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जन्माष्टमी आज, मंदिर सजधज कर तैयार
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Wed, 24 Aug 2016 11:05 PM IST
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जन्माष्टमी को लेकर सजाया गया शहर का राधा-कृष्ण मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का पर्व धूमधाम से मनाने के लिए बुधवार को दिन भर तैयारियों का दौर चलता रहा। शहर के राधा कृष्ण मंदिर व अन्य मंदिरों को फूलमालाओं, रंग-बिरंगी लाइटों आदि से सजाकर भव्य रूप दे दिया गया। वहीं बाजार भी गुलजार नजर आए। भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियों के अलावा अन्य सजावट की दुकानों पर भीड़ लगी रही। जन्माष्टमी का
त्यौहार हिंदी महीने के अनुसार भादों के महीने में अष्टमी के दिन मनाया जाता है। पौराणिक मान्यता अनुसार लगभग पांच हजार वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश के मथुरा में भादों के महीने में अष्टमी के दिन भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। इस दिन भक्त पूरे दिन फलाहारी व्रत रखते हैं और रात में 12 बजे कृष्ण जन्म मनाकर ही खाना खाते हैं। जन्माष्टमी को लेकर बुधवार को
दिन भर तैयारियों का दौर चला। शहर के प्रमुख राधा-कृष्ण मंदिर को दिन भर भव्य रूप देने का काम चलता रहा। यहां पर फूलमालाओं, रंग-बिरंगी लाइटों आदि से मंदिर को सजाया गया। देर शाम तक सजावट का काम चलता रहा। इसके अलावा जन्माष्टमी को लेकर बाजारों में भी काफी रौनक नजर आई। जगह-जगह भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियों व उनके सजावट
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के सामान की दुकानें सजी रहीं। जिन पर भक्तों ने खूब खरीदारी की और भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिन मनाने के लिए भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। यही वजह थी कि बुधवार को दिन भर बाजार गुलजार रहे। महिलाओं ने सबसे अधिक खरीदारी की।
खीरे के दाम बढ़े
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान खीरे का विशेष महत्व माना गया है। इसलिए जन्माष्टमी के दिन खीरे के दाम भी आसमान छूने लगते हैं। बुधवार को ऐसा ही हुआ। कुछ दिनों पहले तक 20 रुपये किलो बिकने वाला खीरा बुधवार को 50 से 60 रुपया किलो बिका। गुरुवार को जन्माष्टमी पर इसके दाम और भी बढ़ने के आसार हैं। लेकिन महंगाई का असर भक्तों पर नजर नहीं आया और उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर जमकर खरीदारी की।
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त्यौहार हिंदी महीने के अनुसार भादों के महीने में अष्टमी के दिन मनाया जाता है। पौराणिक मान्यता अनुसार लगभग पांच हजार वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश के मथुरा में भादों के महीने में अष्टमी के दिन भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। इस दिन भक्त पूरे दिन फलाहारी व्रत रखते हैं और रात में 12 बजे कृष्ण जन्म मनाकर ही खाना खाते हैं। जन्माष्टमी को लेकर बुधवार को
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दिन भर तैयारियों का दौर चला। शहर के प्रमुख राधा-कृष्ण मंदिर को दिन भर भव्य रूप देने का काम चलता रहा। यहां पर फूलमालाओं, रंग-बिरंगी लाइटों आदि से मंदिर को सजाया गया। देर शाम तक सजावट का काम चलता रहा। इसके अलावा जन्माष्टमी को लेकर बाजारों में भी काफी रौनक नजर आई। जगह-जगह भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियों व उनके सजावट
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के सामान की दुकानें सजी रहीं। जिन पर भक्तों ने खूब खरीदारी की और भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिन मनाने के लिए भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। यही वजह थी कि बुधवार को दिन भर बाजार गुलजार रहे। महिलाओं ने सबसे अधिक खरीदारी की।
खीरे के दाम बढ़े
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान खीरे का विशेष महत्व माना गया है। इसलिए जन्माष्टमी के दिन खीरे के दाम भी आसमान छूने लगते हैं। बुधवार को ऐसा ही हुआ। कुछ दिनों पहले तक 20 रुपये किलो बिकने वाला खीरा बुधवार को 50 से 60 रुपया किलो बिका। गुरुवार को जन्माष्टमी पर इसके दाम और भी बढ़ने के आसार हैं। लेकिन महंगाई का असर भक्तों पर नजर नहीं आया और उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर जमकर खरीदारी की।