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हौसला पोषण योजना में लापरवाही
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Wed, 19 Oct 2016 11:15 PM IST
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विकास भवन में समीक्षा बैठक करते विशेष सचिव अखिलेश कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली हौसला पोषण योजना का जनपद में बुरा हाल है। गांव को गोद लिए अधिकारियों को भी योजना की पूरी जानकारी ही नहीं है। सत्यापन के नाम पर 90 फीसदी अधिकारी औपचारिकता कर रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन करने वाली मशीन खराब है तो कहीं पर ब्लडप्रेशर की जांच करने के यंत्र का प्रयोग नहीं हो रहा। यह सब
हकीकत बुधवार को जिले में आए विशेष सचिव अखिलेश कुमार के निरीक्षण में सामने आ गई। समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी बल्कि सत्यापन रिपोर्ट में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों से जवाब भी मांगा है। सुझाव दिया है कि लोगों को जागरूक करने के लिए दिमाग से नहीं दिल से सोचने की जरूरत है। योजना का बेहतर
संचालन हर हाल में होना चाहिए। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के विशेष सचिव अखिलेश कुमार ने जनपद में योजना की हकीकत देखी। डकोर ब्लाक क्षेत्र के बड़ागांव का निरीक्षण किया। यहां पर योजना के संचालन से वह असंतुष्ट नजर आए। इसके अलावा छिरावली, सिमरिया व अकोड़ी का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत
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की। निरीक्षण के बाद विकास भवन में अधिकारियों के साथ समीक्षा की। इस दौरान अधिकारी योजना के बारे में नहीं बता सके। इसके बाद निरीक्षण आख्या में बरती औपचारिकता पर नाराजगी जताई। कहा कि गांव में निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र पर समय दें। ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें जागरूक करें। अति कुपोषित बच्चों की देखभाल नियमित
वजन करने के निर्देश दिए। गांव को गोद लिए अधिकारियों की ओर से प्रस्तुत की जाने वाली जांच रिपोर्ट पर नाराजगी जताई। समय पर और सही रिपोर्ट न देने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना की मंशा पूरी होनी चाहिए। डीएम संदीप कौर ने विशेष सचिव को आश्वस्त किया कि जो खामियां सामने आई हैं उन्हें
दूर कर लिया जाएगा। गैरहाजिर कर्मचारियों को भी स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ एसपी सिंह, पीडी चित्रसेन सिंह, डीसी मनरेगा प्रमोद कुमार चंद्रोल, डीडी कृषि अनिल कुमार पाठक, सदर एसडीएम आलोक यादव मौजूद रहे।
डांटे गए सीडीपीओ
समीक्षा बैठक और निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों और योजना के संचालन में सबसे अधिक खामियां डकोर व माधौगढ़ ब्लाक क्षेत्र में सामने आईं। डकोर के सीडीपीओ हृदयनारायण राम व माधौगढ़ के सीडीपीओ कपिल शर्मा को कड़ी फटकार लगाई गई। अंकिता वर्मा व विमलेश आर्य के कार्य की सराहना की गई। लापरवाह सीडीपीओ से कहा गया
कि उनसे अच्छा कार्य तो महिला सीडीपीओ कर रही है। इस पर दोनो ही सीडीपीओ सारी सर कहते नजर आए। डीएम ने कहा कि लगता है डांट-फटकार के ये आदी हो चुके है। विशेष सचिव ने एक सप्ताह का समय दिया कि अगर काम में सुधार नहीं आया तो शासन स्तर से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जब अर्दली ने जगाया
विशेष सचिव जब विकास भवन में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ले रहे थे तो उस दौरान कोने की एक सीट पर बैठे लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता झपकी ले रहे थे। नींद ऐसी की उनके हाथ से पेन भी छूट गया। कैमरों का फ्लैश से भी उनकी झपकी नहीं टूट रही थी। सामने वाली लाइन में बैठे अधिकारी भी उन्हें देख रहे थे। आखिर में डीएम के अर्दली ने आकर उन्हें जगाया, तब साहब की आंख खुली और उन्हें लगा कि वह बैठक में थे घर पर नहीं।
रोका वेतन, दी प्रतिकूल प्रविष्टि
विशेष सचिव के सामने किरकिरी होने के बाद सीडीओ एसपी सिंह ने डकोर सीडीपीओ का वेतन रोकने और माधौगढ़ सीडीपीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। इसके पहले भी दोनों सीडीपीओ के वेतन पर रोक लगाए जाने की कार्रवाई हो चुकी है।
