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अन्ना मवेशियों की गूंज रेलवे बोर्ड तक पहुंची
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रेलवे क्रॉसिंग पर लोगों को जागरुक करते आरपीएफ जवान
- फोटो : ORAI
उरई। अन्ना मवेशियों को आए दिन रेलवे ट्रैक को बाधित करने की गूंज रेलवे बोर्ड तक पहुंच गई है। रेलवे बोर्ड ने पत्र भेजकर इस मामले का पूरा ब्योरा तलब किया है। इसके बाद शुक्रवार को एक बार फिर आरपीएफ ने रेलवे क्रासिंग और ट्रैक के किनारे बसे गांवों में जाकर लोगों को जागरूक किया।
बता दें कि आए दिन अन्ना मवेशियों के रेलवे ट्रैक पर आने के कारण रेल संचालन प्रभावित हो रहा था। कई बार मवेशियों के कटने के कारण ट्रेन भी रोकनी पड़ती थी। इस मुद्दे को अमर उजाला प्रमुखता से प्रकाशित कर रहा था। इसकी गूंज रेलवे बोर्ड तक पहुंच गई थी। आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव उपाध्याय ने बताया अन्ना मवेशियों के कारण हो रही समस्या के बारे में लोगों को जागरूक करने का निर्णय लिया गया है।
शुक्रवार को आरपीएफ दरोगा किशनलाल, रामऔतार, धीरसिंह, रामप्रताप आदि ने रेलवे क्रासिंग गेट नंबर 172, 170,179 पर जागरुकता अभियान चलाकर क्रासिंग से निकलने वाले राहगीरों को सतर्क रहने को कहा। इसके बाद शहपुरा, खेराकलां, कपासी, भुआ, बड़ागांव आदि गांवों में जाकर प्रधानों व ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें समझाया कि ट्रैक पर मवेशियों के कारण संचालन प्रभावित होता है। यह दंडनीय अपराध भी है। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ है। उन्होंने बताया कि अब मवेशी छोड़ने वाले पशुपालकों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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बता दें कि आए दिन अन्ना मवेशियों के रेलवे ट्रैक पर आने के कारण रेल संचालन प्रभावित हो रहा था। कई बार मवेशियों के कटने के कारण ट्रेन भी रोकनी पड़ती थी। इस मुद्दे को अमर उजाला प्रमुखता से प्रकाशित कर रहा था। इसकी गूंज रेलवे बोर्ड तक पहुंच गई थी। आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव उपाध्याय ने बताया अन्ना मवेशियों के कारण हो रही समस्या के बारे में लोगों को जागरूक करने का निर्णय लिया गया है।
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शुक्रवार को आरपीएफ दरोगा किशनलाल, रामऔतार, धीरसिंह, रामप्रताप आदि ने रेलवे क्रासिंग गेट नंबर 172, 170,179 पर जागरुकता अभियान चलाकर क्रासिंग से निकलने वाले राहगीरों को सतर्क रहने को कहा। इसके बाद शहपुरा, खेराकलां, कपासी, भुआ, बड़ागांव आदि गांवों में जाकर प्रधानों व ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें समझाया कि ट्रैक पर मवेशियों के कारण संचालन प्रभावित होता है। यह दंडनीय अपराध भी है। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ है। उन्होंने बताया कि अब मवेशी छोड़ने वाले पशुपालकों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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