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हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए बनेगा वन स्टॉप सेंटर
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उरई। घरेलू हिंसा, यौन शोषण, बाल विवाह, दहेज उत्पीड़न का शिकार महिलाओं के लिए जिले में वन स्टॉप सेंटर की स्थापना होगी। यहां न्याय के लिए भटक रहीं महिलाओं को सुरक्षा व कानूनी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अधिकारियों के मुताबिक सेंटर के लिए जगह चिह्नित कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। यहां से हरी झंडी मिलते ही निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
कोतवाली, थाने व महिला हेल्प लाइन नंबरों पर महिलाओं के उत्पीड़न की शिकायतें आती रहती हैं। अलग-अलग मामलों में पीड़ितों के लिए पुलिस को कई प्रशासनिक, स्वास्थ्य के आला अधिकारियों से समन्वय स्थापित करना पड़ता है। इससे पुलिस को परेशान होना पड़ता है। पीड़ित महिला को भी अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में शासन ने जिले में वन स्टाप सेंटर बनाने का फैसला किया है। जिलाधिकारी डॉ. मन्नान अख्तर के निर्देश पर प्रोवेशन कार्यालय के अधिकारियों ने जगह का चयन कर प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक शहर के लहारियापुरवा में लगभग 500 वर्ग मीटर जगह चिह्नित की गई है। जिला प्रशासन ने जमीन का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। सब कुछ ठीक रहा तो 2021 के जनवरी माह से इस सेंटर का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। प्रोवेशन कार्यालय के प्रभारी चंदन कुमार ने बताया कि सेंटर के लिए प्रस्तावित जगह और अनुमानित बजट की रिपोर्ट तैयार कर फाइल शासन को भेजी जा चुकी है। जल्द योजना जमीन पर दिखाई देने लगेगी।
इन अपराधों से पीड़ित महिलाओं को मिलेगा आश्रय
वन स्टाप सेंटर को सहेली के नाम से भी जाना जाएगा। इस सेंटर में दुष्कर्म, लैंगिक हिंसा, घरेलू हिंसा, ट्रैफिकिंग, एसिड अटैक, दहेज उत्पीड़न, सती, बाल यौन शोषण, बाल विवाह, भ्रूण हत्या आदि के मामलों से पीड़ित महिलाओं को आश्रय दिया जाएगा।
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मददगार होंगे 181 व 1090 नंबर
महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय की वन स्टॉप सेंटर स्कीम के तहत संचालित सेंटर हेल्पलाइन नंबर जैसे 181 व 1090 के साथ काम करेंगे। जब भी कोई पीड़ित महिला इन नंबरों पर फोन कर सहायता मांगेगी, पुलिस मौके पर पहुंचकर पीड़िता को लेकर वन स्टाप सेंटर ले जाएगी। यहां कानूनी सुविधा और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। सेंटर पर महिलाओं की आत्मशक्ति को मजबूत करने के लिए काउंसलिंग भी की जाएगी।
पीड़ित महिलाओं के लिए मेडिकल सुविधा भी रहेगी
सेंटर पर पीड़ित महिलाओं को मेडिकल सुविधा भी दी जाएगी। शारीरिक, मानसिक बीमारियों का इलाज करने के लिए चिकित्सकों की टीम भी मुस्तैद रहेगी। इससे महिलाओं को अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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कोतवाली, थाने व महिला हेल्प लाइन नंबरों पर महिलाओं के उत्पीड़न की शिकायतें आती रहती हैं। अलग-अलग मामलों में पीड़ितों के लिए पुलिस को कई प्रशासनिक, स्वास्थ्य के आला अधिकारियों से समन्वय स्थापित करना पड़ता है। इससे पुलिस को परेशान होना पड़ता है। पीड़ित महिला को भी अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में शासन ने जिले में वन स्टाप सेंटर बनाने का फैसला किया है। जिलाधिकारी डॉ. मन्नान अख्तर के निर्देश पर प्रोवेशन कार्यालय के अधिकारियों ने जगह का चयन कर प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक शहर के लहारियापुरवा में लगभग 500 वर्ग मीटर जगह चिह्नित की गई है। जिला प्रशासन ने जमीन का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। सब कुछ ठीक रहा तो 2021 के जनवरी माह से इस सेंटर का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। प्रोवेशन कार्यालय के प्रभारी चंदन कुमार ने बताया कि सेंटर के लिए प्रस्तावित जगह और अनुमानित बजट की रिपोर्ट तैयार कर फाइल शासन को भेजी जा चुकी है। जल्द योजना जमीन पर दिखाई देने लगेगी।
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इन अपराधों से पीड़ित महिलाओं को मिलेगा आश्रय
वन स्टाप सेंटर को सहेली के नाम से भी जाना जाएगा। इस सेंटर में दुष्कर्म, लैंगिक हिंसा, घरेलू हिंसा, ट्रैफिकिंग, एसिड अटैक, दहेज उत्पीड़न, सती, बाल यौन शोषण, बाल विवाह, भ्रूण हत्या आदि के मामलों से पीड़ित महिलाओं को आश्रय दिया जाएगा।
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मददगार होंगे 181 व 1090 नंबर
महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय की वन स्टॉप सेंटर स्कीम के तहत संचालित सेंटर हेल्पलाइन नंबर जैसे 181 व 1090 के साथ काम करेंगे। जब भी कोई पीड़ित महिला इन नंबरों पर फोन कर सहायता मांगेगी, पुलिस मौके पर पहुंचकर पीड़िता को लेकर वन स्टाप सेंटर ले जाएगी। यहां कानूनी सुविधा और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। सेंटर पर महिलाओं की आत्मशक्ति को मजबूत करने के लिए काउंसलिंग भी की जाएगी।
पीड़ित महिलाओं के लिए मेडिकल सुविधा भी रहेगी
सेंटर पर पीड़ित महिलाओं को मेडिकल सुविधा भी दी जाएगी। शारीरिक, मानसिक बीमारियों का इलाज करने के लिए चिकित्सकों की टीम भी मुस्तैद रहेगी। इससे महिलाओं को अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।