{"_id":"56feb76e4f1c1bd63cf00105","slug":"back-accused-of-posting-date-ruckus","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैक डेट में नियुक्ति का आरोप, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैक डेट में नियुक्ति का आरोप, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 01 Apr 2016 11:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जगह 1 अप्रैल को चयन सूची चस्पा की गई। इस पर बैक डेट में नियुक्ति कराने का आरोप लगा आवेदकों ने सीएमओ कार्यालय में जमकर बवाल काटा और उन पर गंभीर आरोप लगाए। आवेदकों के गुस्से को भांपते हुए सीएमओ भी कार्यालय नहीं पहुंचे। चयन से वंचित आवदेकों ने इस प्रक्रिया को भी निरस्त कर फिर से पारदर्शी तरीके से भर्ती कराने की मांग की है।
गौरतलब है कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए संविदा पर 76 कर्मियों की संविदा पर भर्ती की जानी थी। एक बार ये प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। तब आवेदकों ने धांधली का आरोप लगाया था। इसके बाद जांच पड़ताल हुई और भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद शासन से 31 मार्च तक इस प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।
इस क्रम में 14 मार्च को एएनएम, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, डॉक्टर समेत 76 पदों के लिए साक्षात्कार हुआ था। 31 मार्च की देर शाम चयन सूची चस्पा की गई जबकि शासनादेश के अनुसार 31 मार्च तक चयनितों को ज्वाइंग दिलानी थी। आरोप है कि समय सीमा बीतने के बाद एक अप्रैल को अधिकारी चयनित आवेदकों को बैक डेट में ज्वाइनिंग दिलाने क ी
विज्ञापन
तैयारी में थे। चयनित अभ्यर्थी कागजात लेकर दफ्तर भी पहुंच गए थे। इसी दौरान वंचित रहे आवेदकों ने सीएमओ कार्यालय में हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि चयन
प्रक्रिया नियम के विरुद्ध की जा रही है। साक्षात्कार 14 मार्च को हो गया था तो फिर चयन सूची को आउट करने में इतनी देरी क्यों हुई? अश्विनी वर्मा, दीपक, आफताब, राजेश समेत दर्जनों आवेदकों ने सीएमओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की जांच कर भर्ती प्रक्रिया को नए सिरे से कराने की मांग की है।
चयनितों का मांगा मोबाइल नंबर
चयन प्रक्रिया पर सवालों के बीच में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने चयनित अभ्यर्थियों का मोबाइल नंबर दफ्तर में दर्ज कराने के लिए कहा है। कर्मचारियों का कहना था कि उनका ही चयन होगा। साहब आ जाएंगे तो उन्हें फोन से अवगत करा दिया जाएगा और तय समय पर दफ्तर बुला लिया जाएगा। कर्मचारी की बात पर कई चयनित अभ्यर्थियों ने अपने मोबाइल नंबर और जरूरी कागज जमा भी किए।
वर्जन
31 मार्च को अभ्यर्थियों की चयन सूची चस्पा की गई। इस दौरान ज्वाइनिंग कराने का समय नहीं था। लिहाजा शासन से समय अवधि बढ़ाने की मांग की गई है। समय मिलने के बाद ही ज्वाइनिंग कराई जाएगी। जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह बेबुनियाद हैं। पूर्व की भर्ती प्रक्रिया से मेरा कोई लेनादेना नहीं है। -अजीत कुमार जायसवाल,
मुख्य चिकित्साधिकारी, जालौन
विज्ञापन
गौरतलब है कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए संविदा पर 76 कर्मियों की संविदा पर भर्ती की जानी थी। एक बार ये प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। तब आवेदकों ने धांधली का आरोप लगाया था। इसके बाद जांच पड़ताल हुई और भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद शासन से 31 मार्च तक इस प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।
विज्ञापन
इस क्रम में 14 मार्च को एएनएम, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, डॉक्टर समेत 76 पदों के लिए साक्षात्कार हुआ था। 31 मार्च की देर शाम चयन सूची चस्पा की गई जबकि शासनादेश के अनुसार 31 मार्च तक चयनितों को ज्वाइंग दिलानी थी। आरोप है कि समय सीमा बीतने के बाद एक अप्रैल को अधिकारी चयनित आवेदकों को बैक डेट में ज्वाइनिंग दिलाने क ी
विज्ञापन
तैयारी में थे। चयनित अभ्यर्थी कागजात लेकर दफ्तर भी पहुंच गए थे। इसी दौरान वंचित रहे आवेदकों ने सीएमओ कार्यालय में हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि चयन
प्रक्रिया नियम के विरुद्ध की जा रही है। साक्षात्कार 14 मार्च को हो गया था तो फिर चयन सूची को आउट करने में इतनी देरी क्यों हुई? अश्विनी वर्मा, दीपक, आफताब, राजेश समेत दर्जनों आवेदकों ने सीएमओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की जांच कर भर्ती प्रक्रिया को नए सिरे से कराने की मांग की है।
चयनितों का मांगा मोबाइल नंबर
चयन प्रक्रिया पर सवालों के बीच में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने चयनित अभ्यर्थियों का मोबाइल नंबर दफ्तर में दर्ज कराने के लिए कहा है। कर्मचारियों का कहना था कि उनका ही चयन होगा। साहब आ जाएंगे तो उन्हें फोन से अवगत करा दिया जाएगा और तय समय पर दफ्तर बुला लिया जाएगा। कर्मचारी की बात पर कई चयनित अभ्यर्थियों ने अपने मोबाइल नंबर और जरूरी कागज जमा भी किए।
वर्जन
31 मार्च को अभ्यर्थियों की चयन सूची चस्पा की गई। इस दौरान ज्वाइनिंग कराने का समय नहीं था। लिहाजा शासन से समय अवधि बढ़ाने की मांग की गई है। समय मिलने के बाद ही ज्वाइनिंग कराई जाएगी। जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह बेबुनियाद हैं। पूर्व की भर्ती प्रक्रिया से मेरा कोई लेनादेना नहीं है। -अजीत कुमार जायसवाल,
मुख्य चिकित्साधिकारी, जालौन