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Jalaun News: वेतन के बराबर काम मिलने में कितना इंतजार करना पड़ेगा
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उरई। संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही ने पांच दिन पहले सामाजिक माध्यम पर आधे वेतन और काम न मिलने को लेकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने लिखा था कि कल से आधा वेतन मिलते हुए चौथा महीना शुरू हो जाएगा। देखते हैं, वेतन के बराबर काम मिलने के लिए अभी और कितना लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
उन्होंने लिखा कि जिनकी आय के दूसरे साधन हैं और जिनके लिए वेतन का कोई खास महत्व नहीं है, क्या वे कभी आधी तनख्वाह में घर चलाने का दर्द समझ पाएंगे। राही ने लिखा, मुझसे तो बस यही कहा जाता है- किसने मना किया है?
उन्होंने काम के बदले वेतन के सिद्धांत पर भी तंज कसते हुए लिखा कि काम नहीं तो वेतन नहीं और ‘कम काम तो कम वेतन जैसे सिद्धांत शायद किताबों में लिखने और दूसरों पर लागू करने के लिए ही होते हैं। खुद पर लागू करने वाला कोई मेरे जैसा बेवकूफ थोड़े ही है।
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उन्होंने कहा कि आधा वेतन पाने वाला ही जानता है कि महीने के पूरे खर्च आधी तनख्वाह में कैसे पूरे किए जाते हैं। अंत में लिखा कि फिलहाल इंतजार जारी है और देखना है कि आधे वेतन का यह दौर कितना लंबा चलता है।
कल सुरक्षा को लेकर सामने आया मामला
राही की इस पोस्ट के तीन दिन बाद सुरक्षा का मामला भी सामने आया। राज्यपाल सचिवालय ने उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस महानिदेशक से रिपोर्ट मांगी और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने सुरक्षा के अभाव में अपनी जीवनशैली सीमित होने की चिंता जताई थी। मामले में थानाध्यक्ष पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने बताया था कि मानक के अनुरूप सुरक्षा गार्ड पहले से उपलब्ध हैं। शासन के निर्देश के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने लिखा कि जिनकी आय के दूसरे साधन हैं और जिनके लिए वेतन का कोई खास महत्व नहीं है, क्या वे कभी आधी तनख्वाह में घर चलाने का दर्द समझ पाएंगे। राही ने लिखा, मुझसे तो बस यही कहा जाता है- किसने मना किया है?
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उन्होंने काम के बदले वेतन के सिद्धांत पर भी तंज कसते हुए लिखा कि काम नहीं तो वेतन नहीं और ‘कम काम तो कम वेतन जैसे सिद्धांत शायद किताबों में लिखने और दूसरों पर लागू करने के लिए ही होते हैं। खुद पर लागू करने वाला कोई मेरे जैसा बेवकूफ थोड़े ही है।
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उन्होंने कहा कि आधा वेतन पाने वाला ही जानता है कि महीने के पूरे खर्च आधी तनख्वाह में कैसे पूरे किए जाते हैं। अंत में लिखा कि फिलहाल इंतजार जारी है और देखना है कि आधे वेतन का यह दौर कितना लंबा चलता है।
कल सुरक्षा को लेकर सामने आया मामला
राही की इस पोस्ट के तीन दिन बाद सुरक्षा का मामला भी सामने आया। राज्यपाल सचिवालय ने उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस महानिदेशक से रिपोर्ट मांगी और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने सुरक्षा के अभाव में अपनी जीवनशैली सीमित होने की चिंता जताई थी। मामले में थानाध्यक्ष पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने बताया था कि मानक के अनुरूप सुरक्षा गार्ड पहले से उपलब्ध हैं। शासन के निर्देश के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।