फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Commissioner strict, including salaries of staff prevented Water Institute

कमिश्नर सख्त, जल संस्थान स्टाफ सहित कई का वेतन रोका

Sat, 23 Apr 2016 10:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Sat, 23 Apr 2016 10:54 PM IST
विज्ञापन
Commissioner strict, including salaries of staff prevented Water Institute
अफसरों संग निरीक्षण करते मंडलायुक्त के राम मोहन राव। - फोटो : अमर उजाला
जिले के लापरवाह अफसरों के लिए शनिवार का दिन अच्छा नहीं रहा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत निरीक्षण को आए कमिश्नर के.राम मोहन राव ने जल संस्थान में लापरवाही की हद को देखते हुए वहां के पूरे स्टाफ का वेतन रोकने का निर्देश दे दिया। 30 अप्रैल तक का समय दिया और कहा कि खामियों को दुरुस्त कर लें नहीं तो विभागीय अधिकारी पर निलंबन की
विज्ञापन


कार्रवाई होगी। लापरवाही में ही अधिशासी अधिकारी रविंद्र कुमार वर्मा व कोतवाल आलोक सक्सेना को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। कमिश्नर के तेवर देख अन्य विभागों के अधिकारी सकते में आ गए। निरीक्षण में उनकी नजर अभिलेखों के रखरखाव व सफाई पर ही रही। दो दिन पहले कमिश्नर के.राम मोहन राव के स्थानांतरण की खबर पर जिले के
विज्ञापन


अधिकारी उनके कार्यक्रम को लेकर संजीदा नहीं थे। यही वजह रही कि जब वह आए तो उन्हें दफ्तरों में कुछ भी ठीक नहीं मिला। कमिश्नर ने सबसे पहले सर्किट हाउस पहुंचे। यहां डीएम संदीप कौर व एसपी बबलू कुमार ने बुके भेंट कर स्वागत किया। यहां से वह सीधे जल निगम के दफ्तर को निकल पड़े। डा. अंबेडकर चौराहे के पास सुलभ शौचालय में गंदगी और पानी
विज्ञापन
विज्ञापन


की सप्लाई न होने पर नाराजगी जताई। इसके बाद वह जल निगम दफ्तर पहुंचे। यहां पर विभाग का बोर्ड नहीं लगा था। दफ्तर में अभिलेख अव्यवस्थित, अलमारी में भी गंदगी मिली। इस पर वहां के एक्सईएन व एई का वेतन रोकने का निर्देश दिया। यहां के बाद वह जल संस्थान कार्यालय पहुंचे। यहां पर कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका अधूरी और अभिलेख भी बेतरतीब

रखे मिले। कई सवालों के जवाब पटल के बाबू नहीं दे पाए। इससे भड़के कमिश्नर ने पूरे स्टाफ का वेतन रोकने के निर्देश दे दिए। 30 अप्रैल तक सुधार न लाने पर एक्सईएन को निलंबित करने का अल्टीमेटम दिया। जल कल विभाग में भी लापरवाही पर जेई के वेतन आहरण पर रोक के निर्देश दे दिए। जिला अस्पताल गेट पर बजरंग मेडिकल स्टोर के संचालक फार्मेसिस्ट

के न होने पर उसे बंद कराया। नगर पालिका में भी अभिलेख ठीक नहीं मिले। नगर में गंदगी और कार्यालय में अव्यवस्था पर अधिशासी अधिकारी रविंद्र कुमार वर्मा को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दे दिए। दो क्लर्कों का वेतन रोकने के भी निर्देश दे दिए। सदर कोतवाल को भी प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश दे दिए। इसके बाद उन्होंने कहा कि उनका नौ अप्रैल का कार्यक्रम

टल गया था। अधिकारियों ने 15 दिन में भी कोईसुधार नहीं किया। इससे अधिकारियों की लापरवाही साफ जाहिर है। पालिका के अधिकारी सफाई पर गंभीर नहीं है। डीएम समेत सभी आलाधिकारी मौजूद रहे।

मनरेगा में ढिलाई पर उपायुक्त को चेतावनी
जिले के दौरे पर आए कमिश्नर के.राम मोहन राव ने शनिवार को निरीक्षण के बाद विकास भवन सभागार में अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। इसमें उन्होंने विकास कार्यो को समय सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही आगाह किया कि जनपद में पेयजल संकट खड़ा नहीं होना चाहिए। समीक्षा बैठक में कमिश्नर ने कहा कि जिले में कई

स्थानों पर पानी संकट की शिकायतें मिल रही है इनका समाधान होना चाहिए। स्वीकृत हैंडपंप जल्द लगवाएं। रिबोर भी तेजी से कराएं। जहां जरूरत हो वहां टैंकर से पानी भेजा जाए। खाली तालाबों को जल्द भरवाएं। मनरेगा कार्यों की समीक्षा में कहा कि गांव में मजदूरों को काम नहीं मिलने की शिकायतें है। सूखे के चलते मजदूर को अतिरिक्त काम दिया

जाना चाहिए। उन्होंने इस पर मनरेगा उपायुक्त को चेतावनी भी दी है। बिजली विभाग के एक्सईएन के गैर हाजिर रहने पर वेतन रोकने के साथ जवाबतलब किया। डीएम संदीप कौर से कहा कि वह निर्माण कार्यो की जांच अवश्य कराएं। इस मौके पर सीडीओ एसपी सिंह, डीडीओ आरएस गौतम, एसडीएम संजय कुमार सिंह के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
 
रुपये मांग रहा कोटेदार
गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले कुठौंद ब्लाक के शहजादेपुर, मुहम्मदपुर गांव निवासी 50 लोगों ने कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा और कोटेदार पर एक हजार रुपये में नाम दर्ज कराने का खुला आरोप लगाया। यह भी बताया कि इस मामले की शिकायत वह तीन दिन पूर्व कर चुके हैं। तिलक सिंह, जगत, सुरेश, लल्लू, नरेंद्र, रामकिशुन, तेज सिंह, श्यामा


चरण, राधेलाल, ढ़केली, कुअंर पाल, राम देवी आदि ने बताया कि उनके नाम से अंत्योदय कार्ड बना हुआ है। वर्ष 2002 से उन्हें राशन मिल रहा था लेकिन बीते चार माह से उन्हें राशन नहीं दिया जा रहा है। समाजवादी राहत पैकेट भी नहीं दिया गया। कोटेदार मनमानी कर रहा है। कमिश्नर ने जांच कराने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed