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सत्यापन के लिए परेशान किसानों ने किया हंगामा
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गेट के बाहर हंगामा काटते किसान
- फोटो : ORAI
कोंच। गेहूं खरीद के लिए सत्यापन न होने से परेशान किसानों ने हंगामा किया। मंडी गेट पर ताला डालकर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
सरकारी क्रय केंद्र एक अप्रैल से खुल गए और किसानों ने भी अपनी फसल काटकर बेचने के लिए केंद्रों पर ट्राली लगा दी है लेकिन उनके ऑनलाइन किसान पंजीकरण नहीं हो पा रहे हैं और वेे सत्यापन के लिए परेशान घूम रहे हैं। उनके आधार कार्ड और खतौनी का मिलान नहीं हो रहा हैं, इसके साथ ही मंडी का कंप्यूटर सिस्टम में परेशानी होने से गुस्साए सैकड़ों किसान नवीन गल्ला मंडी गेट पर एकत्रित हो गए और गेट में ताला डालकर जाम लगाकर हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार राजेश विश्वकर्मा ने समस्या के समाधान का किसानों को अश्वासन देते हुए उनको समझा बुझाकर शांत किया।
तहसीलदार ने तत्काल लेखपालों को मंडी बुला लिया और मंडी के कंप्यूटर सिस्टम को हटाकर तहसील कार्यालय से एक कंप्यूटर सिस्टम मंगाकर किसानों का काम शुरू कराया। तहसीलदार राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि किसानों के आधार कार्ड और खतौनी में नामों में अंतर है जिससे ऑनलाइन पंजीकरण में परेशानी आ रही थी। उसके लिए लेखपालों को लगाया गया है। लेखपाल सत्यापन कर रिपोर्ट देंगे जिसके आधार पर किसानों का पंजीकरण आसानी से हो जाएगा।
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सरकारी क्रय केंद्र एक अप्रैल से खुल गए और किसानों ने भी अपनी फसल काटकर बेचने के लिए केंद्रों पर ट्राली लगा दी है लेकिन उनके ऑनलाइन किसान पंजीकरण नहीं हो पा रहे हैं और वेे सत्यापन के लिए परेशान घूम रहे हैं। उनके आधार कार्ड और खतौनी का मिलान नहीं हो रहा हैं, इसके साथ ही मंडी का कंप्यूटर सिस्टम में परेशानी होने से गुस्साए सैकड़ों किसान नवीन गल्ला मंडी गेट पर एकत्रित हो गए और गेट में ताला डालकर जाम लगाकर हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार राजेश विश्वकर्मा ने समस्या के समाधान का किसानों को अश्वासन देते हुए उनको समझा बुझाकर शांत किया।
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तहसीलदार ने तत्काल लेखपालों को मंडी बुला लिया और मंडी के कंप्यूटर सिस्टम को हटाकर तहसील कार्यालय से एक कंप्यूटर सिस्टम मंगाकर किसानों का काम शुरू कराया। तहसीलदार राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि किसानों के आधार कार्ड और खतौनी में नामों में अंतर है जिससे ऑनलाइन पंजीकरण में परेशानी आ रही थी। उसके लिए लेखपालों को लगाया गया है। लेखपाल सत्यापन कर रिपोर्ट देंगे जिसके आधार पर किसानों का पंजीकरण आसानी से हो जाएगा।

-किसानों को समझाते तहसीलदारराजेश विश्वकर्मा- फोटो : ORAI
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