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Jalaun News: छौंक फर्जी बैनामा कांड का मास्टरमाइंड आशिक बाबा गिरफ्तार
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कालपी (उरई)। छौंक फर्जी बैनामा कांड के मास्टरमाइंड आशिक बाबा को पुलिस ने बृहस्पतिवार उसके एक साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया है। वह लंबे समय से पुलिस और एसआईटी को चकमा दे रहा था।
कालपी कोतवाली क्षेत्र के छौंक गांव निवासी विद्यावती की वर्ष 2023 में हाईवे किनारे स्थित कीमती भूमि का फर्जी तरीके से बैनामा कर दिया गया था। काफी समय बाद जब भूस्वामिनी को इसकी जानकारी हुई तो क्रेता कोमल सिंह यादव की तहरीर पर पुलिस ने छह नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए और इस कांड में लाखों रुपये की बरामदगी के साथ करीब दो दर्जन से अधिक लोग जेल भेजे जा चुके हैं। इनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्हें जालसाजों ने फर्जी विद्यावती के रूप में इस्तेमाल किया था। जांच का दायरा जनपद से निकलकर औरैया और उन्नाव तक जा पहुंचा।
मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने कुछ माह पूर्व गैर जनपद से फर्जी रजिस्ट्री कराने वाली महिला विद्यावती को गिरफ्तार किया था। इसी दौरान मास्टर माइंड के रूप में राजेपुरा निवासी आशिक बाबा का नाम सामने आया था। इसके बाद से ही एसआईटी और एसओजी उसकी तलाश में जुटी थी। बृहस्पतिवार को पुलिस ने आशिक बाबा को उसके साथी पुखरायां के अहरौली निवासी रिफाक अहमद को गिरफ्तार कर लिया। रिफाक अहमद पर आधार कार्ड में गड़बड़ी करने का आरोप है। कार्रवाई एसआईटी प्रभारी एवं कुठौंद थाना प्रभारी अजय पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया।
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जांच में लापरवाही पर दो निरीक्षक हो चुके हैं निलंबित
इस मामले में वर्ष 2023 में दर्ज मुकदमे की शुरुआती जांच कोतवाली के अतिरिक्त निरीक्षक मोहम्मद अशरफ को सौंपी गई थी। बाद में जांच पर सवाल उठे तो निरीक्षक परमहंस तिवारी की अगुवाई में एसआईटी गठित की गई। जांच में लापरवाही के आरोप में मोहम्मद अशरफ और परमहंस तिवारी को निलंबित कर दिया गया। वर्तमान में अजय पाठक के नेतृत्व में एसआईटी जांच कर रही है, जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
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कालपी कोतवाली क्षेत्र के छौंक गांव निवासी विद्यावती की वर्ष 2023 में हाईवे किनारे स्थित कीमती भूमि का फर्जी तरीके से बैनामा कर दिया गया था। काफी समय बाद जब भूस्वामिनी को इसकी जानकारी हुई तो क्रेता कोमल सिंह यादव की तहरीर पर पुलिस ने छह नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए और इस कांड में लाखों रुपये की बरामदगी के साथ करीब दो दर्जन से अधिक लोग जेल भेजे जा चुके हैं। इनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्हें जालसाजों ने फर्जी विद्यावती के रूप में इस्तेमाल किया था। जांच का दायरा जनपद से निकलकर औरैया और उन्नाव तक जा पहुंचा।
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मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने कुछ माह पूर्व गैर जनपद से फर्जी रजिस्ट्री कराने वाली महिला विद्यावती को गिरफ्तार किया था। इसी दौरान मास्टर माइंड के रूप में राजेपुरा निवासी आशिक बाबा का नाम सामने आया था। इसके बाद से ही एसआईटी और एसओजी उसकी तलाश में जुटी थी। बृहस्पतिवार को पुलिस ने आशिक बाबा को उसके साथी पुखरायां के अहरौली निवासी रिफाक अहमद को गिरफ्तार कर लिया। रिफाक अहमद पर आधार कार्ड में गड़बड़ी करने का आरोप है। कार्रवाई एसआईटी प्रभारी एवं कुठौंद थाना प्रभारी अजय पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया।
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जांच में लापरवाही पर दो निरीक्षक हो चुके हैं निलंबित
इस मामले में वर्ष 2023 में दर्ज मुकदमे की शुरुआती जांच कोतवाली के अतिरिक्त निरीक्षक मोहम्मद अशरफ को सौंपी गई थी। बाद में जांच पर सवाल उठे तो निरीक्षक परमहंस तिवारी की अगुवाई में एसआईटी गठित की गई। जांच में लापरवाही के आरोप में मोहम्मद अशरफ और परमहंस तिवारी को निलंबित कर दिया गया। वर्तमान में अजय पाठक के नेतृत्व में एसआईटी जांच कर रही है, जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।