएम के हाथों बुंदेलखंड की बरसों से मृत पड़ी चितैरी कला को आज फिर से जीवन दान मिला है। रोहित के मुताबिक, वह इस कला शैली में 20 वर्ष से भी अधिक समय से कार्य कर रहे है। बुंदेली कला को प्रोत्साहन देने के लिए झांसी मंडलायुक्त झांसी डॉ. अजय शंकर पांडे व डीएम चांदनी सिंह के प्रयासरत है। उन्हें के प्रयासों से आज यह पीएम मोदी तक पहुंच पाई है।
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रैली के दौरान पानी के लिए परेशान रहे लोग
उरई। उमस भरी गर्मी को देखते हुए लोग पीएम की रैली में शामिल होने के लिए घरों से पानी की बोतलें लेकर गए। चेकिंग कर रहे पुलिस कर्मियों ने लोगों से बोतल व नाश्ता व पानी रखवा लिया। जिसके चलते रैली के दौरान लोग पानी के लिए परेशान रहे। सभा स्थल में कुछ देर बाद पानी खत्म हो जाने से लोग घंटों प्यासे बने रहे।
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मीडिया कर्मियों के बैठने तक का नहीं हो सका इंतजाम
उरई। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के कवरेज को पहुंचे इलेक्ट्रानिक व प्रिंट मीडिया कर्मियों को न तो बैठने का इंतजाम मिला और न ही पानी आदि की व्यवस्था हो सकी। जिससे पूरे कार्यक्रम के दौरान मीडिया कर्मी खासे परेशान रहे। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के मंच से अनुरोध करने के बाद भी पार्टी के लोग मीडिया कर्मियों की बनाई गई दीर्घा में जमे रहे। (संवाद)
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सभा के बाद हाईवे पर लगा जाम
उरई। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बाद जैसे ही सभी लोग पंडाल से घरों को लौटने लगे। तभी कुछ लोगों ने अपने वाहन आड़े तिरछे खड़े कर दिए। इस कारण जाम लग गया। जाम लगने से वहां अधिकारियों नेताओं के वाहन भी फंस गए। भीड़ के चलते वाहन रेंगते नजर आए। जिससे लोगों को काफी समय जाम में फंसकर परेशान होना पड़ा। कड़ी मशक्कत बाद यातायात कर्मियों ने जाम खुलवाया। (संवाद)

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फोटो-31-बुंदेलखंड एक्सप्रेस के पास कार्यक्रम स्थल पर बनी कलाकृतियां देखते पीएम मोदी व सीएम योगी। संवाद
बुंदेली गौरव और शौर्य को पास से निहारा
उरई। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लोकार्पण समारोह में आए मोदी और योगी ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर बनाई गई बुंदेलखंड की प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों के चित्रों का अवलोकन किया। इन चित्रों को बनारस से आए कलाकारों ने कार्यक्रम स्थल पर बनाया है। इनमें महर्षि वेद व्यास, वीरांगना लक्ष्मीबाई, आल्हा ऊदल जैसे महापुरुषों के चित्र है। साथ ही किला और प्राचीन मंदिर भी शामिल है। (संवाद)
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