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Jalaun News: जनपद के एक हजार व्यापारी जीएसटी विभाग के रडार पर
Sun, 16 Jun 2024 01:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sun, 16 Jun 2024 01:11 AM IST
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उरई। जिले के करीब एक हजार व्यापारी जीएसटी विभाग के रडार पर है। इन व्यापारियों ने जीएसटी रिटर्न में निल फाइल किया है। ऐसे व्यापारियों के दस्तावेजों की जांच हो रही है और उनकी रिपोर्ट बनाई जा रही है। इसके बाद इन व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बता दें कि जीएसटी विभाग में समाधान योजना के तहत करीब तीन हजार पंजीकृत डीलर्स हैं। इनमें करीब एक हजार डीलर ऐसे है, जो लगातार अपना जीएसटी रिटर्न निल (शून्य भर) फाइल कर रहे है। ऐसे व्यापारियों की खैर नहीं है। जीएसटी विभाग द्वारा शून्य कर देने वाले डीलर और व्यापारियों के दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है और उनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सहायक आयुक्त राज्य कर प्रभार (प्रशासन) आशीष मिश्रा ने बताया कि ऐसे डीलरों को विभाग ने पहले भी चेतावनी दी थी लेकिन शून्य कर देने वाले डीलरों के रिटर्न में कोई सुधार नहीं आया है। इसके कारण जीएसटी विभाग अब कड़े कदम उठाने जा रहा है। ऐसे डीलरों की गोपनीय तरीके से जांच कराई जाएगी। फर्म के चलते रहने के बावजूद जिन फर्मों ने शून्य कर या निल रिटर्न दाखिल किया है, उनकी एसआईबी जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही जीएसटी प्रावधानों के तहत उनका कर उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।
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बता दें कि जीएसटी विभाग में समाधान योजना के तहत करीब तीन हजार पंजीकृत डीलर्स हैं। इनमें करीब एक हजार डीलर ऐसे है, जो लगातार अपना जीएसटी रिटर्न निल (शून्य भर) फाइल कर रहे है। ऐसे व्यापारियों की खैर नहीं है। जीएसटी विभाग द्वारा शून्य कर देने वाले डीलर और व्यापारियों के दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है और उनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सहायक आयुक्त राज्य कर प्रभार (प्रशासन) आशीष मिश्रा ने बताया कि ऐसे डीलरों को विभाग ने पहले भी चेतावनी दी थी लेकिन शून्य कर देने वाले डीलरों के रिटर्न में कोई सुधार नहीं आया है। इसके कारण जीएसटी विभाग अब कड़े कदम उठाने जा रहा है। ऐसे डीलरों की गोपनीय तरीके से जांच कराई जाएगी। फर्म के चलते रहने के बावजूद जिन फर्मों ने शून्य कर या निल रिटर्न दाखिल किया है, उनकी एसआईबी जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही जीएसटी प्रावधानों के तहत उनका कर उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।
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