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सरकारी स्कूल में चल रही कोचिंग
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 13 Jan 2017 11:18 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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बाजार बैठगंज स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य के संरक्षण में कोचिंग चलाई जा रही है। इसका समय सुबह 8 से 11 बजे होने के चलते विद्यालय आने वाले बच्चों को बाहर बैठकर पढ़ना पड़ता है। इस मामले को लेकर उपजिलाधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी को जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए। मामला सही पाए जाने पर उन्होंने प्रधानाचार्य के खिलाफ
सख्त कार्रवाई की बात कही।बाजार बैठगंज में पुराने अस्पताल परिसर में पूर्व माध्यमिक विद्यालय है। यहां अब्दुल जब्बार प्रधानाचार्य हैं। यहां काफी समय से कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों की कोचिंग भी चलाई जा रही है। इसकी खबर जैसे ही मीडिया को लगी तो वे मौके पर जाकर देखा। यहां कक्षाओं में तो 9 से 12 तक के बच्चे कोचिंग पढ़ते मिले तो वहीं, विद्यालय के बच्चे
विद्यालय परिसर में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। कक्षाओं में पढ़ा रहे अध्यापकों ने बताया कि वह प्रधानाचार्य की अनुमति से कोचिंग चला रहे हैं। इस संबंध में प्रधानाचार्य अब्दुल जब्बार ने बताया कि कोचिंग पढ़ा रहे अध्यापक उनके मिलने वाले थे। उन्हें कोचिंग चलाने के लिए कोई स्थान नहीं मिल रहा था इसलिए कुछ समय के लिए उन्होंने अध्यापकों को वहां पढ़ाने के लिए
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कह दिया था। इस मामले को जब उपजिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने तुरंत खंड शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच के आदेश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि परिषदीय विद्यालय में प्राइवेट कोचिंग चलाए जाने का मामला सही पाया गया तो संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सख्त कार्रवाई की बात कही।बाजार बैठगंज में पुराने अस्पताल परिसर में पूर्व माध्यमिक विद्यालय है। यहां अब्दुल जब्बार प्रधानाचार्य हैं। यहां काफी समय से कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों की कोचिंग भी चलाई जा रही है। इसकी खबर जैसे ही मीडिया को लगी तो वे मौके पर जाकर देखा। यहां कक्षाओं में तो 9 से 12 तक के बच्चे कोचिंग पढ़ते मिले तो वहीं, विद्यालय के बच्चे
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विद्यालय परिसर में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। कक्षाओं में पढ़ा रहे अध्यापकों ने बताया कि वह प्रधानाचार्य की अनुमति से कोचिंग चला रहे हैं। इस संबंध में प्रधानाचार्य अब्दुल जब्बार ने बताया कि कोचिंग पढ़ा रहे अध्यापक उनके मिलने वाले थे। उन्हें कोचिंग चलाने के लिए कोई स्थान नहीं मिल रहा था इसलिए कुछ समय के लिए उन्होंने अध्यापकों को वहां पढ़ाने के लिए
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कह दिया था। इस मामले को जब उपजिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने तुरंत खंड शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच के आदेश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि परिषदीय विद्यालय में प्राइवेट कोचिंग चलाए जाने का मामला सही पाया गया तो संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।