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दूध निकालकर मवेशियों को छोड़ रहे पशुपालक, फसलें हो रही बर्बाद
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कोंच। कोंच विकास खंड के ग्राम कुदरा बुजुर्ग के किसान पालतू दुधारू जानवरों से खासे परेशान हैं। पशुपालक दूध दुहने के बाद मवेशियों को चरने के लिए छुट्टा छोड़ देते हैं। परेशान किसानों ने इसकी शिकायत एसडीएम से की है।
शासन और प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद किसानों को मवेशियों की धमाचौकड़ी से निजात नहीं मिल रही है। दरअसल कई पशुपालक दूध दुहने के बाद अपने मवेशियों को छुट्टा छोड़ देते हैं। यह मवेशी फसलों को चौपट करने में लग जाते है।
विकास खंड कोंच के गांव कुदरा बुजुर्ग के किसान सुरेंद्र पाल सिंह, कृष्णपाल सिंह, सुधीर सिंह, मानवेंद्र, रवींद्र, राधाकिशुन, रामसिंदूर, अरविंद, नरेंद्रपाल, गजराज सिंह, प्रदीप आदि ने एसडीएम रामकुमार को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि कुदरा बुजुर्ग में कई पशुपालक अपने पालतू मवेशियों को छुट्टा छोड़े देते हैं। मवेशी खेतों में जाकर उनकी चना, मटर, मसूर आदि रबी में बोई गई फसलें चर कर खेतों को बर्बाद कर रहे हैं।
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कई बार पशुपालकों को रोका गया, लेकिन वे झगड़े पर आमादा हो जाते हैं। किसानों ने एसडीएम से मांग की है कि मवेशियों को खूंटे से बंधवाने के साथ जिन किसानों की फसलों का अब तक नुकसान हुआ है उसकी भरपाई पशु पालकों से कराई जाए।
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शासन और प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद किसानों को मवेशियों की धमाचौकड़ी से निजात नहीं मिल रही है। दरअसल कई पशुपालक दूध दुहने के बाद अपने मवेशियों को छुट्टा छोड़ देते हैं। यह मवेशी फसलों को चौपट करने में लग जाते है।
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विकास खंड कोंच के गांव कुदरा बुजुर्ग के किसान सुरेंद्र पाल सिंह, कृष्णपाल सिंह, सुधीर सिंह, मानवेंद्र, रवींद्र, राधाकिशुन, रामसिंदूर, अरविंद, नरेंद्रपाल, गजराज सिंह, प्रदीप आदि ने एसडीएम रामकुमार को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि कुदरा बुजुर्ग में कई पशुपालक अपने पालतू मवेशियों को छुट्टा छोड़े देते हैं। मवेशी खेतों में जाकर उनकी चना, मटर, मसूर आदि रबी में बोई गई फसलें चर कर खेतों को बर्बाद कर रहे हैं।
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कई बार पशुपालकों को रोका गया, लेकिन वे झगड़े पर आमादा हो जाते हैं। किसानों ने एसडीएम से मांग की है कि मवेशियों को खूंटे से बंधवाने के साथ जिन किसानों की फसलों का अब तक नुकसान हुआ है उसकी भरपाई पशु पालकों से कराई जाए।