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Jalaun News: बजट मिला पर नहीं हो सका तालाब का सुंदरीकरण
Sat, 28 Dec 2024 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sat, 28 Dec 2024 12:26 AM IST
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कदौरा। तालाब में जा रहे सीवर के पानी की शिकायत मिलने पर एनजीटी टीम ने पालिका पर एक करोड़ का जुर्माना लगाया था। इसके बाद शासन ने इस तालाब के कायाकल्प के लिए साढ़े तीन करोड़ का बजट दे दिया था। इस कार्य को कराने के लिए कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को यह जिम्मेदारी मिली थी। लेकिन छह माह बाद भी तालाब जैसा का तैसा पड़ा है। ठेकेदार की उदासीनता के चलते तालाब की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। वहीं, पंचायत के जवाब दाखिल न कर पाने पर एनजीटी ने दस हजार का जुर्माना लगाया है।
कस्बा निवासी पुष्पेंद्र कुमार ने एनजीटी से शिकायत करते हुए बताया था कि कस्बे में स्थित ऐतिहासिक सदर तालाब में सीवर का गंदा पानी डाला जा रहा है। नगर पंचायत को इसकी जानकारी है, लेकिन इसके बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस पर जब टीम नगर में पहुंची तो देखा कि सीवर का पानी तालाब को दूषित कर चुका है। इस पर टीम ने नगर पंचायत की लापरवाही मानते हुए करीब एक करोड़ का जुर्माना लगाया था।
मामला शासन स्तर पर पहुंचने पर शासन ने इस तालाब की सुंदरता को बढ़ाने के लिए तीन करोड़ पचास लाख का बजट जारी कर दिया था। इसके साथ ही इस कार्य को करवाने के लिए कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी ठेकेदार की उदासीनता से तालाब की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। गुरुवार को पंचायत के जवाब दाखिल न कर पाने पर एनजीटी ने दस हजार का जुर्माना लगाया है। नगर पंचायत अध्यक्ष अर्चना शिवहरे ने बताया कि कार्यदायी संस्था तालाब के सुंदरीकरण का कार्य करवा रही है।
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कस्बा निवासी पुष्पेंद्र कुमार ने एनजीटी से शिकायत करते हुए बताया था कि कस्बे में स्थित ऐतिहासिक सदर तालाब में सीवर का गंदा पानी डाला जा रहा है। नगर पंचायत को इसकी जानकारी है, लेकिन इसके बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस पर जब टीम नगर में पहुंची तो देखा कि सीवर का पानी तालाब को दूषित कर चुका है। इस पर टीम ने नगर पंचायत की लापरवाही मानते हुए करीब एक करोड़ का जुर्माना लगाया था।
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मामला शासन स्तर पर पहुंचने पर शासन ने इस तालाब की सुंदरता को बढ़ाने के लिए तीन करोड़ पचास लाख का बजट जारी कर दिया था। इसके साथ ही इस कार्य को करवाने के लिए कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी ठेकेदार की उदासीनता से तालाब की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। गुरुवार को पंचायत के जवाब दाखिल न कर पाने पर एनजीटी ने दस हजार का जुर्माना लगाया है। नगर पंचायत अध्यक्ष अर्चना शिवहरे ने बताया कि कार्यदायी संस्था तालाब के सुंदरीकरण का कार्य करवा रही है।
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