{"_id":"5764351d4f1c1b4c0511bd23","slug":"on-the-second-friday-of-ramadan-prayers-sought","type":"story","status":"publish","title_hn":"रमजान के दूसरे जुमे पर भी मांगी दुआ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रमजान के दूसरे जुमे पर भी मांगी दुआ
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 17 Jun 2016 11:06 PM IST
विज्ञापन
मस्जिद में दुआ अकीदतमंद नमाजी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाक माह रमजान-उल-मुबारक के दूसरे जुमा में जनपद की कई मस्जिदों में मुस्लिम समाज के लोगों ने जुमे की दो रकआत नमाज फर्ज अदा की। मुकद्दस माह रमजान में इबादतों में शुक्रवार का महत्व ज्यादा होने से मस्जिदें बुजुर्गों, युवाओं एवं बच्चों से भरी नजर आईं। समुदाय के लोगों ने मस्जिद में जगह न मिलने पर अपनी नमाज सड़कों और मैदानों में अदा की।
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ग्यारहवें रमजान में पड़ने वाले दूसरे शुक्रवार को जुमे की दो रकआत नमाज फर्ज पूरे अदब और अहतराम के साथ अदा की। दूसरे जुमा में नमाज अदा करने के लिए मुस्लिम समुदाय मस्जिदों में उमड़ पड़ा। बड़ी मस्जिद में हाफिज कारी हसन ने जुमा की नमाज अदा कराई। इससे पूर्व उन्होंने तकरीर कर लोगों को रमजान माह में खैरात,
जकात एवं ईद का फितरा आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा कब्रिस्तान वाली मस्जिद में हाफिज फीरोज अली ने, मस्जिद दादूपुरा में हाफिज यूसुफ ने, नवी मस्जिद में हाफिज मंजूर अहमद ने, क्लब वाली मस्जिद में हाफिज जमील बरकाती एवं स्टेशन स्थित मस्जिदों समेत नगर के कई मजिस्जदों में हाफिजों ने जुमे की नमाज पढ़ाई।
विज्ञापन
ग्राम मुहम्मदाबाद स्थित पीरों वाली मस्जिद में हाफिज इकरामुल हुदा ने नमाज से पूर्व तकरीर में कहा कि हर मोमिन को रमजान-उल-मुबारक में पंजवक्ता नमाज अदा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस माह भी नमाज अदा न करने वाले पर रब बेशक लानत भेजता है। वहीं गांव की बड़ी मस्जिद में हाफिज हाशिम ने तो रहमानियां मस्जिद में हाफिज मुहम्मद
मुदस्सिर कादरी ने नमाज पढ़ाई। इस तरह जनपद की अन्य मस्जिदों में भी जुमा की दो रकआत नमाज फर्ज उक्त हाफिजों द्वारा पूरी शादगी के साथ अपने मुकम्मल समय पर मस्जिदों में अदा कराई गयी। इस दौरान मस्जिदें सड़क तक नमाजियों से खचाखच भरी रहीं और अकीदतमंद नमाजियों ने मुल्क की तरक्की, हिफाजत, अमन-चैन एवं खुशहाली के लिए रब की बारगाह में हाथ फैला कर सामूहिक दुआएं मांगी।
विज्ञापन
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ग्यारहवें रमजान में पड़ने वाले दूसरे शुक्रवार को जुमे की दो रकआत नमाज फर्ज पूरे अदब और अहतराम के साथ अदा की। दूसरे जुमा में नमाज अदा करने के लिए मुस्लिम समुदाय मस्जिदों में उमड़ पड़ा। बड़ी मस्जिद में हाफिज कारी हसन ने जुमा की नमाज अदा कराई। इससे पूर्व उन्होंने तकरीर कर लोगों को रमजान माह में खैरात,
विज्ञापन
जकात एवं ईद का फितरा आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा कब्रिस्तान वाली मस्जिद में हाफिज फीरोज अली ने, मस्जिद दादूपुरा में हाफिज यूसुफ ने, नवी मस्जिद में हाफिज मंजूर अहमद ने, क्लब वाली मस्जिद में हाफिज जमील बरकाती एवं स्टेशन स्थित मस्जिदों समेत नगर के कई मजिस्जदों में हाफिजों ने जुमे की नमाज पढ़ाई।
विज्ञापन
ग्राम मुहम्मदाबाद स्थित पीरों वाली मस्जिद में हाफिज इकरामुल हुदा ने नमाज से पूर्व तकरीर में कहा कि हर मोमिन को रमजान-उल-मुबारक में पंजवक्ता नमाज अदा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस माह भी नमाज अदा न करने वाले पर रब बेशक लानत भेजता है। वहीं गांव की बड़ी मस्जिद में हाफिज हाशिम ने तो रहमानियां मस्जिद में हाफिज मुहम्मद
मुदस्सिर कादरी ने नमाज पढ़ाई। इस तरह जनपद की अन्य मस्जिदों में भी जुमा की दो रकआत नमाज फर्ज उक्त हाफिजों द्वारा पूरी शादगी के साथ अपने मुकम्मल समय पर मस्जिदों में अदा कराई गयी। इस दौरान मस्जिदें सड़क तक नमाजियों से खचाखच भरी रहीं और अकीदतमंद नमाजियों ने मुल्क की तरक्की, हिफाजत, अमन-चैन एवं खुशहाली के लिए रब की बारगाह में हाथ फैला कर सामूहिक दुआएं मांगी।