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नए एक्ट के विरोध में डाक्टरों ने सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sat, 30 Jul 2016 10:58 PM IST
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नए एक्ट के विरोध में ज्ञापन देने जाते चिकित्सक।
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश सरकार द्वारा चिकित्सा सेवा को बेहतर बनाने के लिए बीते दिनों लागू दैनिक स्थापना नियमावली 2016 का जिले के चिकित्सकों ने विरोध किया है। शनिवार को उन्होंने मुख्यमत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंप कर अपना विरोध दर्ज कराया। ज्ञापन केे माध्यम से उन्होंने बताया कि इस एक्ट के लागू होने पर प्रत्येक चिकित्सा संस्थान को सरकार
से पंजीकरण कराना अनिवार्य हाेंगे और अपंजीकृत जगहों पर सेवा देना गैरकानूनी होगा। इसलिए चिकित्सा शिविर या कैंप लगाना असंभव हो जाएगा। यह एक्ट पश्चिमी देशों के मानकों के आधार पर बनाया जाए। इसके अनुसार सभी अस्पतालों में मान्यता प्राप्त नर्सों व अन्य चिकित्सा सेवा कर्मी रखना अनिवार्य हो जाएगा। जबकि देश में लगभग 24 लाख नर्सों
की कमी है। इस नियम से अधिकांश अस्पताल व नर्सिंग होम बंद हो जाएंगे। इसलिए मान्यता प्राप्त सेवा कर्मी उपलब्ध नहीं होने तक अस्पतालों को इस एक्ट के प्रावधान से छूट दी जाए। एकल क्लीनिक को इस एक्ट से बाहर रखा जाए। चिकित्सकों ने कहा कि यह एक्ट जनविरोधी है। इस दौरान विवेक निरंजन, देवेेंद्र कुमार, आरके शर्मा, पीसी पुरोहित, संजीव गुप्ता, अशोक अग्रवाल, प्रताप यादव आदि मौजूद रहे।
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से पंजीकरण कराना अनिवार्य हाेंगे और अपंजीकृत जगहों पर सेवा देना गैरकानूनी होगा। इसलिए चिकित्सा शिविर या कैंप लगाना असंभव हो जाएगा। यह एक्ट पश्चिमी देशों के मानकों के आधार पर बनाया जाए। इसके अनुसार सभी अस्पतालों में मान्यता प्राप्त नर्सों व अन्य चिकित्सा सेवा कर्मी रखना अनिवार्य हो जाएगा। जबकि देश में लगभग 24 लाख नर्सों
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की कमी है। इस नियम से अधिकांश अस्पताल व नर्सिंग होम बंद हो जाएंगे। इसलिए मान्यता प्राप्त सेवा कर्मी उपलब्ध नहीं होने तक अस्पतालों को इस एक्ट के प्रावधान से छूट दी जाए। एकल क्लीनिक को इस एक्ट से बाहर रखा जाए। चिकित्सकों ने कहा कि यह एक्ट जनविरोधी है। इस दौरान विवेक निरंजन, देवेेंद्र कुमार, आरके शर्मा, पीसी पुरोहित, संजीव गुप्ता, अशोक अग्रवाल, प्रताप यादव आदि मौजूद रहे।
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