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सूखी फसल लेकर अधिकारियों के सामने पहुंचे किसान
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sat, 19 Mar 2016 11:00 PM IST
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सूखी फसल लेकर एडीएम के पास जाते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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सूखा के संकट से जूझ रहे किसानों को प्रशासनिक व्यवस्था का भी पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते रवी फसल प्रभावित हुई है। बसरेही गांव के दर्जनों किसानों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम आनंद कुमार को सूखी फसलें दिखाईं और कहा कि नहरों में पानी नहीं पहुंचा और सरकारी नलकूप बिजली के अभाव में बंद रहे। जिससे यह स्थिति बनी है।
बसरेही गांव के मलखान सिंह, बलवान, रघुवीर, मनोहर, जयनारायन, रामकुमार समेत आदि सैकड़ा किसानों ने अधिकारियों के सामने बिजली विभाग और नहर विभाग के अधिकारियों पर फसल नष्ट करने में योगदान का आरोप लगाया। किसानों का कहना था कि प्रकृति की मार से बसरेही गांव ही नहीं, पूरे बुंदेलखंड के किसान जूझ रहे हैं। सूखा और ओलावृष्टि, बारिश से
फसलें नष्ट हुईं हैं। जिससे किसान आर्थिक रूप से टूट चुका है। उनके क्षेत्र में नहरों में पानी भी नहीं पहुंचा और सरकारी नलकूप भी बिजली आपूर्ति न होने से संचालित नहीं हुए। जिसकी वजह से जरुरत पर फसल की सिंचाई नहीं हो पाई। गेहूं की फसल पूरी तरह से सूख गई है। किसानों ने नुकसान का आंकलन कराने की मांग करते हुए उचित मुआवजा की मांग भी की है।
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बसरेही गांव के मलखान सिंह, बलवान, रघुवीर, मनोहर, जयनारायन, रामकुमार समेत आदि सैकड़ा किसानों ने अधिकारियों के सामने बिजली विभाग और नहर विभाग के अधिकारियों पर फसल नष्ट करने में योगदान का आरोप लगाया। किसानों का कहना था कि प्रकृति की मार से बसरेही गांव ही नहीं, पूरे बुंदेलखंड के किसान जूझ रहे हैं। सूखा और ओलावृष्टि, बारिश से
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फसलें नष्ट हुईं हैं। जिससे किसान आर्थिक रूप से टूट चुका है। उनके क्षेत्र में नहरों में पानी भी नहीं पहुंचा और सरकारी नलकूप भी बिजली आपूर्ति न होने से संचालित नहीं हुए। जिसकी वजह से जरुरत पर फसल की सिंचाई नहीं हो पाई। गेहूं की फसल पूरी तरह से सूख गई है। किसानों ने नुकसान का आंकलन कराने की मांग करते हुए उचित मुआवजा की मांग भी की है।
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