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Jalaun News: जवारे विसर्जन के नाम पर श्रद्धालुओं की जान जोखिम में
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फोटो - 24 ट्रैक्टर ट्राली से मंदिर में सोमवार को जाते आटा क्षेत्र में लोग। संवाद
आटा। नवरात्र में जवारे विसर्जन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के साथ ही सड़कों पर यातायात नियमों की अनदेखी भी सामने आने लगी है। ट्रैक्टर-ट्रॉली, लोडर और ऑटो में क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को बैठाकर ले जाया जा रहा है।
कोंच-नदीगांव मार्ग पर सोमवार को श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से बच्चों और महिलाओं समेत 20 लोग घायल हो गए। इसके बावजूद आटा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर ग्रामीण सड़कों तक ऐसे वाहन फर्राटा भरते नजर आए।
जवारे विसर्जन के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली में 30 से 40 श्रद्धालुओं को बैठाकर ले जाया जा रहा है। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। क्षमता से अधिक सवारियां होने के कारण वाहन अनियंत्रित होने या पलटने पर बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद चालक और वाहन मालिक सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं।
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कोंच क्षेत्र में हुए हादसे ने इस लापरवाही के खतरे को उजागर कर दिया है। सोमवार को सुबह से शाम तक आटा क्षेत्र की सड़कों पर भी क्षमता से अधिक सवारियां लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडर चलते रहे। इन वाहनों पर रोक लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन की प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आई।
जवारे विसर्जन के दौरान जल्द पहुंचने की होड़ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है। ऐसे में जरा सी चूक गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। कोंच की घटना के बाद भी यदि जिम्मेदार विभाग नहीं चेते तो किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए क्षमता से अधिक सवारियां ढोने वाले वाहनों पर सख्ती और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
वर्जन
इन वाहनों पर लगातार कार्रवाई होती है। अगर वाहन चालक मालवाहनों में सवारियां बैठाकर ले जा रहे हैं, तो इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार, एआरटीओ।
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कोंच-नदीगांव मार्ग पर सोमवार को श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से बच्चों और महिलाओं समेत 20 लोग घायल हो गए। इसके बावजूद आटा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर ग्रामीण सड़कों तक ऐसे वाहन फर्राटा भरते नजर आए।
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जवारे विसर्जन के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली में 30 से 40 श्रद्धालुओं को बैठाकर ले जाया जा रहा है। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। क्षमता से अधिक सवारियां होने के कारण वाहन अनियंत्रित होने या पलटने पर बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद चालक और वाहन मालिक सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं।
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कोंच क्षेत्र में हुए हादसे ने इस लापरवाही के खतरे को उजागर कर दिया है। सोमवार को सुबह से शाम तक आटा क्षेत्र की सड़कों पर भी क्षमता से अधिक सवारियां लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडर चलते रहे। इन वाहनों पर रोक लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन की प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आई।
जवारे विसर्जन के दौरान जल्द पहुंचने की होड़ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है। ऐसे में जरा सी चूक गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। कोंच की घटना के बाद भी यदि जिम्मेदार विभाग नहीं चेते तो किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए क्षमता से अधिक सवारियां ढोने वाले वाहनों पर सख्ती और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
वर्जन
इन वाहनों पर लगातार कार्रवाई होती है। अगर वाहन चालक मालवाहनों में सवारियां बैठाकर ले जा रहे हैं, तो इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार, एआरटीओ।

फोटो - 24 ट्रैक्टर ट्राली से मंदिर में सोमवार को जाते आटा क्षेत्र में लोग। संवाद