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हर साल बढ़ जाते हैं भूरेश्वर महादेव
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Wed, 22 Feb 2017 11:09 PM IST
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सरावन गांव स्थित भूरेश्वर मंदिर की शिवलिंग।
- फोटो : अमर उजाला
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सरावन स्थित भूरेश्वर महादेव मंदिर 1200 वर्ष पुराना है। मंदिर में स्थापित शिवलिंग हर साल महाशिवरात्रि पर एक चावल के बराबर बढ़ जाता है। यही वजह है कि शिवरात्रि पर शिवलिंग के दर्शन करने यूपी और एमपी से भक्तों की भीड़ पहुंचती है। दो दिन बाद शिवरात्रि पर्व को लेकर मंदिर में तैयारियां जोरों पर हैं। बता दें कि काफी समय पहले बंजारा समुदाय के
लोग गांव में आए थे। रात होने पर उन्होंने यहां विश्राम किया, तभी किसी ने डिब्बी में बंद कर शिवलिंग रखा। अगले दिन सुबह जाते वक्त उसे उठाने का प्रयास किया तो शिवलिंग नहीं उठा। बड़े बुजुर्गों के मुताबिक ये वह शिवलिंग हैं, जो मेघनाद की भुजा में बंधा रहता था। मंदिर की स्थापना संवत 1205 में हुई थी। मंदिर की देखभाल करने वाले दीवान प्रद्युम्न व वीरेंद्र
विक्रम सिंह बताते हैं कि शिवरात्रि पर शिवलिंग के सामने सच्चे मन जो भी मांगो, वह मिल जाता है। यहां लगने वाले मेले में हमीरपुर, चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर के अलावा एमपी के भिंड, मुरैना के साथ ही औरैया, इटावा, मैनपुरी से भी श्रद्धालु आते हैं। लोधेश्वर महादेव से लौटने वाले श्रद्धालु वहां से लाया पवित्र जल यहां शिवजी कोे अर्पित करते हैं।
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इन मंदिरों में भी शुरू हुई तैयारियां
महाशिवरात्रि पर शहर के राठ रोड स्थित मौनी बाबा मंदिर, हुल्की माता मंदिर, काली माता मंदिर, लक्ष्मी माता मंदिर समेत इत्यादि मंदिरों में शिवरात्रि को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिरों की साफ सफाई से लेकर वहां रंग बिरंगी रोशनी से सजाने का काम जारी है।
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लोग गांव में आए थे। रात होने पर उन्होंने यहां विश्राम किया, तभी किसी ने डिब्बी में बंद कर शिवलिंग रखा। अगले दिन सुबह जाते वक्त उसे उठाने का प्रयास किया तो शिवलिंग नहीं उठा। बड़े बुजुर्गों के मुताबिक ये वह शिवलिंग हैं, जो मेघनाद की भुजा में बंधा रहता था। मंदिर की स्थापना संवत 1205 में हुई थी। मंदिर की देखभाल करने वाले दीवान प्रद्युम्न व वीरेंद्र
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विक्रम सिंह बताते हैं कि शिवरात्रि पर शिवलिंग के सामने सच्चे मन जो भी मांगो, वह मिल जाता है। यहां लगने वाले मेले में हमीरपुर, चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर के अलावा एमपी के भिंड, मुरैना के साथ ही औरैया, इटावा, मैनपुरी से भी श्रद्धालु आते हैं। लोधेश्वर महादेव से लौटने वाले श्रद्धालु वहां से लाया पवित्र जल यहां शिवजी कोे अर्पित करते हैं।
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इन मंदिरों में भी शुरू हुई तैयारियां
महाशिवरात्रि पर शहर के राठ रोड स्थित मौनी बाबा मंदिर, हुल्की माता मंदिर, काली माता मंदिर, लक्ष्मी माता मंदिर समेत इत्यादि मंदिरों में शिवरात्रि को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिरों की साफ सफाई से लेकर वहां रंग बिरंगी रोशनी से सजाने का काम जारी है।