बुधवार को बड़ागांव केंद्र पर अव्यवस्थाएं मिलने पर विशेष सचिव की नाराजगी के बाद सीडीओ एसपी सिंह ने सीडीपीओ हृदय नारायण राम को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया है। इसके अलावा माधौगढ़ के सीडीपीओ कपिल शर्मा का वेतन रोके जाने का निर्देश दे दिया है। सीडीओ ने कहा कि इसके बाद भी लापरवाही रही तो विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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हकीकत बुधवार को जिले में आए विशेष सचिव अखिलेश कुमार के निरीक्षण में सामने आ गई। समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी बल्कि सत्यापन रिपोर्ट में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों से जवाब भी मांगा है। सुझाव दिया है कि लोगों को जागरूक करने के लिए दिमाग से नहीं दिल से सोचने की जरूरत है। योजना का बेहतर
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संचालन हर हाल में होना चाहिए। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के विशेष सचिव अखिलेश कुमार ने जनपद में योजना की हकीकत देखी। डकोर ब्लाक क्षेत्र के बड़ागांव का निरीक्षण किया। यहां पर योजना के संचालन से वह असंतुष्ट नजर आए। इसके अलावा छिरावली, सिमरिया व अकोड़ी का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत
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की। निरीक्षण के बाद विकास भवन में अधिकारियों के साथ समीक्षा की। इस दौरान अधिकारी योजना के बारे में नहीं बता सके। इसके बाद निरीक्षण आख्या में बरती औपचारिकता पर नाराजगी जताई। कहा कि गांव में निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र पर समय दें। ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें जागरूक करें। अति कुपोषित बच्चों की देखभाल नियमित
वजन करने के निर्देश दिए। गांव को गोद लिए अधिकारियों की ओर से प्रस्तुत की जाने वाली जांच रिपोर्ट पर नाराजगी जताई। समय पर और सही रिपोर्ट न देने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना की मंशा पूरी होनी चाहिए। डीएम संदीप कौर ने विशेष सचिव को आश्वस्त किया कि जो खामियां सामने आई हैं उन्हें
दूर कर लिया जाएगा। गैरहाजिर कर्मचारियों को भी स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ एसपी सिंह, पीडी चित्रसेन सिंह, डीसी मनरेगा प्रमोद कुमार चंद्रोल, डीडी कृषि अनिल कुमार पाठक, सदर एसडीएम आलोक यादव मौजूद रहे।
डांटे गए सीडीपीओ
समीक्षा बैठक और निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों और योजना के संचालन में सबसे अधिक खामियां डकोर व माधौगढ़ ब्लाक क्षेत्र में सामने आईं। डकोर के सीडीपीओ हृदयनारायण राम व माधौगढ़ के सीडीपीओ कपिल शर्मा को कड़ी फटकार लगाई गई। अंकिता वर्मा व विमलेश आर्य के कार्य की सराहना की गई। लापरवाह सीडीपीओ से कहा गया
कि उनसे अच्छा कार्य तो महिला सीडीपीओ कर रही है। इस पर दोनो ही सीडीपीओ सारी सर कहते नजर आए। डीएम ने कहा कि लगता है डांट-फटकार के ये आदी हो चुके है। विशेष सचिव ने एक सप्ताह का समय दिया कि अगर काम में सुधार नहीं आया तो शासन स्तर से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जब अर्दली ने जगाया
विशेष सचिव जब विकास भवन में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ले रहे थे तो उस दौरान कोने की एक सीट पर बैठे लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता झपकी ले रहे थे। नींद ऐसी की उनके हाथ से पेन भी छूट गया। कैमरों का फ्लैश से भी उनकी झपकी नहीं टूट रही थी। सामने वाली लाइन में बैठे अधिकारी भी उन्हें देख रहे थे। आखिर में डीएम के अर्दली ने आकर उन्हें जगाया, तब साहब की आंख खुली और उन्हें लगा कि वह बैठक में थे घर पर नहीं।
रोका वेतन, दी प्रतिकूल प्रविष्टि
विशेष सचिव के सामने किरकिरी होने के बाद सीडीओ एसपी सिंह ने डकोर सीडीपीओ का वेतन रोकने और माधौगढ़ सीडीपीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। इसके पहले भी दोनों सीडीपीओ के वेतन पर रोक लगाए जाने की कार्रवाई हो चुकी है।
बुधवार को बड़ागांव केंद्र पर अव्यवस्थाएं मिलने पर विशेष सचिव की नाराजगी के बाद सीडीओ एसपी सिंह ने सीडीपीओ हृदय नारायण राम को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया है। इसके अलावा माधौगढ़ के सीडीपीओ कपिल शर्मा का वेतन रोके जाने का निर्देश दे दिया है। सीडीओ ने कहा कि इसके बाद भी लापरवाही रही तो विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।