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Jalaun News: शटडाउन लेकर पोल पर काम कर रहा लाइनमैन झुलसा, गंभीर
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरावन। शटडाउन लेकर काम कर रहा लाइनमैन सप्लाई चालू हो जाने से झुलस गया। गांव के लोग उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। परिजनों ने फीडर के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
गांव स्थित पावर हाउस के बदनपुरा फीडर का शटडाउन लेकर लाइनमैन मानवेंद्र कुशवाहा (22) मंगलवार की देर रात बिजली न आने से शटडाउन लेकर लाइन सही कर रहा था। शटडाउन के बाद किसी ने पावर हाउस से आपूर्ति शुरू कर दी। जिससे पोल पर चढ़कर काम कर रहे मानवेंद्र के शरीर में आग लग गई। जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया।
आसपास मौजूद ग्रामीण उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां से उसे रेफर कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पावर हाउस में शाम होते ही अराजकतत्वों का जमावड़ा लग जाता है। शटडाउन के बाद भी आपूर्ति कैसे चालू हो गई। इसके बारे में कोई जानकारी नहीं हो सकी है। वहीं घटना के बाद विभाग का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी लाइनमैन के पास नहीं पहुंचा न ही उसे कोई मदद मिली। जिस पर ग्रामीणों ने उसे एक लाख एकत्रित कर इलाज के लिए भिजवाए हैं।
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सरावन। शटडाउन लेकर काम कर रहा लाइनमैन सप्लाई चालू हो जाने से झुलस गया। गांव के लोग उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। परिजनों ने फीडर के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
गांव स्थित पावर हाउस के बदनपुरा फीडर का शटडाउन लेकर लाइनमैन मानवेंद्र कुशवाहा (22) मंगलवार की देर रात बिजली न आने से शटडाउन लेकर लाइन सही कर रहा था। शटडाउन के बाद किसी ने पावर हाउस से आपूर्ति शुरू कर दी। जिससे पोल पर चढ़कर काम कर रहे मानवेंद्र के शरीर में आग लग गई। जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया।
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आसपास मौजूद ग्रामीण उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां से उसे रेफर कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पावर हाउस में शाम होते ही अराजकतत्वों का जमावड़ा लग जाता है। शटडाउन के बाद भी आपूर्ति कैसे चालू हो गई। इसके बारे में कोई जानकारी नहीं हो सकी है। वहीं घटना के बाद विभाग का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी लाइनमैन के पास नहीं पहुंचा न ही उसे कोई मदद मिली। जिस पर ग्रामीणों ने उसे एक लाख एकत्रित कर इलाज के लिए भिजवाए हैं।
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