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Jalaun News: 10 साल बाद भी मुआवजा न मिलने से रुका निर्माण
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फोटो -20 सड़क किनारे 10 साल से अधूरा पड़ा मकान। संवाद
फोटो - 21 कुसमिलिय निवासी सिया रानी पीडब्ल्यूडी द्वारा लगाया गया निशान दिखाती। संवाद
फोटो - 22 निर्माण न होने से अधूरी पड़ी पुलिया। संवाद
उरई- मुहाना स्टेट हाईवे, तीन से चार किमी. किमी हिस्सा बना परेशानी का कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
मुहम्मदाबाद। उरई से मुहाना तक बनने वाले स्टेट हाईवे को मंजूरी मिले करीब एक दशक बीत चुका है लेकिन आज भी यह परियोजना अधूरी पड़ी है। करीब 22 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण वर्ष 2016 में 127 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ था जिसे दो साल में पूरा होना था लेकिन बजट खत्म होने के चलते काम बीच में ही ठप हो गया। वर्तमान में करीब तीन से चार किलोमीटर का हिस्सा अधूरा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यह स्टेट हाईवे उरई के चतुर्भुज चौराहे से मुहाना तक जाता है, जिसके बीच मुहम्मदाबाद, कुसमिलिया, डकोर और मुहाना जैसे प्रमुख गांव पड़ते हैं। आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान विभाग ने मनमाने ढंग से काम कराया - कुछ गांवों में सड़क अधूरी छोड़ दी गई, तो कहीं पूरा निर्माण किया गया। मुहम्मदाबाद और कुसमिलिया में सड़क का बड़ा हिस्सा अब भी अधूरा है, जबकि डकोर क्षेत्र में निर्माण पूरा बताया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि 10 साल बीतने के बाद जो सड़क बनी थी, वह भी अब खराब हो चुकी है। अधूरे निर्माण के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है और हादसों का खतरा भी बना रहता है।
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109 मकान-दुकान अधिग्रहण की जद में
सड़क चौड़ीकरण के लिए मुहम्मदाबाद में 39 और कुसमिलिया में 70 मकान व दुकानों को चिह्नित किया गया था। दोनों ओर 11-11 मीटर चौड़ी सड़क प्रस्तावित है। पैमाइश के बाद कई मकानों पर लाल निशान भी लगाए गए थे और मुआवजे के लिए लोगों के कागजात भी जमा कराए गए थे लेकिन प्रक्रिया अधूरी रह गई। इस वजह से करीब 109 परिवार पिछले कई वर्षों से असमंजस की स्थिति में हैं। न तो वे अपने मकानों की मरम्मत कर पा रहे हैं और न ही नया निर्माण कर पा रहे हैं। हर समय उन्हें बुलडोजर चलने का डर बना रहता है।
अधूरे निर्माण से बढ़ी परेशानी
फोटो - 23 अरुण कुमार राजपूत।
अरुण कुमार राजपूत बताते हैं कि उन्होंने बस स्टैंड पर दुकान बनानी शुरू की थी लेकिन सड़क चौड़ीकरण की जानकारी मिलने पर काम अधूरा छोड़ दिया। उनका कहना है कि अगर 10 साल पहले दुकान पूरी हो जाती, तो लाखों रुपये की आय हो सकती है।
फोटो - 24 फूल सिंह राजपूत।
फूल सिंह राजपूत ने प्लॉट लेने के बाद भी निर्माण नहीं कराया। उनका कहना है कि अगर बाद में तोड़फोड़ हुई तो बड़ा नुकसान होगा, इसलिए लोग जमीन खरीदने से भी कतराते हैं।
फोटो - 24 राज गुप्ता
राज गुप्ता का मकान सड़क किनारे होने के बावजूद वह किराए की दुकान पर कारोबार कर रहे हैं। उनका कहना है कि निर्माण कराने में डर लगता है कि कहीं बाद में तोड़ न दिया जाए।
फोटो - 25 वीर सिंह राजपूत।
वीर सिंह राजपूत के अनुसार पांच साल पहले पैमाइश कर लाल निशान लगाए गए थे, जो अब मिट चुके हैं। मुआवजे के लिए कागजात भी जमा हो चुके हैं लेकिन प्रक्रिया अधूरी है।
नया एस्टिमेट भेजा गया, दोबारा होगी पैमाइश
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि अधूरे कार्य के लिए 29 करोड़ रुपये का नया एस्टिमेट भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 की पैमाइश के बाद अब दोबारा सर्वे कराया जाएगा, जिससे वर्तमान स्थिति के अनुसार मुआवजा तय किया जा सके।
सदर विधायक ने जल्द निर्माण शुरू कराने का दिया आश्वासन
सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा ने कहा कि मामला सदन में उठाया जा चुका है और स्वीकृति भी मिल गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। साथ ही जो सड़क खराब हो चुकी है, उसे ठेकेदार से ठीक कराया जाएगा, अन्यथा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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फोटो - 21 कुसमिलिय निवासी सिया रानी पीडब्ल्यूडी द्वारा लगाया गया निशान दिखाती। संवाद
फोटो - 22 निर्माण न होने से अधूरी पड़ी पुलिया। संवाद
उरई- मुहाना स्टेट हाईवे, तीन से चार किमी. किमी हिस्सा बना परेशानी का कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
मुहम्मदाबाद। उरई से मुहाना तक बनने वाले स्टेट हाईवे को मंजूरी मिले करीब एक दशक बीत चुका है लेकिन आज भी यह परियोजना अधूरी पड़ी है। करीब 22 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण वर्ष 2016 में 127 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ था जिसे दो साल में पूरा होना था लेकिन बजट खत्म होने के चलते काम बीच में ही ठप हो गया। वर्तमान में करीब तीन से चार किलोमीटर का हिस्सा अधूरा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यह स्टेट हाईवे उरई के चतुर्भुज चौराहे से मुहाना तक जाता है, जिसके बीच मुहम्मदाबाद, कुसमिलिया, डकोर और मुहाना जैसे प्रमुख गांव पड़ते हैं। आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान विभाग ने मनमाने ढंग से काम कराया - कुछ गांवों में सड़क अधूरी छोड़ दी गई, तो कहीं पूरा निर्माण किया गया। मुहम्मदाबाद और कुसमिलिया में सड़क का बड़ा हिस्सा अब भी अधूरा है, जबकि डकोर क्षेत्र में निर्माण पूरा बताया जा रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि 10 साल बीतने के बाद जो सड़क बनी थी, वह भी अब खराब हो चुकी है। अधूरे निर्माण के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है और हादसों का खतरा भी बना रहता है।
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109 मकान-दुकान अधिग्रहण की जद में
सड़क चौड़ीकरण के लिए मुहम्मदाबाद में 39 और कुसमिलिया में 70 मकान व दुकानों को चिह्नित किया गया था। दोनों ओर 11-11 मीटर चौड़ी सड़क प्रस्तावित है। पैमाइश के बाद कई मकानों पर लाल निशान भी लगाए गए थे और मुआवजे के लिए लोगों के कागजात भी जमा कराए गए थे लेकिन प्रक्रिया अधूरी रह गई। इस वजह से करीब 109 परिवार पिछले कई वर्षों से असमंजस की स्थिति में हैं। न तो वे अपने मकानों की मरम्मत कर पा रहे हैं और न ही नया निर्माण कर पा रहे हैं। हर समय उन्हें बुलडोजर चलने का डर बना रहता है।
अधूरे निर्माण से बढ़ी परेशानी
फोटो - 23 अरुण कुमार राजपूत।
अरुण कुमार राजपूत बताते हैं कि उन्होंने बस स्टैंड पर दुकान बनानी शुरू की थी लेकिन सड़क चौड़ीकरण की जानकारी मिलने पर काम अधूरा छोड़ दिया। उनका कहना है कि अगर 10 साल पहले दुकान पूरी हो जाती, तो लाखों रुपये की आय हो सकती है।
फोटो - 24 फूल सिंह राजपूत।
फूल सिंह राजपूत ने प्लॉट लेने के बाद भी निर्माण नहीं कराया। उनका कहना है कि अगर बाद में तोड़फोड़ हुई तो बड़ा नुकसान होगा, इसलिए लोग जमीन खरीदने से भी कतराते हैं।
फोटो - 24 राज गुप्ता
राज गुप्ता का मकान सड़क किनारे होने के बावजूद वह किराए की दुकान पर कारोबार कर रहे हैं। उनका कहना है कि निर्माण कराने में डर लगता है कि कहीं बाद में तोड़ न दिया जाए।
फोटो - 25 वीर सिंह राजपूत।
वीर सिंह राजपूत के अनुसार पांच साल पहले पैमाइश कर लाल निशान लगाए गए थे, जो अब मिट चुके हैं। मुआवजे के लिए कागजात भी जमा हो चुके हैं लेकिन प्रक्रिया अधूरी है।
नया एस्टिमेट भेजा गया, दोबारा होगी पैमाइश
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि अधूरे कार्य के लिए 29 करोड़ रुपये का नया एस्टिमेट भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 की पैमाइश के बाद अब दोबारा सर्वे कराया जाएगा, जिससे वर्तमान स्थिति के अनुसार मुआवजा तय किया जा सके।
सदर विधायक ने जल्द निर्माण शुरू कराने का दिया आश्वासन
सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा ने कहा कि मामला सदन में उठाया जा चुका है और स्वीकृति भी मिल गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। साथ ही जो सड़क खराब हो चुकी है, उसे ठेकेदार से ठीक कराया जाएगा, अन्यथा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।