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बैंकों में लटके रहे ताले, करोड़ों का लेनदेन प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Tue, 28 Feb 2017 11:36 PM IST
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जिला परिषद स्थित इलाहाबाद बैंक में लटका ताला।
- फोटो : अमर उजाला
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बैंक कर्मियों ने मांगें पूरी न किए जाने के विरोध में मंगलवार को हड़ताल रखी। शहर में स्टेट बैंक समेत सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे बैंक बंद रहे। इससे करीब साढे़ पांच करोड़ की क्लीयरिंग नहीं हो पाई। वहीं, बैंकें बंद रहने से खाताधारक लेनदेन नहीं कर सके। सोमवार को पांच दिन बाद खुले बैंक मंगलवार को हड़ताल के चलते बंद रहने से
खाताधारकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मंगलवार को राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी छह सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांग है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार ग्रेच्युटी का भुगतान बैकिंग क्षेत्र में 20 लाख किया जाए, नोटबंदी के समय अतिरिक्त काम करने का ओवरटाइम दिया जाए। आईबीए से 11वें
वेतन के लिए प्रक्रिया शुरू करना, केंद्रीय कर्मचारियों की तरह बैंकों में अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान, पेंशन व फैमिली पेंशन बढ़ाने के अलावा एनपीएस की जगह पुरानी पेंशन योजना शुरू करने की मांग की। स्टेट बैंक मुख्य शाखा में स्टाफ एसोसिएशन के पदाधिकारी राकेश त्रिपाठी, सुरेश दुबे, अमित राजपूत, शिवकुमार गुप्ता, अनुराग दुबे, निशांत, लाल सिंह चौहान,
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हीरालाल वर्मा, धर्मेंद्र बबेले, चंद्रप्रकाश याज्ञिक ने धरना प्रदर्शन किया। शहर के तमाम लोग बैंकोें में पहुंचे। यहां उन्हें हड़ताल की जानकारी हुई तो वे मायूस होकर लौट गए। बैंकें बंद रहने से लगभग साढे़ पांच करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। कालपी प्रतिनिधि के मुताबिक नगर की बैंकों में हड़ताल के कारण सन्नाटा पसरा रहा। स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक धीरेंद्र
भदौरिया तथा आल इंडिया बैंकर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय महामंत्री राजेंद्र कटियार ने कहा कि लंबे अरसे से वेतन पुनरीक्षण का मामला लटका हुआ है। इसका निस्तारण होना बेहद जरूरी है। हड़ताल में शामिल होने वालों में अनूप जौहरी ,अनिल श्रीवास्तव, विजय धमाल सहित कई कर्मचारी नेता मौजूद रहे।
एटीएम पर लगी रहीं लाइन
पांच दिनों बाद सोमवार को खुले बैंक मंगलवार को हड़ताल के चलते बंद रहे। इससे शहर के ज्यादातर एटीएम पर खाताधारकों की भीड़ रही। लाइन में लगा हरेक खाता धारक पैसा निकालने के लिए अपनी बारी आने का इंतजार करता देखा गया।अधिक भीड़ होने के चलते केनरा, यूनियन के एटीएमों में कैश खत्म हो गया और लाइन में लगे लोगों को मायूसी हाथ लगी।
बैंक और एटीएम भी बंद, परेशान रहे लोग
बैंकों की हड़ताल ने मंगलवार को लोगों को परेशान किया। बैंक बंद होने से शहर के कई एटीम भी बंद रहे। इस कारण लोगों को कैश के लिए भटकना पड़ा। बता दें कि चुनाव के कारण पांच दिन बैंक बंद रहने के बाद सोमवार को बैंक खुली और मंगलवार को फिर हड़ताल ने ग्राहकों को परेशान किया। दिनेश राठौर ने बताया कि वे कैश निकालने के लिए कई बैंक और एटीएम के चक्कर लगा चुके हैं लेकिन कहीं पर भी सफलता नहीं मिली।
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खाताधारकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मंगलवार को राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी छह सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांग है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार ग्रेच्युटी का भुगतान बैकिंग क्षेत्र में 20 लाख किया जाए, नोटबंदी के समय अतिरिक्त काम करने का ओवरटाइम दिया जाए। आईबीए से 11वें
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वेतन के लिए प्रक्रिया शुरू करना, केंद्रीय कर्मचारियों की तरह बैंकों में अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान, पेंशन व फैमिली पेंशन बढ़ाने के अलावा एनपीएस की जगह पुरानी पेंशन योजना शुरू करने की मांग की। स्टेट बैंक मुख्य शाखा में स्टाफ एसोसिएशन के पदाधिकारी राकेश त्रिपाठी, सुरेश दुबे, अमित राजपूत, शिवकुमार गुप्ता, अनुराग दुबे, निशांत, लाल सिंह चौहान,
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हीरालाल वर्मा, धर्मेंद्र बबेले, चंद्रप्रकाश याज्ञिक ने धरना प्रदर्शन किया। शहर के तमाम लोग बैंकोें में पहुंचे। यहां उन्हें हड़ताल की जानकारी हुई तो वे मायूस होकर लौट गए। बैंकें बंद रहने से लगभग साढे़ पांच करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। कालपी प्रतिनिधि के मुताबिक नगर की बैंकों में हड़ताल के कारण सन्नाटा पसरा रहा। स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक धीरेंद्र
भदौरिया तथा आल इंडिया बैंकर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय महामंत्री राजेंद्र कटियार ने कहा कि लंबे अरसे से वेतन पुनरीक्षण का मामला लटका हुआ है। इसका निस्तारण होना बेहद जरूरी है। हड़ताल में शामिल होने वालों में अनूप जौहरी ,अनिल श्रीवास्तव, विजय धमाल सहित कई कर्मचारी नेता मौजूद रहे।
एटीएम पर लगी रहीं लाइन
पांच दिनों बाद सोमवार को खुले बैंक मंगलवार को हड़ताल के चलते बंद रहे। इससे शहर के ज्यादातर एटीएम पर खाताधारकों की भीड़ रही। लाइन में लगा हरेक खाता धारक पैसा निकालने के लिए अपनी बारी आने का इंतजार करता देखा गया।अधिक भीड़ होने के चलते केनरा, यूनियन के एटीएमों में कैश खत्म हो गया और लाइन में लगे लोगों को मायूसी हाथ लगी।
बैंक और एटीएम भी बंद, परेशान रहे लोग
बैंकों की हड़ताल ने मंगलवार को लोगों को परेशान किया। बैंक बंद होने से शहर के कई एटीम भी बंद रहे। इस कारण लोगों को कैश के लिए भटकना पड़ा। बता दें कि चुनाव के कारण पांच दिन बैंक बंद रहने के बाद सोमवार को बैंक खुली और मंगलवार को फिर हड़ताल ने ग्राहकों को परेशान किया। दिनेश राठौर ने बताया कि वे कैश निकालने के लिए कई बैंक और एटीएम के चक्कर लगा चुके हैं लेकिन कहीं पर भी सफलता नहीं मिली।