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नीलगायों ने रौंदी 17 बीघा फसल
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कदौरा में नीलगाय द्वारा नष्ट की गई फसल दिखाता किसान
- फोटो : ORAI
कदौरा। क्षेत्र में अन्ना मवेशियों के बाद अब किसान नीलगाय से परेशान हैं। आए दिन नीलगाय जंगल से आकर किसानों के खेतों पर धावा बोल कर उनकी फसलों को बर्बाद कर रही है। बुधवार को नीलगायों ने क्षेत्र के ग्राम चंदरसी नगवां गांव में धावा बोलकर किसानों की 17 बीघा की फसल को रौंद डाला।
बुधवार रात एक बार फिर नीलगायों के झुंड ने ग्राम चंदरसी नगवां में धावा बोलकर कई किसानों की फसल को रौंद दिया। इनमें कमलेश की 4 बीघा चना, ओंकार के 3 बीघा चना, रामसहाय के 6 बीघा मटर व प्रभात के 4 बीघा मटर चना की फसल बर्बाद हो गई। गुरुवार सुबह जब किसान अपने खेतों में पहुंचे, तो खेतों की हालात देख कर दुखी हो गए। किसानों का कहना है, कि अभी क्षेत्र में अन्ना समस्या खत्म खत्म नही हो पाई थी, कि अब नीलगाय उनकी फसलों को चौपट करने में लगी हुई है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में करीब पांच सैकड़ा से अधिक नीलगाय हैं। आरोप है कि कई बार वन विभाग के अधिकारियों से इन पर अंकुश लगाने की मांग कर चुके है, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली।
नीलगायों के आतंक से ब्लॉक क्षेत्र के कानाखेड़ा, बसरेही, चन्दरसी, नगवां, समसी, शहीदनगर, मवई ब्राह्मण सहित एक दर्जन से अधिक गांव के किसान प्रभावित हैं। किसानों का कहना है कि यदि इनसे जल्द निजात न मिली तो हम जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। वहीं 10 जनवरी को कानाखेड़ा के किसानों की 21 बीघा चना मटर की फ सल भी नीलगायों ने रौंद डाली थी। इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी विकास राय का कहना है अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे है। उनका कहना है कि किसान अपने खेतों स्वयं रखवाली करें।
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बुधवार रात एक बार फिर नीलगायों के झुंड ने ग्राम चंदरसी नगवां में धावा बोलकर कई किसानों की फसल को रौंद दिया। इनमें कमलेश की 4 बीघा चना, ओंकार के 3 बीघा चना, रामसहाय के 6 बीघा मटर व प्रभात के 4 बीघा मटर चना की फसल बर्बाद हो गई। गुरुवार सुबह जब किसान अपने खेतों में पहुंचे, तो खेतों की हालात देख कर दुखी हो गए। किसानों का कहना है, कि अभी क्षेत्र में अन्ना समस्या खत्म खत्म नही हो पाई थी, कि अब नीलगाय उनकी फसलों को चौपट करने में लगी हुई है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में करीब पांच सैकड़ा से अधिक नीलगाय हैं। आरोप है कि कई बार वन विभाग के अधिकारियों से इन पर अंकुश लगाने की मांग कर चुके है, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली।
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नीलगायों के आतंक से ब्लॉक क्षेत्र के कानाखेड़ा, बसरेही, चन्दरसी, नगवां, समसी, शहीदनगर, मवई ब्राह्मण सहित एक दर्जन से अधिक गांव के किसान प्रभावित हैं। किसानों का कहना है कि यदि इनसे जल्द निजात न मिली तो हम जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। वहीं 10 जनवरी को कानाखेड़ा के किसानों की 21 बीघा चना मटर की फ सल भी नीलगायों ने रौंद डाली थी। इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी विकास राय का कहना है अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे है। उनका कहना है कि किसान अपने खेतों स्वयं रखवाली करें।
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