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ट्रेनों में बायो टायलेट से गंदगी पर लगेगी लगाम
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Mon, 09 May 2016 11:14 PM IST
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उरई स्टेशन पर प्रोजेक्टर के माध्यम से दी जाती जानकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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ट्रेनों में परंपरागत शौचालयों से होने वाली गंदगी और प्रदूषण की समस्या के निराकरण की दिशा में अब उत्तर मध्य रेलवे के कैरेज एंड वैैगन डिपार्टमेंट ने आधुनिक तकनीकी से बने बायो टायलेट स्थापित कराने की मुहिम शुरू की है। इसी क्रम में यात्रियों को बायो टायलेट का महत्व बताने के लिए विभागीय एक्सपर्ट की टीम ने सोमवार को उरई स्टेशन पर प्रोजेक्टर
के जरिए फिल्म दिखाई। गौरतलब है कि वर्ष 2011 में उत्तर मध्य रेलवे के सीएंडडब्लू विभाग ने ट्रेनों को बायो टायलेट से लैस करने की मुहिम श्ुारू की थी। इसके तहत झांसी मंडल से जुड़ी ग्वालियर-वाराणसी-बुंदेलखंड एक्सप्रेस को पूरी तरह से बायो टायलेट तकनीक से जोड़ा जा चुका है। अन्य ट्रेनों को भी संतृप्त किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में
सोमवार को उरई माडल स्टेशन पर भी सीएंडडब्लू की टीम के इंचार्ज इंजीनियर जेके चोपड़ा के नेतृत्व में टेक्नीशियन दीपक शर्मा, गोपाल किशन, मुकेश यादव ने स्टेशन अधीक्षक एसबी विश्वकर्मा, सुनील कुमार, मुख्य टिकट निरीक्षक आरके शाक्य की मौजूदगी में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रोजेक्टर के माध्यम से बायो टायलेट की उपयोगिता से
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संबंधित जानकारियां दीं। टीम केे इंचार्ज जेके चोपड़ा ने बताया कि ट्रेनों के प्रत्येक कोच में बायो टायलेट लगने से गंदगी और प्रदूषण की समस्या पर रोक लगाई जा सकती है। कहा कि इस तकनीक के टायलेट पूरी तरह से सुविधाजनक हैं। इन टायलेटों को पूरी तरह से संक्रमण रहित बनाया गया है। उन्होंने यात्रियों से अनुरोध भी किया कि वह बायो टायलेट के इस्तेमाल
के दौरान इसके कमोड में पानी की बोतलें, नेपकिन, पालीथिन अथवा डिस्पोजल आदि न डालें। इस नई जानकारी के दिए जाने के समय लोगों में खासी उत्सुकता रही और लोग प्रोजेक्टर की फिल्म में दिलचस्पी लेते दिखे।
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के जरिए फिल्म दिखाई। गौरतलब है कि वर्ष 2011 में उत्तर मध्य रेलवे के सीएंडडब्लू विभाग ने ट्रेनों को बायो टायलेट से लैस करने की मुहिम श्ुारू की थी। इसके तहत झांसी मंडल से जुड़ी ग्वालियर-वाराणसी-बुंदेलखंड एक्सप्रेस को पूरी तरह से बायो टायलेट तकनीक से जोड़ा जा चुका है। अन्य ट्रेनों को भी संतृप्त किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में
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सोमवार को उरई माडल स्टेशन पर भी सीएंडडब्लू की टीम के इंचार्ज इंजीनियर जेके चोपड़ा के नेतृत्व में टेक्नीशियन दीपक शर्मा, गोपाल किशन, मुकेश यादव ने स्टेशन अधीक्षक एसबी विश्वकर्मा, सुनील कुमार, मुख्य टिकट निरीक्षक आरके शाक्य की मौजूदगी में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रोजेक्टर के माध्यम से बायो टायलेट की उपयोगिता से
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संबंधित जानकारियां दीं। टीम केे इंचार्ज जेके चोपड़ा ने बताया कि ट्रेनों के प्रत्येक कोच में बायो टायलेट लगने से गंदगी और प्रदूषण की समस्या पर रोक लगाई जा सकती है। कहा कि इस तकनीक के टायलेट पूरी तरह से सुविधाजनक हैं। इन टायलेटों को पूरी तरह से संक्रमण रहित बनाया गया है। उन्होंने यात्रियों से अनुरोध भी किया कि वह बायो टायलेट के इस्तेमाल
के दौरान इसके कमोड में पानी की बोतलें, नेपकिन, पालीथिन अथवा डिस्पोजल आदि न डालें। इस नई जानकारी के दिए जाने के समय लोगों में खासी उत्सुकता रही और लोग प्रोजेक्टर की फिल्म में दिलचस्पी लेते दिखे।