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Jalaun News: फिर उखड़ी जोल्हूपुर ओवरब्रिज की स्लैब

Thu, 01 Oct 2026 01:16 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2026 01:16 AM IST
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Jolhupur overbridge slab dislodged again.
फोटो - 02 जोल्हूपुर रेलवे ओवरब्रिज पर दिखने लगे सरिया। संवाद
कालपी। हमीरपुर मार्ग पर निर्माणाधीन जोल्हूपुर रेलवे ओवरब्रिज की हालत एक बार फिर खराब होने लगी है। बारिश के बाद पुल की स्लैब उखड़ने से कई जगह सरिया बाहर निकल आई है। करीब छह माह पहले ही इसकी मरम्मत कराई गई थी। समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो क्षतिग्रस्त हिस्सा और बढ़ सकता है और आवागमन प्रभावित होने की आशंका है।
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हमीरपुर, महोबा, कदौरा, कुरारा समेत जिले के 100 से अधिक गांवों को रेलवे फाटक के जाम से निजात दिलाने के लिए 23 मार्च 2018 को इस ओवरब्रिज का शिलान्यास हुआ था। किलोमीटर 1279 पर समपार फाटक संख्या 194-ए के ऊपर बनने वाले पुल के लिए शासन ने 33 करोड़ चार लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया था। परियोजना को तीन साल में पूरा किया जाना था, लेकिन बजट, नक्शा स्वीकृत होने में देरी और जमीन अधिग्रहण की अड़चनों के चलते आठ साल बाद भी पुल अधूरा है।
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2022 तक करीब 20 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट मिलने के बाद एक लेन का निर्माण हो सका। वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए वर्ष 2024 में इसी अधूरी परियोजना की एक लेन से आवागमन शुरू करा दिया गया। अब बजट बढ़ने के बाद दूसरी लेन का निर्माण चल रहा है। सेतु निगम के अनुसार दोनों लेन का काम मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि, पहली लेन की स्थिति अभी से खराब होने लगी है।
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एक साल में ही उखड़ गई थी सड़क

ओवरब्रिज पर आवागमन शुरू होने के करीब एक साल बाद ही सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी। बड़े गड्ढे होने के साथ सरिया और लोहे की जाली बाहर निकल आई थी। कई जगह एक्सपेंशन ज्वाइंट भी उखड़ गए थे। इससे हादसों की आशंका बढ़ गई थी और मरम्मत के लिए कई महीनों तक आवागमन बंद करना पड़ा था। अब दोबारा स्लैब उखड़ने से पुल की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।


पहले भी हो चुके हैं हादसे

ओवरब्रिज पर क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण बाइक सवारों के फिसलकर गिरने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। पिछले साल अक्तूबर में एक महिला रेलिंग से टकराकर नीचे गिर गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। एक अन्य हादसे में महिला की गोद से बच्चा उछलकर नीचे गिर गया था। लगातार हादसों के बाद तत्कालीन डीएम ने 18 से 31 अक्तूबर तक पुल बंद कर मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे। वैकल्पिक मार्ग नहीं होने से काम प्रभावित हुआ, हालांकि बाद में आवागमन रोककर मरम्मत कराई गई थी।

वैकल्पिक अंडरपास भी बरसात में बन जाता है तालाब

रेलवे की ओर से वैकल्पिक मार्ग के तौर पर बनाया गया अंडरपास भी बारिश में परेशानी का कारण बन जाता है। जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से इसमें पानी भर जाता है और यह तालाब में तब्दील हो जाता है। ऐसे में पुल पर आवागमन बंद होने की स्थिति में लोगों के सामने सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते का संकट खड़ा हो जाता है।

मार्च 2027 तक दोनों लेन पूरी करने का दावा

क्षेत्रीय विधायक विनोद चतुर्वेदी की पहल पर शासन ने परियोजना के लिए साढ़े सात करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट जारी किया है। सेतु निगम के परियोजना निदेशक मृगेंद्र सिंह चौहान के अनुसार दोनों लेन का काम मार्च 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।

जहां कहीं पर भी गड्ढे हो गए हैं, उन गड्ढों को भरवा दिया जाएगा। साथ ही दोनों ओर तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। - मृगेंद्र सिंह चौहान, परियोजना निदेशक, सेतु निगम।

फोटो - 02 जोल्हूपुर रेलवे ओवरब्रिज पर दिखने लगे सरिया। संवाद

फोटो - 02 जोल्हूपुर रेलवे ओवरब्रिज पर दिखने लगे सरिया। संवाद

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