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शरीर पर सूदखोरों के नाम लिख होटल संचालक ने दी जान
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सुबोध की फाइल फोटो
- फोटो : ORAI
कुठौंद (जालौन)। सूदखोरों के कर्ज से परेशान होटल संचालक ने जहर खाकर जान दे दी। सोमवार की देर रात हालत बिगड़ने पर परिजन तड़के औरैया लेकर पहुंचे, जहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। कानपुर जाते वक्त रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मौत से पहले होटल संचालक ने शरीर पर सूदखोरों के नाम भी लिखे हैं। पुलिस को परिजनों ने सुसाइट नोट भी दिया। परिजनों के मुताबिक, उस पर करीब 20 लाख का कर्ज था। हालांकि थाना प्रभारी सुधाकर मिश्रा मामले में गोलमोल जवाब दे रहे हैं। जबकि सीओ सुबोध गौतम का कहना है कि यदि शरीर और सुसाइड नोट में वाकई सूदखोरों के नाम लिखे हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होना तय है।
गोहन थाना क्षेत्र के मदनेपुर के मूल निवासी सुबोध कुमार मिश्रा (46) पुत्र हरीशंकर का कुठौंद थाना क्षेत्र के नैनापुर में राधिका होटल है। होटल के ऊपर ही सुबोध परिवार सहित रहते थे। सोमवार की देर रात हरीशंकर ने घर पर ही जहर खा लिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। आनन फानन में परिजन देर रात सुबोध को लेकर औरैया के अस्पताल पहुंचे, जहां पर हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उन्हें कानपुर रेफर कर दिया।
कानपुर जाते वक्त मंगलवार की सुबह रास्ते में ही सुबोध ने दम तोड़ दिया। कानपुर के सर्वोदय नगर स्थित अस्पताल पहुंचने पर वहां के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन शव लेकर वापस कुठौंद लौटे और दोपहर के वक्त पुलिस को मामले की जानकारी दी। परिजनों ने थाना पुलिस को सुबोध के शरीर पर लिखे सूदखोरों के नाम भी दिखाए।
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परिजनों के मुताबिक पेट और बाएं हाथ पर सुबोध ने मौत से पहले कुछ नाम लिखे हैं। बेटी दीक्षा ने पुलिस को सुबोध के हाथ का लिखा एक सुसाइड नोट भी दिया है। परिजनों का कहना है कि सुसाइड नोट पर सूदखोरों के नाम और रकम का जिक्र है। सूदखोर अक्सर सुबोध पर रकम के लिए दबाव बनाते थे। थाना प्रभारी सुधाकर का कहना है कि अभी उन्होंने सुसाइड नोट देखा नहीं है। सीओ का कहना है कि यदि शरीर और सुसाइड नोट में लिखे नाम वाकई सूदखोरों के निकले तो कार्रवाई भी जरूर की जाएगी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, ताकि मौत का कारण स्पष्ट हो सके।
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गोहन थाना क्षेत्र के मदनेपुर के मूल निवासी सुबोध कुमार मिश्रा (46) पुत्र हरीशंकर का कुठौंद थाना क्षेत्र के नैनापुर में राधिका होटल है। होटल के ऊपर ही सुबोध परिवार सहित रहते थे। सोमवार की देर रात हरीशंकर ने घर पर ही जहर खा लिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। आनन फानन में परिजन देर रात सुबोध को लेकर औरैया के अस्पताल पहुंचे, जहां पर हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उन्हें कानपुर रेफर कर दिया।
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कानपुर जाते वक्त मंगलवार की सुबह रास्ते में ही सुबोध ने दम तोड़ दिया। कानपुर के सर्वोदय नगर स्थित अस्पताल पहुंचने पर वहां के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन शव लेकर वापस कुठौंद लौटे और दोपहर के वक्त पुलिस को मामले की जानकारी दी। परिजनों ने थाना पुलिस को सुबोध के शरीर पर लिखे सूदखोरों के नाम भी दिखाए।
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परिजनों के मुताबिक पेट और बाएं हाथ पर सुबोध ने मौत से पहले कुछ नाम लिखे हैं। बेटी दीक्षा ने पुलिस को सुबोध के हाथ का लिखा एक सुसाइड नोट भी दिया है। परिजनों का कहना है कि सुसाइड नोट पर सूदखोरों के नाम और रकम का जिक्र है। सूदखोर अक्सर सुबोध पर रकम के लिए दबाव बनाते थे। थाना प्रभारी सुधाकर का कहना है कि अभी उन्होंने सुसाइड नोट देखा नहीं है। सीओ का कहना है कि यदि शरीर और सुसाइड नोट में लिखे नाम वाकई सूदखोरों के निकले तो कार्रवाई भी जरूर की जाएगी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, ताकि मौत का कारण स्पष्ट हो सके।