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Jalaun News: पानी निकाल रहा तेल, रोज एक लाख का खेल

Tue, 02 Apr 2024 11:52 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 02 Apr 2024 11:52 PM IST
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Oil is extracting water, a game of one lakh per day
उरई। गर्मी की तपन लोगों के हलक सूखा रही है। प्यास बुझाने के लिए 20 से 30 रुपये की बोतल खरीदना लोगों की मजबूरी बन गया है।
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बढ़ती गर्मी और जिम्मेदारों की बदइंतजामी के चलते शहर के लोग रोजाना एक लाख कीमत का पैकिंग वाला बोतल का पानी पीने को मजबूर हैं। शहर के अंदर रोजाना एक लाख का पानी बिक जाता है। ऐसा इसलिए नहीं है कि लोगों को पानी खरीदने का शौक है, बल्कि पालिका की उदासीनता का शिकार आम लोगों को होना पड़ रहा है। गर्मी में शहर के अधिकतर चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। इसलिए पैकिंग वाली बोतल का पानी पीना लोगों की मजबूरी बनता जा रहा है।
रोजाना बस स्टैंड, स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड, कालपी बस स्टैंड, सरकारी अस्पताल, जालौन बाईपास स्टैंड, मेडिकल कॉलेज, राठ बस स्टैंड, जिला परिषद सहित मुख्य बाजार में करीब रोजाना एक लाख का पानी बिक जाता है। इसके अलावा पानी के कैंपर शहर के अंदर करीब एक हजार स्थान पर आते हैं। इसमें दुकानों के साथ अस्पताल-होटल शामिल हैं। लोगों को बोतल खरीदना और कैंपर मंगवाना इसलिए मजबूरी है। क्योंकि शहर के अंदर एक दो जगह छोड़कर कहीं भी पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं है।
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पहले जो वॉटर कूलर लगे थे, वह खराब हो चुके हैं। कुछ स्थानों से वॉटर कूलर ही गायब हो गए हैं। सिर्फ बस स्टैंड या चौराहों पर बदहाली नहीं छाई है। सरकारी अस्पताल और स्टेशन में पानी की व्यवस्थाओं पर ग्रहण लगा हुआ है। मजे की बात यह है कि इस समस्या से निपटने के लिए पालिका की अभी तक कोई तैयारी नहीं हुई है।
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ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले यात्री सभी प्यास बुझाने के लिए बोतल खरीदते हैं। शहर के अंदर रोजाना करीब पांच हजार बोतल की बिक्री होती है। इनकी कीमत करीब एक लाख पहुंच जाती है। दुकानदार बताते हैं कि वॉटर कूलर न होने से भी बोतलों की खरीद अधिक हो रही है। वह अपनी दुकानों के बाहर पानी रखते हैं तो गर्मी के चलते उसे कोई पीता नहीं है। ठंडे पानी के लिए तुरंत बोतल की खरीद की जाती है।

न्यायालय के अंदर पांच वॉटर कूलर लगे हैं, मुख्य द्वार वाला खराब है। यह पांच माह से खराब पड़ा हुआ है। रोजाना 1,500 वकील व वादकारी न्यायायल आते हैं। उन्हें अंदर के वॉटर कूलर की जानकारी नहीं है। प्यास बुझाने के लिए उन सभी लोगों को बोतल खरीदनी पड़ती है। बाहर भी पानी की कोई व्यवस्था नहीं है।
उपदेश कुमार ने बताया कि चमारी गांव से काम के लिए आए हैं। पानी के लिए कालपी बस स्टैंड पर कोई व्यवस्था नहीं दिखी। बाजार में भी कहीं पानी नहीं मिला। एक दुकान से बोतल खरीदकर प्यास बुझाई है। पालिका की तरफ से वॉटर कूलर की तो व्यवस्था होनी चाहिए।
सेवचंद्र ने बताया कि वह फतेहपुर से आए हैं। यहां पानी की व्यवस्था नहीं है। पानी की बोतल से काम चला रहे हैं। पहली बार ऐसा हुआ। किसी शहर में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। हमारे यहां चौराहों पर वॉटर कूलर लगे हैं।

शहर में जो खराब वॉटर कूलर लगे हैं। उनको ठीक करवाया जा रहा है। जो पालिका के पास रखे हुए हैं। उनको भी निकलवाकर सही करवाकर चौराहों पर लगवाया जाएगा। -गिरिश चंद्र, ईओ, नगर पालिका, उरई
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