पुलिस के हमलावरों से मिले सेना के दो ग्रेनेड
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उरई (जालौन)। शातिर अपराधी को छुड़ाने के लिए मंगलवार रात पुलिस पर फायरिंग के दौरान दबोचे गए चार बदमाशों से सेना के दो हैंडग्रेनेड, एक दोनाली बंदूक और 315 बोर के दो तमंचे, कारतूस बरामद हुए हैं। बदमाशों को जेल भेज दिया गया है।मिर्जापुर का रिंकू पांडे पूर्वांचल का माफिया है। यहां जिला कारागार में बंद है। उस पर लूट, डकैती, हत्या, रंगदारी वसूलने जैसे 28 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। मिर्जापुर में पेशी के बाद वह मंगलवार रात पुलिस अभिरक्षा में लौट रहा था, तभी उसे छुड़ाने के मकसद से उसके साथियों ने जेल के पास ही पुलिस पर फायरिंग की थी।गुरुवार को एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों को बताया कि रिंकू पांडे पुत्र विद्या शंकर पांडे निवासी गांव आही थाना कछवा जनपद मिर्जापुर का रहने वाला है।
उसे 26 सितंबर को एक दरोगा व दो सिपाही पेशी पर मिर्जापुर ले गए थे। वहां भी उसने कोर्ट से भागने की कोशिश की थी। नाकाम रहने पर उसके साथियों ने यहां पुलिस पर हमला किया। बहादुर दरोगा कायम सिंह और दो सिपाहियाें ने बदमाशों का मुकाबला किया। इनके मदद मांगने पर कोतवाली प्रभारी सुनील तिवारी व स्वाट टीम प्रभारी अरुण तिवारी फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे और रिंकू के शार्प शूटर सुरेश दुबे निवासी देवरी, राजू पटेल निवासी गांव आही, दिलीप मिश्रा निवासी मर्याद पट्टी भदोही व किशन कुमार मौर्या निवासी मिर्जामुराद जिला वाराणसी को गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ के दौरान रिंकू का भाई गुंजन पांडे भाग निकला था। वह पिस्टल से पुलिस पर गोलियां दाग रहा था। एसपी के मुताबिक रिंकू की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। उसने अपने साथियों की मदद से उरई के किसी बडे़ उद्योगपति को अगवा कर फिरौती वसूलने की साजिश भी रची थी।