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बंद रहे मेडिकल स्टोर, हैरान रहे तीमारदार
अमर उजाला ब्यूरो जालौन
Updated Thu, 15 Oct 2015 12:30 AM IST
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फार्मासिस्ट फाउंडेशन के बैनरतले बुधवार को प्रदेश व्यापी बंदी केे दौरान जिले में भी मेडिकल स्टोर बंद कर दवा कारोबारियों ने प्रदर्शन किया। मेडिकल स्टोर बंद होने से जिला अस्पताल छोड़ कर प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों को दवाएं नहीं मिल सकीं। मरीजों के तीमारदार खासे परेशान रहे।
प्रदर्शनकारियों ने दुकान बंद कर प्रदर्शन किया और जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। फार्मासिस्ट फाउंडेशन के जिला संयोजक सुरेंद्र विक्रम वेद ने कहा कि जब मेडिकल स्टोर बंदी को लेकर केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को एस्मा की कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। फार्मासिस्ट फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष राम नारायण कौशल ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह दवा प्रतिनिधियों की मांगें माने। कहा कि जब दवा बिना फार्मासिस्ट के नहीं बिक सकती और ना ही कोई दवा कि दुकान खुल सकती है तो फिर ये कौन लोग है जो अपने दवाखाना बंद किये हैं।
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प्रदेश के सभी फार्मासिस्ट सरकार के साथ है जिससे सरकार व्यापारियों द्वारा 14 अक्तूबर को दवाखाने बंद किए जाने पर किसी तरह का दबाव में नहीं आई। वहीं दूसरी ओर दवा व्यापारियों ने 14 अक्तूबर को मेडिकल स्टोर बंद रखा, जिसका असर शहर में दिखाई दिया। शहर के लोग दवा लेने के लिए शहर में जगह जगह भटकते रहे।
कालपी में आनलाइन दवाइयों के वितरण व अन्य मामलों को लेकर प्रदेश व्यापी अभियान के तहत बुधवार को कालपी के मेडिकल स्टोर संचालकों ने अपने अपने प्रतिष्ठानों में तालाबंदी करके हड़ताल रखी। मेडिकल स्टोरों के बंद होने की वजह से रोगियों को दवाइयों के लिए भटकना पड़ा।
शिव मेडिकल स्टोर के संचालक कृपाशंकर गुप्ता ने बताया कि कई मामलों को लेकर सरकार का नजरिया मेडिकल स्टोर के प्रति अच्छा नहीं है। सरकार व विभाग की गलत नीतियों के विरोध स्वरुप कालपी के मेडिकल स्टोर बंद रखे गए।
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प्रदर्शनकारियों ने दुकान बंद कर प्रदर्शन किया और जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। फार्मासिस्ट फाउंडेशन के जिला संयोजक सुरेंद्र विक्रम वेद ने कहा कि जब मेडिकल स्टोर बंदी को लेकर केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को एस्मा की कार्रवाई के निर्देश दिए।
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इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। फार्मासिस्ट फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष राम नारायण कौशल ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह दवा प्रतिनिधियों की मांगें माने। कहा कि जब दवा बिना फार्मासिस्ट के नहीं बिक सकती और ना ही कोई दवा कि दुकान खुल सकती है तो फिर ये कौन लोग है जो अपने दवाखाना बंद किये हैं।
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प्रदेश के सभी फार्मासिस्ट सरकार के साथ है जिससे सरकार व्यापारियों द्वारा 14 अक्तूबर को दवाखाने बंद किए जाने पर किसी तरह का दबाव में नहीं आई। वहीं दूसरी ओर दवा व्यापारियों ने 14 अक्तूबर को मेडिकल स्टोर बंद रखा, जिसका असर शहर में दिखाई दिया। शहर के लोग दवा लेने के लिए शहर में जगह जगह भटकते रहे।
कालपी में आनलाइन दवाइयों के वितरण व अन्य मामलों को लेकर प्रदेश व्यापी अभियान के तहत बुधवार को कालपी के मेडिकल स्टोर संचालकों ने अपने अपने प्रतिष्ठानों में तालाबंदी करके हड़ताल रखी। मेडिकल स्टोरों के बंद होने की वजह से रोगियों को दवाइयों के लिए भटकना पड़ा।
शिव मेडिकल स्टोर के संचालक कृपाशंकर गुप्ता ने बताया कि कई मामलों को लेकर सरकार का नजरिया मेडिकल स्टोर के प्रति अच्छा नहीं है। सरकार व विभाग की गलत नीतियों के विरोध स्वरुप कालपी के मेडिकल स्टोर बंद रखे गए।